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ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर फेस्टिवल सेल पर कैट ने जताया एतराज, वित्त मंत्री को लिखा पत्र

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया और राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने ई-कॉमर्स पोर्टल की बिक्री की वैधता पर सवाल उठाए.

ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर फेस्टिवल सेल पर कैट ने जताया एतराज, वित्त मंत्री को लिखा पत्र
भरतिया और खंडेलवाल ने संयुक्त बयान में कहा कि ये ई-कॉमर्स पोर्टल पॉलिसी को काफी प्रभावित कर रहे हैं और अपने संबंधित पोर्टल पर बिक्री में लगे हुए हैं, जो ऑफलाइन बाजार को नुकसान पहुंचा रहे हैं.

नई दिल्ली: आगामी त्योहारी सीजन पर ऑनलाइन बिक्री को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न ई-कामर्स पोर्टल्स ने फेस्टिवल सेल लगाने की घोषणा की है. इस पर गंभीर एतराज़ जताते हुए कन्फ़ेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से आग्रह किया है कि इस प्रकार की फेस्टिवल सेल पर रोक लगाई जाए. बता दें कि हाल ही में पीयूष गोयल ने इस मुद्दे पर संज्ञान लेकर स्पष्ट रूप से कहा था कि सरकार किसी भी पोर्टल पर लागत से भी कम मूल्य पर माल बेचने की क़तई अनुमति नहीं देगी.

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया और राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने ई-कॉमर्स पोर्टल की बिक्री की वैधता पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि बिक्री केवल वो ही लोग कर सकते हैं, जो स्टॉक के मालिक हैं. जबकि, यह पोर्टल केवल एक मार्केट्प्लेस हैं और बेचे जाने वाले सामान के मालिक नहीं हैं. एफडीआई नीति 2016 की प्रेस नोट संख्या 2 के अनुसार ये किसी भी बिक्री या कीमतों को प्रभावित नहीं कर सकतीं. इस लिहाज़ से ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा इस प्रकार की सेल लगाना पॉलिसी का उल्लंघन है.

 

उन्होंने कहा कि इन ई-कॉमर्स पोर्टल्स में बड़ी संख्या में वेयरहाउस भी हैं. जब ये केवल मार्केट्प्लेस हैं, तो उन्हें गोदाम रखने की क्या आवश्यकता है. यह दर्शाता है कि वे स्टॉक रख रहे हैं, जो पॉलिसी के माध्यम से वे नहीं कर सकते. इसके अलावा, विभिन्न पोर्टलों पर कैश बैक को भी रोका जाना चाहिए, क्योंकि यह कीमतों को प्रभावित करता है.

भरतिया और खंडेलवाल ने संयुक्त बयान में कहा कि ये ई-कॉमर्स पोर्टल पॉलिसी को काफी प्रभावित कर रहे हैं और अपने संबंधित पोर्टल पर बिक्री में लगे हुए हैं, जो ऑफलाइन बाजार को नुकसान पहुंचा रहे हैं. कैट ने अन्य क्षेत्रों जैसे ट्रांसपोर्ट, एमएसएमई, किसान, उपभोक्ता, स्वयं उद्यमी और महिला उद्यमी, हॉकर्स आदि का इस सप्ताह में एक सम्मेलन आयोजित करने की योजना बनाई है और सरकार से इस साल की ऑनलाइन बिक्री में फेस्टिवल सेल पर रोक लगाने का आग्रह किया जाएगा. उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो कैट इस तरह की त्योहारी बिक्री को रोकने के लिए न्यायालय की शरण भी लेगी, क्योंकि यह स्पष्ट रूप से नीति का उल्लंघन है.

कैट ने कहा है कि उसने सरकार को इन ई-कॉमर्स कंपनियों के बारे में कई बार सूचित किया है, जो कथित रूप से लागत से भी कम मूल्य पर माल बेचना, गहरी छूट और हानि वित्तपोषण जैसे कुप्रभावों में शामिल हैं, जिससे बाजार में असमान स्तर का खेल मैदान बना है. कैट ने ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा गहरी छूट के सभी उदाहरणों को उजागर करने के लिए एक श्वेत पत्र तैयार करने का भी निर्णय लिया है और सरकार को भी प्रस्तुत करेगा. कैट ने पीयूष गोयल से ई-कॉमर्स नीति के मसौदे को रोल आउट करने का भी आग्रह किया है, क्योंकि यह ई-कॉमर्स पोर्टलों पर पारदर्शी तरीके से काम करने के लिए किसी भी प्रकार की दुर्भावना के साथ काम नहीं करेगा.