आखिरकार अधूरी रह गई कादर खान की यह इच्छा, यहां पढ़ें कुछ अनसुनेे किस्से...

अभिनेता के साथ-साथ कादर खान एक प्रसिद्ध लेखक भी थे, जिन्‍होंने कई फिल्‍मों में अपने डायलॉग खुद ही लिखे. 

आखिरकार अधूरी रह गई कादर खान की यह इच्छा, यहां पढ़ें कुछ अनसुनेे किस्से...
कादर खान की अंत्येष्टि आज (मंगलवार) टोरंटो के कब्रिस्तान में की जाएगी (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता कादर खान अब हमारे बीच नहीं हैं. वह पिछले काफी दिनों से बीमार चल रहे थे. कादर खान के दिमाग ने काम करना बंद कर दिया था, इसलिए उन्हें हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था. कादर खान के परिवार में उनकी पत्नी हजरा, बेटा सरफराज, बहू और पोते-पोती हैं. न्यूज एजेंसी आईएएनएस के अनुसार एक करीबी रिश्तेदार अमहद खान ने बताया कि तड़के करीब चार बजे कादर खान का निधन कनाडा के टोरंटो में हो गया. उनकी अंत्येष्टि आज (मंगलवार) टोरंटो के कब्रिस्तान में की जाएगी. कादर खान की निधन से आज पूरा देश शोक में है. 

एक प्रसिद्ध लेखक भी थे कादर खान
बता दें, अभिनेता के साथ-साथ कादर खान एक प्रसिद्ध लेखक भी थे, जिन्‍होंने कई फिल्‍मों में अपने डायलॉग खुद ही लिखे. लेकिन सिर्फ अपने ही लिए नहीं, बल्कि बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्‍चन के भी कई सुपरहिट किरदारों और दमदार डायलॉग्‍स के पीछे कादर खान ही थे. जी हां, अमिताभ बच्‍चन की कई सुपरहिट फिल्‍में जैसे 'अमर अकबर एंथनी', 'लावारिस', 'शराबी', 'सत्ते पे सत्ता', 'नसीब', 'मुकद्दर का सिकंदर' के डायलॉग्‍स भी कादर खान ने ही लिखे थे. कादर खान ने 300 से ज्‍यादा फिल्‍में की हैं और 250 से ज्‍यादा फिल्‍में में उन्‍होंने डायलॉग लिखे हैं.

यह इच्छा रह गई अधूरी 
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कादर खान की एक इच्छा अधूरी रह गई. जी हां, कादर खान अमिताभ बच्चन, जया प्रदा और अमरीश पुरी को लेकर एक फिल्म 'जाहिल' बनाना चाहते थे. उस फिल्म का निर्देशन भी खुद कादर ही करना चाहते थे, लेकिन किस्मत को यह मंजूर नहीं थी. खबरों की मानें तो कादर खान की इस सोच के बाद ही फिल्म 'कुली' की शूटिंग के दौरान अमिताभ बच्चन को जबरदस्त चोट लग गई थी और बूरी तरह से घायल हो गए थे. इसके अमिताभ को कई महीने हॉस्पिटल में एडमिट होना पड़ा था.

इस दौरान अमिताभ से बनी थी दूरी
इसके बाद जब अमिताभ हॉस्पिटल से वापस आए, तो उस दौरान कादर खान अपनी दूसरी फिल्मों में व्यस्त हो गए. इसी बीच अमिताभ राजनीति में आ गए. खबरों की मानें तो इसी बीच अमिताभ और कादर के बीच दूरियां बनीं फिर कादर की इच्छा कभी पूरी नहीं हो सकी. बता दें, कादर खान का जन्म 12 नवंबर 1937 को अफगानिस्तान के काबुल में हुआ था. कादर खान ने अपनी पढ़ाई की शुरुआत एक म्युनिसिपल स्कूल से की थी. उसके बाद उन्होंने इस्माइल कॉलेज से अपने ग्रेजुएशन की पढाई पूरी की. उन्होंने इंजीनियरिंग में भी डिप्लोमा बी किया था.

प्रोफेसर भी चुके थे कादर खान
रिपोर्ट्स के अनुसार फिल्म जगत में आने से पहले कादर खान एक कॉलेज में प्रोफेसर भी थे. कादर खान के तीन बेटें हैं, जिसमें से एक कनाडा में रहता है. उनका एक बेटा सरफराज खान हिंदी फिल्म अभिनेता है. कादर खान मुंबई में रहते थे, लेकिन जब से उनकी तबीयत खराब हुई थी, तब से वह कनाडा के टोरंटो में रह रहे थे. कनाडा में ही कादर खान का ट्रीटमेंट चल रहा था और अंत कादर खान ने कनाडा में ही अपनी अंतिम सासें ली.

लगभग 300 से अधिक फिल्मों में किया काम
बता दें, कादर खान ने अपने फिल्मी करियर में अब तक करीबन 300 फिल्मों में अभिनय किया. इसके अलावा वह 1000 हिंदी व् उर्दू फिल्मों का संवाद लेखक भी रह किया. उन्होंने हिंदी सिनेमा में सबसे ज्यादा फिल्में बॉलीवुड एक्टर गोविंदा निर्देशक डेविड धवन के साथ की. उन्होंने कभी दर्शकों को कॉमेडी से गुदगुदाया तो कभी विलेन बन लोगों को डराया. कादर खान जो भी भूमिका निभाते थे, उसमें उसी तरह रम जाते हैं.

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