कश्मीर में सुरक्षाबलों पर 10 दिन में 6 बार ग्रेनेड हमले, ISI ने आतंकियों को दी बड़ी खेप

आतंकियों की तरफ से ग्रेनेड हमले की बढती घटनाओ के पीछे सबसे बड़ी वजह ये है की कश्मीर में मौजूद आतंकी संघटनों के पास काफी मात्रा में ग्रेनेड की नई खेप मिली है.

 कश्मीर में सुरक्षाबलों पर 10 दिन में 6 बार ग्रेनेड हमले, ISI ने आतंकियों को दी बड़ी खेप

नई दिल्ली : कश्मीर में पिछले कुछ दिनों में सुरक्षा बलों पर बढ़ते ग्रेनेड हमले की घटनाओं ने सभी सुरक्षा एजेंसीज की चिंता बढ़ा दी है. कश्मीर पुलिस की एक रिपोर्ट के मुताबिक कश्मीर में पिछले दस दिनों में आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर  6 बार ग्रेनेड से हमला किया है. आतंकियों की तरफ से ग्रेनेड हमले की बढती घटनाओ के पीछे सबसे बड़ी वजह ये है की कश्मीर में मौजूद आतंकी संघटनों के पास काफी मात्रा में ग्रेनेड की नई खेप मिली है.

कश्मीर पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक इस महीने की 10 जनवरी से लेकर 19 जनवरी के बीच आतंकियों ने लगातार ग्रेनेड से पुलिस और अर्धसैनिक  बलों को निशाना बनाया है. कश्मीर में तैनात सुरक्षा एजेंसी से जुड़े एक अधिकारी के मुताबिक ऐसा लगता है कि आईएसआई ने आतंकियों को काफी मात्रा में ग्रेनेड मुहैया कराया है. आतंकी जिस तरह से एक के बाद एक सुरक्षा बलों पर ग्रेनेड हमले कर रहे है उससे ये लगता है कि आईएसआई ने ये खेप उन तक पहुंचा दी है. हमें सतर्क रहना होगा. 26 जनवरी से पहले आतंकी ग्रेनेड हमले की और घटनाओ को अंजाम दे सकते हैं.

10 जनवरी से ग्रेनेड हमले की जो भी घटनाएं हुईं हैं उसकी पूरी रिपोर्ट कश्मीर पुलिस ने तैयार की है. रिपोर्ट के मुताबिक 11 जनवरी को करीब डेढ़ बजे श्रीनगर के लाल चौक पर सीआरपीएफ के मोबाइल बंकर पर आतंकियों ने ग्रेनेड हमला किया. उसी दिन शाम को श्रीनगर के लाल चौक पर दूसरा ग्रेनेड हमला किया गया, जिसके निशाने पर सीआरपीएफ के जवान थे. 17 जनवरी को एक बार फिर से श्रीनगर के राजबाघ में आतंकियों ने पुलिस पर ग्रेनेड से हमला किया, जिसमें 3 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए.

18 जनवरी को अलग अलग जगहों पर ग्रेनेड हमले की तीन घटनाएं हुईं. इसमें श्रीनगर के लाल चौक पर सीआरपीएफ के जवानों पर ग्रेनेड हमला हुआ फिर शोपिया में सीआरपीएफ और पुलवामा के पुलिस स्टेशन पर आतंकी ग्रेनेड हमला कर फरार हो गए.

सुरक्षा एजेंसी के एक अधिकारी के मुताबिक 6 में से 4 ग्रेनेड हमले शुक्रवार के दिन नमाज़ के तुरंत बाद किये गए, जिससे आतंकी भीड़ का फायदा उठा कर भाग सकें. आतंकियों के ज्यादातर ग्रेनेड 50 से 100 यार्ड्स के दूरी पर फटे हैं. इसका मतलब ये है की ग्रेनेड हमलावर का मकसद हिट एंड रन है जो नमाज़ के बाद भीड़ का फायदा उठा कर सुरक्षा बलों पर हमले कर रहा है.

पिछले साल आतंकियों की तरफ से सुरक्षाबलों पर ग्रेनेड हमले की घटनाओं के मुकाबले इन दस दिनों में जिस तरफ हमले हुए हैं. उससे ये साफ़ हो जाता है कि आतंकियों ने ग्रेनेड की खेप इकट्ठी कर ली है. कई बार वह सुरक्षा बलों पर खुद न हमलाकर अपने ओजीडब्लू के जरिये हमले करवाते हैं. सुरक्षाबलों से मुकाबले के दौरान आतंकियों के जान जाने का खतरा रहता है ऐसे में ग्रेनेड फेंक कर उस जगह से फरार होने में जान का जोखिम कम रहता है. यही वजह है कि आतंकी ग्रेनेड से ज्यादा हमले कर रहे हैं.