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World Cup 2019: गंभीर-रोहित-युवराज सहित कई लोगों को हजम नहीं हो रहा है बाउंड्री नियम

विश्व कप फाइनल मुकाबला टाई होने के बाद सुपर ओवर भी टाई रहा जिसके बाद फैसला बाउंड्री काउंट से हुआ जिसके कई दिग्गजों ने असहमति जताई.

World Cup 2019: गंभीर-रोहित-युवराज सहित कई लोगों को हजम नहीं हो रहा है बाउंड्री नियम
क्रिकेट इतिहास में पहली बार कोई टीम बाउंड्री काउंट से कोई मैच जीती. (फोटो:Reuters)

लंदन: आईसीसी विश्व कप 2019 ( ICC World Cup 2019) का फाइनल मैच में आखिर विजेता का फैसला बाउंड्री के आधार पर हुआ. इंग्लैंड न्यूजीलैंड से यह मैच जीत गया क्योंकि उसकी टीम ने फाइनल में मैच में न्यूजीलैंड से 9 बाउंड्री ज्यादा लगाए थे. मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोर्गन ने कहा कि नियम पर उनका कोई नियंत्रण नहीं है, वहीं विलियम्सन ने कहा इस बारे में सोच कर वे मैदान में नहीं उतरे थे.  इसके अलावा दुनिया भर से इस नियम प्रतिक्रिया आ रही है इसमें भारत के कई पूर्व खिलाड़ियों सहित टीम इंडिया के रोहित शर्मा भी शामिल हैं.

क्या हुआ था मैच में 
न्यूजीलैंड ने पहले 50 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 241 रन बनाए जिसके जवाब में इंग्लैंड की टीम भी 50 ओवरों में 241 रन ही बना सकी, जिससे मैच सुपर ओवर में चला गया. यहां पहले इंग्लैंड ने 15 रन बनाए. उसके बाद न्यूजीलैंड को उसने भी 15 रन पर ही रोक दिया. इस स्थिति में नियम के मुताबिक फैसला इस बात पर होना था कि सबसे ज्यादा बाउंड्री किसने लगाई.इसमें  बाजी इंग्लैंड के हाथ लगी. इंग्लैंड ने दो छक्कों सहित 26 बाउंड्री लगाईं जबकि न्यूजीलैंड ने तीन छक्कों सहित 17 बाउंड्री लगाई.

 क्या कहा मोर्गन और विलियम्सन ने इस नियम के बारे में यह भी पढ़ें: World Cup 2019: क्या कहा बाउंड्री नियम के बारे में मोर्गन और विलियम्सन

क्या कहा गंभीर ने
2011 विश्व कप विजेता टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज रहे गौतम गंभीर ने इस नियम को वाहियात करार दिया. गंभीर ने कहा कि समझ में नहीं आता कि इस तरह का मैच का नतीजा बाउंड्री के आधार कैसे तय किया जा सकता है, यह एक वाहियात नियम है. यह टाई होना चाहिए था. मैंच दोनों ही टीमों को बधाई दूंगा. दोनों ही टीमें विजेता थीं.

वहीं रोहित शर्मा ने इस संयत तरीके सवाल उठाते हुए अप्रतय़क्ष रूप से कहा कुछ नियमों पर गंभीरता से पुनरविचार करने के जरूरत है. 

यह भी पढ़ें: World Cup 2019: नजदीक आकर खिताब गंवाने का मलाल, फिर भी इस बात से खुश रहे विलियम्सन

2011 विश्व कप के प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे युवराज सिंह ने आईसीसी के इस नियम से साफ तौर पर असहमति जताई. युवराज ने कहा, “मैं इस नियम से सहमत नहीं हूं, लेकिन नियम नियम होते हैं, इंग्लैंड को विश्व कप जीतने की बधाई. मेरा दिल कीवीयों के साथ है. वे अंत तक लड़े. यह महान फाइनल था. 

मोहम्मद कैफ ने भी इस नियम को भ्रामक करार देते हुए कहा, “ बाउंड्री नियम से फैसला करना भ्रामक रहा. अंपायरों का फाइनल में नियम न जानना मजाक बनकर रह गया. वह डिफ्लेक्टेड ओवर थ्रो जिस पर फैसला करने में उन्होंने समय लगाया.  अपंयार्स भी मनुष्य होते हैं लेकिन यह अक्षम्य है. 

उल्लेखनीय है कि यह पहला मौका है कि क्रिकेट इतिहास में किसी मैच का सुपर ओवर टाई हुआ हो. मजेदार संयोग यह कि ऐसा विश्व कप फाइनल मुकाबले में ही हुआ. अब तक विश्व कप (आईसीसी और उसके अलावा) फाइनल मुकाबलों में यह टाई होने का तीसरा मामला था. इससे पहले 184 में बेंसन एंड हेजस वर्ल्ड सीरीज के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज के बीच मुकाबला टाई रहा था. उसके बाद इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच नेटवेस्ट सीरीज का फाइनल मुकाबला भी टाई रहा था. वहीं विश्व कप वनडे मैचों में यह पांचवा मैच था जो टाई हुआ था. लेकिन सुपर ओवर टाई होने वाला यह पहला मुकाबला था.