लोकसभा चुनाव 2019 : क्या रघुराम राजन से कांग्रेस तैयार करवाएगी अपना विजन डॉक्यूमेंट?

कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, रघुराम राजन ने बेरोजगारी मुद्दे से निपटने के लिए कांग्रेस को एक नोट दिया है.

लोकसभा चुनाव 2019 : क्या रघुराम राजन से कांग्रेस तैयार करवाएगी अपना विजन डॉक्यूमेंट?
सूत्रों के मुताबिक हाल में राहुल गांधी और रघुराम राजन की कई बार बातचीत हुई है. (फाइल)

नई दिल्ली: अगले कुछ महीनों में लोकसभा चुनाव होने वाला है, जिसकी तैयारी जारी है. ऐसे में खबर आ रही है कि कांग्रेस पार्टी अपना विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने के लिए पूर्व RBI (रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया) गवर्नर रघुराम राजन की मदद लेगी. कांग्रेस चाहती है कि वे वर्तमान अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पार्टी की रणनीति बनाने में मदद करें. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी बेरोजगारी और कृषि के मुद्दे को लेकर वर्तमान सरकार पर लगातार हमलावर रहे हैं. ऐसे में वे चाहते हैं कि रघुराम राजन भारतीय अर्थव्यवस्था के अलावा इन दो मुद्दों पर पार्टी की मदद करें.

हाल ही में राहुल गांधी दुबई के दौरे पर थे. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उस दौरान राहुल गांधी की रघुराम राजन से बात हुई थी. कांग्रेस सूत्रों का यह भी कहना है कि रघुराम राजन ने बेरोजगारी के मुद्दों को हल करने का रास्ता भी बताया है. ऐसे में राहुल गांधी चुनावी अभियान में बेरोजगारी के मुद्दों पर इस रिपोर्ट की मदद लेंगे.

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रघुराम राजन UPA शासनकाल में अगस्त 2012 से सितंबर 2013 के बीच मुख्य आर्थिक सलाहकार थे. उसके बाद उन्हें RBI का गवर्नर नियुक्त किया गया. उन्हें सितंबर 2013 में ही रिजर्व बैंक का गवर्नर नियुक्त किया गया था. वे इस पद पर सितंबर 2016 तक रहे. इस दौरान कई मौकों पर उन्होंने वर्तमान सरकार के सुझावों को सिरे से नकार दिया था. मीडिया में लगातार खबरें आ रही थी कि उनकी और सरकार की बन नहीं रही है.

 

आखिरकर 4 सितंबर 2016 को कार्यकाल पूरा होने के बाद उन्होंने सेवा विस्तार लेने से इनकार कर दिया था. उनकी जगह पर उर्जित पटेल को RBI का नया गवर्नर नियुक्त किया गया था. उन्होंने 11 दिसंबर 2018 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद शक्तिकांत दास को 12 दिसंबर 2018 को RBI का नया गवर्नर नियुक्त किया गया.

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बता दें, सरकार के साथ मतभेद की खबरों को लेकर रघुराम राजन ने नकारते हुए कहा था कि वे निजी कारणों से इस पद पर नहीं बने रह पाए. उन्होंने कहा था कि वे वापस शिक्षा के क्षेत्र में जाना चाहते थे और परिवार की वजह से शिकागो लौटने का फैसला लिया. खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई मौकों पर कह चुके हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था में उनका योगदान बेहद महत्वपूर्ण है. एकबार पीएम मोदी ने तो यहां तक कहा था कि मुझे तो अर्थव्यवस्था के बारे ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन रघुराम राजन फाइल लेकर आते हैं और मुझे सबकुछ सिखा कर चले जाते हैं. इसके बाद मेरे लिए सबकुछ समझना और फैसले लेना आसान हो जाता है.