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डायबिटीज की जांच में अब नहीं होगा दर्द, वैज्ञानिकों ने ईजाद की नई तकनीक

यह नया शोध उपयोगकर्ताओं को दिनभर अपने ग्लूकोज स्तर की पूरी जानकारी और गंभीर हाइपोग्लाइसीमिया से बचने में मदद करेगा. 

डायबिटीज की जांच में अब नहीं होगा दर्द, वैज्ञानिकों ने ईजाद की नई तकनीक
इस समय उपयोग किया जाने वाला ग्लूकोज मॉनिटरिंग सिस्टम (सीजीएमएस) असहज करनेवाला है

लंदन: स्वीडन के शोधार्थियों ने मधुमेह पीड़ित लोगों के लिए एक माइक्रोनीडल पैच डिजाइन किया है, जिससे आप दर्द महसूस किए बिना पूरे दिन अपने ग्लूकोज स्तर की जांच कर पाएंगे. लगातार जांच रक्त में शर्करा की मात्रा को कम करने का सुरक्षित और असरदार तरीका है. यह नया शोध उपयोगकर्ताओं को दिनभर अपने ग्लूकोज स्तर की पूरी जानकारी और गंभीर हाइपोग्लाइसीमिया से बचने में मदद करेगा. 

वर्तमान में यूज होता है CJMS
लेकिन इस समय उपयोग किया जाने वाला ग्लूकोज मॉनिटरिंग सिस्टम (सीजीएमएस) असहज करनेवाला है, क्योंकि इसमें त्वचा में न्यूनतम 7 मिमी की सुई डालने की जरूरत होती है. अपने आकार के कारण यह केवल वसा ऊतक का ही माप लेती हैं जो सबसे आदर्श स्थान नहीं है. 

 

नया उपकरण है 50 गुणा छोटा
स्वीडन में केटीएच रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के शोधकर्ताओं द्वारा विकसित किया गया नया उपकरण इससे 50 गुना छोटा है. वहीं, इस उपकरण को बाजू में लगाने पर पैच के संयोजन और अत्यंत छोटे तीन इलेक्ट्रोड एंजाइमैटिक सेंसर रक्त शर्करा के स्तर को सही और गतिशील रूप से ट्रैक करने में सक्षम पाए गए. 

संस्थान में इस अध्ययन के शोथार्थी फेडेरिको राइब ने बताया, "हमारा शोध उपयोगकर्ताओं को बिना दर्द पहुंचाए सेवा देने पर केंद्रित है. हम सीधे त्वचा में मौजूद बहुत छोटे रक्त वाहिकाओं के एक समूह को मापते हैं और इसमें कोई तंत्रिका रिसेप्टर्स नहीं हैं." 

आखिर क्या है डायबिटीज के मामले बढ़ने का कारण
बढ़ते शहरीकरण, गतिहीन जीवनशैली, अस्वास्थ्यकर आहार, तंबाकू के बढ़ते सेवन और बढ़ती जीवन प्रत्याशा के कारण डायबिटीज के मामले बढ़ रहे हैं. डायबिटीज के कारण मरीज अंधेपन, किडनी फेलियर, हार्ट अटैक, स्ट्रोक और यहां तक कि लोवर लिंब एम्प्युटेशन का शिकार भी बन सकता है. सेहतमंद आहार, नियमित व्यायाम, सामान्य वजन एवं तंबाकू का सेवन न कर अपने आप को इस बीमारी से बचाया जा सकता है.