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बदलते मौसम में ज्यादा फैलता है मलेरिया, आज ही घर पर कर लें यह उपाय

अगर आप भी चाहते हैं कि आपके शरीर को बदलते मौसम में किसी तरह की परेशानी न हो इसलिए इसलिए आज हम आपके लिए लाए हैं मलेरिया से बचने के उपाय. 

बदलते मौसम में ज्यादा फैलता है मलेरिया, आज ही घर पर कर लें यह उपाय
* मलेरिया के मच्छर आवाज नहीं करते. इसलिए, जो मच्छर ध्वनि उत्पन्न करते हैं, वे बीमारियों का कारण नहीं बनते.

नई दिल्लीः राजधानी दिल्ली मे मौसम लगातार करवट ले रहा है. कभी बारिश से मौसम सुहाना हो रहा है, तो कई बार गर्मी लोगों को परेशान कर रही है. दिल्ली में बदलते मौसम के कारण लोगों को अक्सर डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों का सामना करना पड़ता है. क्योंकि इसी मौसम में सबसे ज्यादा मच्छर पनपते हैं, जो एक बार काट लें तो शरीर को बीमारियां घेर लेती है.

अगर आप भी चाहते हैं कि आपके शरीर को बदलते मौसम में किसी तरह की परेशानी न हो इसलिए इसलिए आज हम आपके लिए लाए हैं मलेरिया से बचने के उपाय. 

मलेरिया से बचने के कुछ सुझाव :

* घर में एकत्रित ताजे पानी में मलेरिया के मच्छर पनपते हैं. इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि अपने घर और आसपास के क्षेत्रों में पानी को जमा न होने दें. मच्छर का चक्र पूरा होने में 7-12 दिन लगते हैं. इसलिए, अगर पानी को स्टोर करने वाले किसी भी बर्तन या कंटेनर को सप्ताह में एक बार अच्छी तरह से साफ किया जाता है, तो मच्छरों के प्रजनन की कोई संभावना नहीं रहती है.

* मच्छर मनी प्लांट के गमले में या छत पर पानी की टंकियों में अंडे दे सकते हैं, अगर वे ठीक से कवर नहीं हैं. यदि छतों पर रखे गए पक्षियों के पानी के बर्तन को हर हफ्ते साफ नहीं किया जाता है, तो मच्छर उनमें अंडे दे सकते हैं.

* रात में मच्छरदानी या रेपेलेंट का उपयोग करने से मलेरिया की रोकथाम नहीं हो सकती, क्योंकि ये मच्छर दिन के समय काटते हैं.

* मलेरिया के मच्छर आवाज नहीं करते. इसलिए, जो मच्छर ध्वनि उत्पन्न करते हैं, वे बीमारियों का कारण नहीं बनते.

* फुल स्लीव्स की शर्ट और ट्राउजर पहनने से मच्छरों के काटने से बचा जा सकता है. मच्छर से बचाने वाली क्रीम दिन के दौरान सहायक हो सकती है.