Movie Review : माधुरी दीक्षित-संजय दत्त की नाकाम मोहब्बत है 'कलंक', दिखेगा बंटवारे का दर्द

20 साल बाद पर्दे माधुरी दीक्षित और संजय दत्त की वापसी रील कपल के तौर पर हुई और उनके फैंस के लिए इसे ज्यादा खुशी की बात कुछ और नहीं हो सकती. 

Movie Review : माधुरी दीक्षित-संजय दत्त की नाकाम मोहब्बत है 'कलंक', दिखेगा बंटवारे का दर्द
(फोटो साभार- Instagram)

नई दिल्ली : करण जौहर के पिता का ड्रीम प्रोजेक्ट 'कलंक' भव्य सेट्स और बड़ी स्टारकास्ट के बीच एक दिल छू लेने वाली मोहब्बत की दास्तां है. आज रिलीज हुई इस फिल्म को देखने जाने का प्लान बना रहे हैं तो पहले जान ले कि इसकी कहानी क्या है. 

कहानी 
फिल्म की कहानी शुरू होती है आजादी से पहले के भारत में मौजूद हुसैनाबाद (जो अब पाकिस्तान का हिस्सा) जहां रूप (आलिया भट्ट) को मजबूरी में शादी देव (आदित्य रॉय कपूर) से शादी करके आना पड़ता है. देव (आदित्य रॉय कपूर) की पत्नी सत्या (सोनाक्षी सिन्हा) मरने वाली है और उससे पहले वो चाहती है कि देव (आदित्य रॉय कपूर) की जिदंगी में कोई आ जाए. देव (आदित्य रॉय कपूर) सत्या (सोनाक्षी सिन्हा) से इतना प्यार करता है कि रूप (आलिया भट्ट) को अपनी जिदंगी में जगह नहीं दे पाता. इसी बीच रूप को मिलता है जफर (वरुण धवन) जो हुसैनाबाद के बदनाम मोहल्ले रहता है. अपने हालातों से लड़ते हुए जफर (वरुण धवन) और रूप (आलिया भट्ट) दोनों को प्यार हो जाता है लेकिन तभी शहर के हालात हिंदू-मुस्लिम की लड़ाई में बंट गया है. अब देखना ये है कि क्या रूप और जफर मिल पाते हैं या नहीं या फिर उनका प्यार नफरत के कलंक में जल कर रह जाएगा. 

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माधुरी दीक्षित और संजय दत्त 20 साल बाद
वरुण धवन, आलिया भट्ट और आदित्य रॉय कपूर के लव ट्रायएंगल के बीच एक और मोहब्बत की कहानी फिल्म में दिखाई गई है. बाहर बेगम (माधुरी दीक्षित) और बलराज चौधरी (संजय दत्त) की जिसे नाजायज मोहब्बत का इल्जाम मिला है. 20 साल बाद पर्दे माधुरी दीक्षित और संजय दत्त की वापसी रील कपल के तौर पर हुई और उनके फैंस के लिए इसे ज्यादा खुशी की बात कुछ और नहीं हो सकती. दो बेटों के बाप के रोल में संजय दत्त बिलकुल फिट बैठते हैं तो वहीं प्रेमी की बेवफाई और बेटे की नफरत से जूझती मां के रोल में माधुरी दीक्षित कमाल लगती हैं. 

जफर के रोल में वरुण ने भर दी जान 
वरुण धवन इस फिल्म की जान हैं. जफर के रोल में इंतकाम और गुस्से से भरे बेटे के किरदार को वरुण ने पूरी सिद्दत से जिया है. शरुआत के कुछ मिनट हो सकता है आपको जफर पसंद न आए लेकिन उसके दिल में भरा प्यार और दर्द जब रूप के सामने आता है तो जफर से इश्क हो जाना लाजमी है. रूप के किरदार में एक बार फिर से आलिया ने दिल जीतने का काम किया है. वहीं संजीदा पति और बेटे के रोल में आदित्य रॉय कपूर की एक्टिंग अच्छी है. सत्या के रोल में  सोनाक्षी के पास करने को ज्यादा कुछ नहीं था. वहीं कियारा आडवानी के छोटे से रोल की कोई खास जरूरत नहीं थी. 

बॉक्स ऑफिस पर फिल्म का रिजल्ट 
खबरों की मानें तो फिल्म का टोटल बजट 80 करोड़ का है लेकिन लोक सभा चुनाव की वजह से बॉक्स ऑफिस पर काफी असर पड़ रहा है. इमोशनल ड्रामा और हिंदू-मुस्लिम के प्यार बनी कहानी लोगों क दिल जीतने में कामयाब हो सकती है. फिल्म पहले दिन 10 से 15 करोड़ का बिजनेस कर सकती है. फिल्म का म्यूजिक और गाने पहले ही हिट हो चुके हैं जिसका फायदा फिल्म की रिलीज को मिलना तय है. फिल्म की लेंथ को कम किया जा सकता था. इसके अलावा फिल्म में इमोशन, ड्रामा, एक्टिंग सब है बस स्क्रीनप्ले थोड़ा टाइट किया जा सकता था जो किरदारों को बिखरा-बिखरा दिखाने से बचा लेता. खैर करण जौहर की इस फिल्म को वन टाइम वॉच कहा जा सकता है और Zee News की तरफ से इसे 2.5 स्टार. 

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