देश के हर कोने से आपके लिए मकर संक्रांति के ये खास पकवान, यहां पढ़ें रेसिपी

आमतौर पर पतंगों और दान पुण्य का ये पर्व 14 जनवरी के साथ ही, देश के कई प्रदेशो में 15 जनवरी को भी सेलिब्रेट किया जाता है.

देश के हर कोने से आपके लिए मकर संक्रांति के ये खास पकवान, यहां पढ़ें रेसिपी
फाइल फोटो

भारत एक ऐसा देश है जो वास्तव में कई अलग अलग संस्कृतियों को अपने अंदर समेटे हुए है. भारत में ऐसी कई चीजें हैं जो भारत के लोगों को एकजुट करती हैं. इन्हीं में से एक है यहां मनाए जाने वाले विभिन्न त्यौहार. मकर संक्रांति एक ऐसा ही त्योहार है जिसे भारत के विभिन्न क्षेत्रों में हर साल मनाया जाता है. आमतौर पर पतंगों और दान पुण्य का ये पर्व 14 जनवरी के साथ ही, देश के कई प्रदेशों में 15 जनवरी को भी सेलिब्रेट किया जाता है. भारत में कोई भी त्यौहार अपने स्पेशल खाने के बिना अधूरा होता है. तो आज हम लाएं हैं आपके लिए देश के हर कोने से ऐसी ही बेहद टेस्टी और खास डिशेज....

बिहार के रामदाने के लड्डू
बिहार अपने व्यंजनों के लिए खासा प्रसिद्ध है. इन्हीं में से एक है रामदाने के लड्डू जो हर साल मकर संक्रांति के पर्व पर बनाये जाते हैं. खूब सारे सूखे मेवे जैसे कि काजू, किशमिश और हरी इलायची के दानों से बनी ये डिश अपने आप में सबसे अलग है. इन सभी ड्रायफ्रूट्स को पिघले हुए गुड़ में मिलाकर लड्डू का आकर दे दिया जाता है.


रामदने के लड्डू

कर्नाटक का एलु बेला
"एलु बेला थिन्दु ओलू मथाड़ी" कन्नड़ भाषा की एक कहावत है जिसका सीधा मतलब है "गुड़ और तिल के बीजों का मिश्रण खाएं और अच्छा बोलें". एलु बेला कर्नाटक का एक व्यंजन है जिसे तिल, मूंगफली, कटा हुआ नारियल और गुड़ मिलाकर बनाया जाता है. यह पकवान, मिश्री के सांचे और गन्ने के टुकड़े के साथ, सर्व किया जाता है. मकर संक्रांति पर रिश्तेदारों और पड़ोसियों के साथ इसी डिश एलु बेला को बांटा जाता है.


एलु बेला

उत्तराखंड के घुघुते
उत्तराखंड के कुमाउनी क्षेत्र के लोगों के पास मकर संक्रांति मनाने का एक अनूठा तरीका है. उत्तराखंड में, इस त्योहार को घुघुतिया कहा जाता है और घुघुते इस अवसर को मनाने के लिए तैयार किया गया व्यंजन है. इस पकवान को बनाने के लिए गेहूं का आटा और गुड़ मिलाया जाता है. इसके बाद इस मिश्रण को अनार के फूल, चाकू, सर्पिल आदि जैसे विभिन्न आकारों में पीटा जाता है. इसके बाद, घी में घोल को तला जाता है और एक साथ मिलाकर एक माला बनाई जाती है, और इस पूरी व्यवस्था को घूघट कहा जाता है. बच्चे इन मालाओं को पहनते हैं और प्रवासी पक्षियों के स्वागत के प्रतीक के रूप में कौवों को ये मीठा खिलाने का प्रयत्न करते हैं. इसके बाद ये सबको सर्व की जाती है.


घुघुते

ओडिशा का मकर चौला
ओडिशा के लोग मकर संक्रांति को मकर चौला तैयार करके मनाते हैं. यह डिश पाउडर चावल, कसा हुआ नारियल, दूध, छोटे गन्ने के टुकड़े, पके केले, चीनी, काली मिर्च पाउडर, पनीर, कसा हुआ अदरक, और अनार के मिश्रण से बनती है. मकर संक्रांति पर मकर चौला नाम की ये डिश प्रसाद के रूप में परोसी जाती है.


मकर चौला

बंगाल का गोकुल पीठ 
गोकुल पीठ को बंगाल के घरों में पौष-परबोन (बंगाल में मकर संक्रांति को दिया गया नाम) के दिन बनाया जाता है. इसको बनाने के लिए कसा हुआ नारियल और गुड़ का मिश्रण आटे की छोटी गेंदों में भरा जाता है. इस गोल आकार के आटे को चपटा किया जाता है जिसे फिर तेल या घी में डीप फ्राई किया जाता है.


गोकुल पीठ