सरकार ने एक्सिस बैंक में हिस्सेदारी बिक्री से 8,500 करोड़ रुपए जुटाए

निवेशकों की ओर से मिली उत्साहजनक प्रतिक्रिया से सरकार को सीपीएसई ईटीएफ व एक्सिस बैंक में हिस्सेदारी बिक्री से 8,500 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जुटाने में मदद मिली है। इससे राजकोषीय घाटे को और कम किया जा सकेगा।

Updated: Mar 21, 2014, 09:18 PM IST

नई दिल्ली : निवेशकों की ओर से मिली उत्साहजनक प्रतिक्रिया से सरकार को सीपीएसई ईटीएफ व एक्सिस बैंक में हिस्सेदारी बिक्री से 8,500 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जुटाने में मदद मिली है। इससे राजकोषीय घाटे को और कम किया जा सकेगा।
केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (सीपीएसई) के ईटीएफ को अब तक एफआईआई सहित विभिन्न निवेशकों से कुल मिलाकर 4,000 करोड़ रुपए की बोलियां मिल चुकीं हैं। हालांकि, लक्ष्य 3,000 करोड़ रुपए था। सरकार अतिरिक्त राशि लौटा देगी और सिर्फ 3,000 करोड़ रुपए रखेगी।
सरकार ने एक्सिस बैंक में अपनी 9 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर 5,550 करोड़ रुपए से अधिक राशि जुटाई है। बैंक में सरकार की एसयूयूटीआई के जरिए हिस्सेदारी थी। शेयर बाजारों के आंकड़ों के मुताबिक, एक्सिस बैंक के 4.2 करोड़ शेयर 1,315.13 रुपए प्रति शेयर के औसत मूल्य पर बेचे गए।
इससे सरकार को 5,557 करोड़ रुपए की राजस्व प्राप्ति हुई। सीपीएसई ईटीएफ व एक्सिस बैंक में हिस्सेदारी बिक्री से सरकार को तय अनुमान से अधिक राशि प्राप्त हुई है, जिससे राजकोषीय घाटे को कम करने में मदद मिलेगी। सरकार ने 2014 के अंतरिम बजट में चालू वित्त वर्ष के लिए राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को 4.8 प्रतिशत से घटाकर 4.6 प्रतिशत कर दिया था। (एजेंसी)