समय से सर्वाइकल कैंसर की पहचान हो जाने पर लाखों महिलाओं की बचाई जा सकती है जान

सर्विकल कैंसर की वजह से मौत का शिकार हुई 10 में से नौ महिलाएं गरीब देशों की होती हैं.

समय से सर्वाइकल कैंसर की पहचान हो जाने पर लाखों महिलाओं की बचाई जा सकती है जान
प्रतीकात्मक तस्वीर

संयुक्त राष्ट्र: सर्विकल कैंसर की वजह से हर साल तीन लाख से अधिक महिलाओं की जान चली जाती है. अगर समय से इसके इलाज की दिशा में सही कदम नहीं उठाया गया तो हर साल मौत का शिकार होने वाली महिलाओं की संख्या 2040 तक करीब 50 फीसदी बढ़ जाएगी. विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर सोमवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने एक बयान में कहा कि प्रत्येक मिनट एक महिला में सर्विकल कैंसर होने का पता चलता है.

बयान में बताया गया कि सर्विकल कैंसर की वजह से मौत का शिकार हुई 10 में से नौ महिलाएं गरीब देशों की होती हैं और अगर इसको रोकने के लिए सही कदम नहीं उठाए गए तो इस बीमारी से मरने वालों की संख्या 2040 तक 50 फीसदी बढ़ जाएगी. सर्विकल कैंसर दरअसल कैंसर का वह रूप है जिसे रोका जा सकता है और इसका निदान हो सकता है. डब्ल्यूएचओ ने बताया कि इस बीमारी को रोकने के लिए यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि दुनिया के देशों में 9-14 साल की लड़कियों को ह्यूमन पेपिलोमावायरस का टीका लगाया जाए. 

(इनपुट भाषा से)