कहीं Lockdown तो नहीं सुशांत सिंह राजपूत की मौत का कारण? जानिए डॉक्टरों की राय

सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) जैसे अभिनेता को भी डिप्रेशन रहा होगा. बिना डिप्रेशन खुदकुशी (Suicide) जैसा बड़ा कदम उठाना संभव नहीं है. बॉलिवुड में बतौर अभिनेता कोई व्यक्ति विभिन्न तरीकों के डिप्रेशन और दबाव के बीच रहता है. 

कहीं Lockdown तो नहीं सुशांत सिंह राजपूत की मौत का कारण? जानिए डॉक्टरों की राय
सुशांत सिंह राजपूत (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: कोरोना वायरस (Coroanvirus) महामारी और लॉकाडाउन (Lockdown) के बीच बॉलिवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) द्वारा खुदकुशी की खबर ने सभी को सदमे में डाल दिया है. एक यंग और टेलेंट से भरे अभिनेता का ऐसे जाना किसी को गंवारा नहीं हो सकता. लेकिन अब कई एक्सपर्ट सुशांत सिंह राजपूत के इस कदम को लॉकडाउन और डिप्रेशन से जोड़कर देख रहे हैं. 

डिप्रेशन का एक बड़ा कारण है लॉकडाउन
इंस्टिट्युट ऑफ ह्युमन बिहेवियर एंड एलॉयड साइंस (IHBAS) के डायरेक्टर डॉ. निमेश देसाई ने ज़ी न्यूज डिजिटल से बातचीत में कहा कि इस समय डिप्रेशन का एक बड़ा कारण लॉकडाउन भी है. लॉकडाउन के दौरान मानसिक रोगियों की संख्या में जबरदस्त इजाफा देखने को मिला है. बहुत संभव है कि लॉकडाउन में तमामा दबावों के कारण सुशांत सिंह राजपूत को भी मानसिक रोग हुआ हो. बिना डिप्रेशन खुदकुशी जैसा बड़ा कदम उठाना संभव नहीं है. बॉलिवुड में बतौर अभिनेता कोई व्यक्ति विभिन्न तरीकों के डिप्रेशन और दबाव के बीच रहता है. ऐसे में पिछले तीन महीने से चल रहा लॉकडाउन के बड़ी वजह हो सकता है.

मानसिक मरीजों में लॉकडाउन के दौरान 20 प्रतिशत का इजाफा
हाल ही में इंडियन साइकियाट्रिस्ट सोसाइटी की ओर से जारी ताजा रिपोर्ट के मुताबिक लॉकडाउन 1.0 के दौरान ही मानसिक बीमारियों में 20 फीसदी से ज्यादा का इजाफा देखा गया है. इन मानसिक बीमारियों में अवसाद, पारिवारिक कलेश, शारीरिक और मानसिक प्रताड़नाओं के मामले सामने आए हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान अवसाद होना या मानसिक बीमारियों के बढ़ने की संभावना ज्यादा रहती है. यही कारण है कि मंत्रालय पिछले तीन महीनों से मानसिक तनाव से दूर रहने के लिए कई दिशा-निर्देश जारी करता रहा है.

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बताते चलें कि लॉकडाउन के बीच अवसाद एक सामान्य लक्षण है. आर्थिक नुकसान जैसे तमाम खतरों को देखते हुए आम लोगों को डिप्रेशन होना लाजमी है. ऐसे में डाक्टरों की सलाह है कि तुरंत इसका इलाज किया जाना चाहिए. 

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