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बैंक अकाउंट जैसा ही है आपका शरीर, नहीं पता तो पढ़िए यह खबर

आप में से अधिकतर लोग शाम को चाय के साथ स्नैकस के रुप में गर्मा-गर्म पकौड़े, कचौड़ी, मैगी या समोसे खाना पसंद करते हैं और खाते भी हैं. बड़े शहरों में जो लोग अपने स्वास्थ्य को लेकर ज्यादा सावधान हैं, वो भी चाय के साथ बिस्कुट या कुकीज जरूर खाते हैं.

बैंक अकाउंट जैसा ही है आपका शरीर, नहीं पता तो पढ़िए यह खबर

नई दिल्ली : आप में से अधिकतर लोग शाम को चाय के साथ स्नैकस के रुप में गर्मा-गर्म पकौड़े, कचौड़ी, मैगी या समोसे खाना पसंद करते हैं और खाते भी हैं. बड़े शहरों में जो लोग अपने स्वास्थ्य को लेकर ज्यादा सावधान हैं, वो भी चाय के साथ बिस्कुट या कुकीज जरूर खाते हैं. हमारे देश में शाम को चाय के साथ लोगों को खाने के लिए कुछ न कुछ जरूर चाहिए. ये परंपरा हमारे यहां वर्षों से चली आ रही है. देश के ज्यादातर दफ़्तरों में भी यही परंपरा है. ख़ास तौर पर सरकारी दफ्तरों में बिना समोसे और पकौड़ों के तो शाम अधूरी रहती है.

बेवक्त की स्नैकिंग फिटनेस पर डालती है असर
ब्रेकफास्ट से लेकर डिनर तक हेल्दी ऑप्शन पर जमे रहने वाले लोग पकौड़े और समोसे की स्नैकिंग को न नहीं कह पाते. नतीजा वजन नापने वाली मशीन का कांटा टस से मस नहीं होता. ऐसे में समझना जरूरी है कि सिर्फ मेन डाइट ही नहीं बल्कि वक्त बेवक्त की स्नैकिंग भी आपके फिटनेस प्लान को पटरी से उतार सकती है. आप आगर तंदुरुस्त और फिट दिखना चाहते है तो सिर्फ एक्सरसाइज करने से काम नहीं बनने वाला. आपको आपनी बाहर की उल-जुलूल स्नैकिंग की आदत को भी बदलना होगा. अनहेल्थी स्नैकिंग आपके और आपके वजन कम करने के लक्ष्य के बीच सबसे बड़ी रुकावट है. एक बिस्किट, एक समोसा या एक टिक्की भी आपकी फिटनेस को नुकसनान पहुंचा सकती है.

स्नैकिंग में क्या -क्या?
हम ज्यादातर आटा और मैदा से बनी चीजें मसलन, समोसा, ब्रेड, बिस्कुट, भूजिया, आदि खाते हैं. बेकिंग सोडा, मैदा के साथ ये हाई कैलरी डाइट हैं. बच्चे हों या बड़े, सब चाइनीज फूड्स के दीवाने हैं. इनमें फाइबर्स नहीं होता और कैलरी भी ज्यादा होती है. जबकि हमें ऐसी चीजें खानी चाहिए, जिनमें सेचुरेटेड फैट, शुगर या आर्टिफिशल स्वीटनर, सोडियम, कैलरी आदि कम मात्रा में हों. ऑफिस-कॉलेज में समोसे, पकौड़े, चिप्स आदि सबके टाइमपास होते हैं, इनकी छोटी खुराक भी काफी कैलरी देती है. इनमें सोडियम भी काफी मात्रा में रहता है.

हेवी स्नैक्स का कैलरी पंच
ब्रेड पकोड़े (1 पीस) : 289 कैलरी
फ्रेंच फ्राइज (100 ग्राम) : 312 कैलरी
भुजिया (50 ग्राम) : 280 कैलरी
चीज सैंडविच : (2 स्लाइस ब्रेड ) : 280 कैलरी
मसाला नूडल्स (1 पैकेट) : 355 कैलरी

हेल्दी स्नैक्स का हिसाब-किताब
फ्रूट चाट (100 ग्राम) : 50 से 100 कैलरी
नट्स (10 ग्राम) : 60 से 65 कैलरी
रोस्टेड या उबला चना चाट (30 ग्राम) : 100 कैलरी
सलाद (100 ग्राम) : 30 कैलरी
बटरमिल्क (200 मिलि) : 70 कैलरी
ढोकला (100 ग्राम) : 150 कैलरी
खाखरा (50 ग्राम) : 120 कैलरी
मुरमुरा चाट (30 ग्राम) : 120 कैलरी

फिटनेस खराब करने के लिए 1 बिस्किट भी काफी
भूख के बहाने धीरे धीरे हम अपने शरीस में जो ठूस रहे है वो कितना फायदेमंद है सवाल शायद ही हम लोगों को सताता है. क्योंकि अगर यह ख्याल हमें परेशान करता तो यूं अपनी सेहत से खिलवाड़ कर हम चाट, समोसे, पकोड़े और मैगी का मजा लेते हुए खुश नजर नहीं आते. लोगों के अनहेल्थी खाने में छिपा टेस्ट नजर आता है लेकिन वो उनके शरीर में कितनी कैलरी बढ़ाकर उन्हें मोटा कर रहा है यह चिंता नहीं सताती. ठीक उसी तरह जैसे स्वास्थ्य मंत्रालय में चाय के साथ बिस्किट की पांबदी में भी लोगों को सेंस कम नजर आता होगा. बिस्किट कैसे किसी को मोटा बना सकता है. लेकिन आपको बता दें की 1 बिस्किट भी आपके फिटनेस को खराब करने के लिए काफी है.

वजन कम करने के लिए 80 प्रतिशत खाना जिम्मेदार
शाम का नाश्ता लोगों के शरीर में कैलोरी की मात्रा बढ़ाता है और फिर जिम में कितना ही पसीना क्यों न बहा लों वजन कम होने का नाम नहीं लेता. न्यूट्रीशनिस्ट, डॉक्टर शिखा शर्मा के मुताबिक वजन कम करने के लिए 80 प्रतिशत खाना जिम्मेदार है और 20 प्रतिशत कसरत. लोग क्या खाते है उस पर ही उनकी सेहत निर्भर करती है. एक समोसे में करीब 252 कैलोरी, एक पीस फ्राइड ढोकला 150 कैलोरी, एक पकौड़े में 76 कैलोरी, एक पीस आलू टिक्की में कम से कम 275 कैलोरी होती हैं जो आपके वजन घटाने के कार्यक्रम को फेल करने के लिए काफी है.

उम्र के हिसाब से कैलोरी की मात्रा
- एक साल के बच्चे को हर दिन 1000 कैलोरी की जरूरत होती है, जो कि हर साल 100-150 कैलोरी बढ़ती है.
- 12 साल की उम्र के बाद हर दिन शरीर को 2000 से 2400 कैलोरी की जरूरत होती है. यह फिजिकल एक्टिविटी के हिसाब से घटती-बढती है.

बैंक अकाउंट जैसा है आपका शरीर
शरीर के काम करने का तरीका बिल्कुल बैंक अकाउंट जैसा है और इसमें पैसे की जगह होती हैं कैलोरी. हर किसी की लंबाई, चौड़ाई, उम्र और दूसरे कारणों के हिसाब से उसे दिन में कुछ निश्चित कैलोरी चाहिए होती हैं. आप जो भी खाते हैं उसमें कैलोरी होती हैं. अगर दिन में 2000 कैलोरी की जरूरत पड़ती है और आप 2500 कैलोरी खा रहे हैं. ये अतिरिक्त 500 कैलोरी शरीर में चर्बी के तौर पर जमा होने लगेगी. अगर कैलोरी जरूरत से कम खा रहे हैं तो शरीर चर्बी को इस्तेमाल करने लगता है और वजन कम होने लगता है. हर उम्र के लगों के लिए तय कैलेोरी मात्रा का खाना बेहद जरूरी होता है.

कसरत क्यों खास असर नहीं करती
लगभग डेढ़ घंटा लगातार तेज चलें तो 300 कैलोरी खर्च होती हैं. जबकि एक समोसा ही लगभग 300 कैलोरी का होता है. इसका मतलब हुआ कि अगर लंबी दौड़ या जिम में घंटों बिताकर आपने एक पैकेट नूडल्स खा लिए तो सब किया धरा बराबर. वजन कम करने के लिए 80 प्रतिशत आपका खाना जिम्मेदार है और 20 प्रतिशत आपकी कसरत. अनहेल्थी स्नैक्स आप मजे से खा तो लेते है लेकिन वो आपको मोटा न बनाए इसके लिए कोई भी फिजिकल एक्टिविटी पर आप जोर नहीं देते, तो यह लोगों के लिए दोहरी मुसीबत है. यदि हमेशा फिजिकल एक्टिवटी करते है और जंक स्नैक्स के शौकीन है तो यकीन मानिए आप भी उन लोगों की ही कतार में खड़े हैं जो बिना एक्सरसाइज के अनफिट रहते है.

दो समासे मतलब जिम में दो दिन की मेहनत खराब
शरीर में कैलरी डालते जाना और एक्सरसाइज के जरीये उसे ही कम करते रहने से भी नतीजा निल बटे सन्नाटा ही होता है. फिटनेस एक्सपर्ट आलोक कुमार के मुताबिक "जो लोग जिम में एक्सरसाइज करते हैं और बाहर जंक फूड खाते हैं, उन्हें यह भी सोचना चाहिए कि जिम में 1 कैलरी बर्न करने के लिए कितनी वर्जिश करनी पड़ती है. 6 मैरी बिस्किट यानि 150 कैलरी और उसे शरीर से बर्न आउट करने के लिए 10 मिनिट तक लगातार स्किपिंग करना पड़ता है, तब जाकर लोग मोटे होने से बच सकते है. उसी तरह 1 समोसा यानी 260 कैलरी और 2 समोसे यानी 500 कैलरी. इसका मतलब हुआ कि आपको दो समोसे के लिए जिम में में दो दिन मेहनत करनी होगी.

फिटनेस के साथ एक ही चीज़ है, आपको इसे अपनी जीवन शैली का हिस्सा बनाना होगा. आज की तारीख में तमाम मोबाइल एप हैं जो लोगों की दिनचर्या, हाइट, वेट और उम्र के हिसाब से उनकी कैलोरी की जरूरत बता देंगे. इस हिसाब से भी कैलोरी बजट में खाने, और हेल्दी खाना खाने. साथ-साथ थोड़ी बहुत कसरत, चलना फिरना करने से फैट टू फिट को हासिल किया जा सकता है.