कोलकाता की इस कंपनी की संपत्ति दूसरी बार कुर्क की गई, ED ने जुटाए 483 करोड़

इस समूह ने बैंक ऑफ इंडिया और आंध्रा बैंक से 2008 में 524 करोड़ रूपये का कर्ज लिया था. उसने कर्ज लेकर उसका मुखौटा कंपनियों में इस्तेमाल किया और बैंकों के साथ कथित रूप से धोखाधड़ी की.

कोलकाता की इस कंपनी की संपत्ति दूसरी बार कुर्क की गई, ED ने जुटाए 483 करोड़
कंपनी की 234 करोड़ रूपये की संपत्तियां 2016 में कुर्क की जा चुकी है. (प्रतीकात्मक)

नई दिल्ली: करोड़ों रूपये के कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में कोलकाता के एक समूह की 483 करोड़ रूपये की संपत्ति प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कुर्क की है. अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि एजेंसी ने तायल ग्रुप ऑफ कंपनीज की संपत्तियों की कुर्की के लिए धनशोधन रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत अंतरिम आदेश जारी किया है. सूत्रों ने बताया कि इस समूह ने बैंक ऑफ इंडिया और आंध्रा बैंक से 2008 में 524 करोड़ रूपये का कर्ज लिया था. उसने कर्ज लेकर उसका मुखौटा कंपनियों में इस्तेमाल किया और बैंकों के साथ कथित रूप से धोखाधड़ी की.

कंपनी के खिलाफ PMLA का दूसरा मामला
तायल समूह के खिलाफ यह दूसरा पीएमएलए मामला है. वह यूको बैंक के साथ कथित रूप से धोखाधाड़ी करने को लेकर पहले से ही ईडी की जांच से गुजर रहा था और उसकी 234 करोड़ रूपये की संपत्तियां 2016 में कुर्क की जा चुकी हैं. ईडी यूको बैंक मामले में कोलकाता में विशेष पीएमएलए अदालत में आरोप-पत्र भी दायर कर चुका है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘एजेंसी इन कुर्कियों के मार्फत कर्ज धोखाधड़ी की करीब-करीब पूरी रकम वसूलने में कामयाब रही है और उसे अब न्यायिक कसौटी पर कसा जाएगा. दूसरे मामले में बैंक अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है.’’ 

CBI की प्राथमिकी पर हुई कार्रवाई
ईडी ने सीबीआई की प्राथमिकी के आधार पर कोलकाता के इस समूह के खिलाफ यह मामला अपने हाथ में लिया था. ईडी ने पहले कहा था, ‘‘जांच के दौरान खुलासा हुआ कि प्रवर्तक प्रवीण कुमार तायल के प्रतिनिधित्व वाली तायल ग्रुप ऑफ कंपनीज देश में कई बैंकों के साथ बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी करने में शामिल थे.’’ उसने कहा था, ‘‘जांच के दौरान सामने आया कि खास उद्देश्य के लिए तायल ग्रुप ऑफ कंपनीज द्वारा ली गयी रकम की फर्जी कंपनियों के मार्फत हेराफेरी की गयी है और फिर उसे अज्ञात गंतव्यों तक पहुंचा दिया गया.’’