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ठेका लेने के बदले रिश्वत देने का आरोप, सीबीआई ने दर्ज किया मामला

सीबीआई ने एचएएल, गेल और ओएनजीसी के अधिकारियों को ठेका लेने के लिये रिश्वत देने के आरोप में रॉल्स रायस समेत आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. इन लोगों में कंपनी के अधिकारी भी शामिल हैं.

ठेका लेने के बदले रिश्वत देने का आरोप, सीबीआई ने दर्ज किया मामला

नई दिल्ली : सीबीआई ने एचएएल, गेल और ओएनजीसी के अधिकारियों को ठेका लेने के लिये रिश्वत देने के आरोप में रॉल्स रायस समेत आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. इन लोगों में कंपनी के अधिकारी भी शामिल हैं. सीबीआई की तरफ से दर्ज की गई एफआईआर के अनुसार रॉल्स रायस ने एचएएल, गेल और ओएनजीसी का ठेका लेने के लिए लिए इंटीग्रिटी पैक्ट का पालन नहीं किया. रॉल्स रायस ने ठेका लेने के दौरान इस बात को छिपाया कि उसने भारत में इन कंपनियों से सौदा लेने के लिये एशमोर प्राइवेट लिमिटेड, सिंगापुर के डायरेक्टर अशोक पतनी को नियूक्त किया है. ये ठेका लेने की शर्तों का उल्लंघन था. अशोक पतनी की कंपनी को रॉल्स रायस परचेज ऑर्डर की कीमत के हिसाब से 10 से 11.3%  कमीशन देने का कॉन्ट्रैक्ट किया.

एफआईआर में आरोप है साल 2000-2013 के बीच 4700 करोड़ का बिजनेस किया और इसमे हो सकता है कि कमिशन देकर ये बिजनेस लिया गया हो इसकी जांच की जानी जरुरी है. सीबीआई की एफआईआर के अनुसार ठीक इसी तरह का कॉन्ट्रैक्ट रॉल्स रायस ने गेल और ओएनजीसी के साथ भी किया और 2007-2011 के दौरान 73 सौदे ओएनजीसी के साथ किये और इसके बदले में रॉल्स रायस ने करीब 29.81 करोड़ रुपये अशोक पतनी को दिये. कंपनी ने 68 सौदे गेल के साथ किये, जिसका कमीशन 11.3% के हिसाब से अशोक पतनी को दिया गया.

सीबीआई ने जांच में पाया कि रॉल्स रायस ने 2008-09 में गेल को स्पेयर पार्टस सप्लाई करने के लिये मैसर्स टर्बोटेक एनर्जी सर्विस इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड और अशोक पतनी की कंपनी मैसर्स इनफिनिटी के साथ कॉन्ट्रैक्ट किया. रॉल्स रायस ने  अशोक पतनी की कंपनी को गेल को बिना कमीशन की जानकारी दिये रख लिया. विजयपुर-दादरी- बवाना के पाईपलाईन प्रोजेक्ट के लिये 2% का कमीशन तय किया गया जिसमें 28.9 करोड़ रुपये कमिशन के तौर पर दिए गए.

सीबीआई ने मामला दर्ज करने से पहले 21-03-2014 को पीई यानी प्राथमिक जांच शुरु की थी और उसमें पाया कि रॉल्स रायस ने अशोक पतनी की कंपनी एशमोर प्राइवेट लिमिटेड के एचएसबीसी, सिंगापुर बैंक खाते-8205-072850-0001, 260-655741-178, यूनाइटेड ओवरसीज बैंक लिमिटेड, सिंगापुर 101-348-103-8 में करीब 75 करोड़ का कमीशन दिया गया था जोकि इन सरकारी अधिकारियों को किकबैक के जरिये दिया गया होगा.

सीबीआई ने जांच के दौरान अशोक पतनी और एशमोर प्राइवेट लिमिटेड से काफी बार उन बैंक खातों की जानकारी मांगी जिसमें रॉल्स रायस ने कमिशन के तौर पर पैसे भेजे है ताकी एचएएल, गेल, ओएनजीसी के भ्रष्ट अधिकारियों के बारे में भी पता लगाया जा सके लेकिन कंपनी ने कोई जानकारी नहीं दी. हालांकि सीबीआई की इस एफआईआर के बाद रॉल्स रायस ने बयान जारी कर कहा है कि CBI द्वारा दर्ज की गयी FIR की जानकारी मिली है और और एंजेसी के संर्पक करने पर उनके साथ सहयोग करेंगे.

मामला रॉल्स रायस के पुराने एनर्जी बिजनेस से जुड़ा है, नाकी डिफेंस, सिविल एयरोस्पेस और पॉवर सिस्टम. बिजनेस में किसी भी तरह के गलत काम को बर्दाशत नहीं किया जायेगा और उच्च मापदंडो के साथ कंपनी काम करती है. फिलहाल भारत में इन एनर्जी डील से जुड़ा कोई भी कर्मचारी काम नहीं कर रहा है. भारत रॉल्स रायस के लिये एक बड़ा बिजनेस सेंटर है और काफी सारे स्किलड लोग भारत में कंपनी के लिये काम कर रहे है.