सरकार के एक कदम उठाने से बढ़ जाएगी मकानों की बिक्री, आम आदमी को होगा फायदा

रीयल एस्टेट कंपनियों के संगठन क्रेडाई (CREDAI) ने कहा कि यदि अंडर कंस्ट्रक्शन फ्लैट पर जीएसटी की दर को घटाकर 3 और  5 प्रतिशत किया जाता है तो मकानों की बिक्री रफ्तार पकड़ेगी.

सरकार के एक कदम उठाने से बढ़ जाएगी मकानों की बिक्री, आम आदमी को होगा फायदा

नई दिल्ली : रीयल एस्टेट कंपनियों के संगठन क्रेडाई (CREDAI) ने कहा कि यदि अंडर कंस्ट्रक्शन फ्लैट पर जीएसटी की दर को घटाकर 3 और  5 प्रतिशत किया जाता है तो मकानों की बिक्री रफ्तार पकड़ेगी. माना जा रहा है कि जीएसटी परिषद द्वारा गठित मंत्रियों का समूह कर दरें कम करने की सिफारिश कर सकता है. मंत्रियों का समूह (GoM) निर्माणाधीन आवासीय परियोजनाओं के मकानों पर इस कर की दर को 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने के पक्ष में है.

किफायती आवास पर 5 फीसदी दर घटाने का फैसला
जीएसटी परिषद ने रीयल एस्टेट क्षेत्र की दिक्कतों या चुनौतियों का पता लगाने और कर दरों की समीक्षा के पिछले महीने गुजरात के डिप्टी सीएम नितिन पटेल की अध्यक्षता में मंत्रीस्तरीय समूह गठित किया गया था. समूह ने बैठक में किफायती आवास पर जीएसटी को 8 प्रतिशत से घटाकर 3 प्रतिशत करने का भी पक्ष लिया है. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए क्रेडाई के अध्यक्ष जैकसी शाह ने कहा कि यदि जीएसटी की दरों को घटा दिया जाता है तो लोग घर खरीदना शुरू कर देंगे.

उन्होंने कहा कि लोगों ने मौजूदा समय की जीएसटी अधिक होने की वजह से मकान खरीदने के फैसलों को फिलहाल के लिए टाल दिया है. इस कदम से ग्राहकों जीएसटी का प्रभाव कम करने और डेवलपरों के लिए अनुपालन आवश्यकताओं को सरल बनाने में मदद मिलेगी. रियल एस्टेट सेक्टर और घर खरीदारों को राहत देने के लिए बनी जीओएम की पहली बैठक शुक्रवार को हुई.

बैठक में अलग- अलग पहलुओं पर चर्चा की हुई. दो दिन तक चली बैठक में जीओएम की तरफ से अपनी सिफारिशों को जीएसटी काउंटसिल को सौंपा जाएगा. सूत्रों का दावा है कि सरकार अफोर्डेबल हाउसिंग पर भी राहत देने का मन बना रही है. जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक में इन सिफारिशों पर चर्चा होने की उम्मीद है.

(इनपुट एजेंसी से)