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वर्ल्डकप फाइनलः Boult की वो गलती जिसने तोड़ दिया कीवी टीम का सपना

फाइनल मैच में यूं तो हर मोड पर टर्निंग प्वाइंट आए लेकिन मैच के सबसे अहम मोड की बात करें तो वह था इंग्लैंड की पारी का 49वां ओवर. इस ओवर के शुरू होने से पहले इंग्लैंड को जीत के लिए 12 गेंदों पर 24 रन चाहिए थे...

वर्ल्डकप फाइनलः Boult की वो गलती जिसने तोड़ दिया कीवी टीम का सपना

लंदनः लॉर्ड्स मैदान पर इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप 2019 के फाइनल में ऐसा मुकाबला हुआ जिसे शायद किसी क्रिकेट प्रेमी ने देखा ना हो. पहले बैटिंग करते हुए न्यूजीलैंड टीम ने निर्धारित 50 ओवरों में 8 विकेट पर 241 रन बनाए. जवाब में इंग्लिश टीम भी 241 रन ही बना सकी. इसके बाद मैच सुपर ओवर तक गया, सुपर ओवर में इंग्लैंड ने बिना कोई विकेट गवाएं 15 रन बनाए. जवाब में न्यूज़ीलैंड की टीम भी 15 रन ही बना सकी. ऐसा में मैच का विजेता उसे घोषित करना होता है कि जिस टीम ने सबसे ज्यादा चौके लगाए. इंग्लैंड इस मामले में आगे रहा और टीम ने पहली बार वर्ल्डकप का खिताब अपने नाम किया. 

फाइनल मैच में यूं तो हर मोड पर टर्निंग प्वाइंट आए लेकिन मैच के सबसे अहम मोड की बात करें तो वह था इंग्लैंड की पारी का 49वां ओवर. इस ओवर के शुरू होने से पहले इंग्लैंड को जीत के लिए 12 गेंदों पर 24 रन चाहिए थे और उसके 6 खिलाड़ी आउट हो चुके थे. बेन स्ट्रोक्स 62 और लैम प्लुंकेट 9 रनों पर खेल रहे थे. 

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49वां ओवर कराने के लिए न्यूज़ीलैंड के जिमी नीशम आए, स्ट्राइक पर थे प्लुंकेट, पहली गेंद पर प्लुंकेट ने एक रन लिया. दूसरी गेंद पर स्ट्रोक्स ने भी एक रन लिया. तीसरी गेंद पर प्लुंकेट ने बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की लेकिन वह बाउंड्री पार न कर सके और बोल्ट ने उन्हें कैच कर लिया. इंग्लैंड के 7 विकेट हो चुके थे और मैदान पर पुच्छल्ले बल्लेबाज जोफ्र आर्चर खेलने के लिए आए. लेकिन स्ट्राइक चेंज हो चुकी थी और बॉलर के फेस करने के लिए स्ट्रोक्स सामने थे.

अब इंग्लैंड को जीत के लिए 9 गेंद पर 22 रन चाहिए थे. स्ट्रोक्स ने उठाकर मारा, गेंद हवा में बाउंड्री की तरफ जा रही थी, नीचे ट्रेंट बोल्ड फील्डर थे. बोल्ट ने गेंद को सीमा रेखा के अंदर ही पकड़ लिया. लेकिन अतिआत्मविश्वास में वह कैच पकड़ने के बाद एक कदम पीछे चले गए और उनका पांव बाउंड्री लाइन को छू गया. उन्होंने तुंरत गेंद को गप्टिल की तरफ फेंक दिया गप्टिल ने गेंद को लपक भी लिया था लेकिन...यह काम एक सेकेंड पहले हो जाता तो मैच का नतीजा कुछ और होता. 

अंपायर ने बोल्ट द्वारा की गई कैच को 6 रन करार दिया. इसके साथ ही इंग्लैंड को जीत के लिए अब 8 गेंदों पर 16 रन बनाने थे. स्टोक्स ने फिर बड़ा शॉट खेलना चाहा लेकिन एक रन ही बन सका. अब 7 गेंद पर 15 रन चाहिए थे. सामने जॉफ्र आर्चर थे नीशम ने अपने ओवर की आखिरी गेंद डाली और आर्चर को बोल्ड कर दिया. 

मैच के आखिरी ओवर में इंग्लैंड को जीत के लिए 15 रन चाहिए थे और उसका एक विकेट ही बचा था. आखिरी ओवर में बोल्ट की 6 की 6 गेंदे स्ट्रोक्स ने खेली और 15 रन ठोककर मैच को बराबरी पर ला दिया. अपने आखिरी ओवर में 15 रन खाने वाले बोल्ट को भी स्ट्रोक्स की कैच के दौरान की गई गलती का अहसास हो गया होगा. क्योंकि स्ट्रोक्स के आउट होते ही इंग्लैंड की टीम सिमट जाती और न्यूजीलैंड मैच को आसानी से जीत सकती थी.