छुट्टी पर थे सेना के ब्रिगेडियर, एनकाउंटर की खबर मिलते ही किया टीम का नेतृत्व

लेफ्टिनेंट जनरल के जे एस ढिल्‍लन ने आतंकियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि सीमा पार से जो भी कश्‍मीर में घुसेगा, मारा जाएगा. उन्होंने कहा कि आतंकी वारदातों में शामिल लोगों पर अब सेना कोई रहमदिली नहीं दिखाएंगी

छुट्टी पर थे सेना के ब्रिगेडियर, एनकाउंटर की खबर मिलते ही किया टीम का नेतृत्व
लेफ्टिनेंट जनरल के जे एस ढिल्‍लन. (फोटो साभार- एएनआई)

नई दिल्ली: पुलवामा आतंकी हमले के 100 घंटे बाद जैश ए मोहम्‍मद की लीडरशिप को जम्‍मू-कश्‍मीर में खत्‍म कर, अपने 45 शहीदों के शहादत का पहला बदला भारत ने लिया. पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर हुए आतंकी हमले और एनकाउंटर को लेकर मंगलवार (19 फरवरी) को भारतीय सेना, सीआरपीएफ और जम्‍मू-कश्‍मीर पुलिस ने साझा प्रेस कॉन्‍फ्रेंस की. इस दौरान लेफ्टिनेंट जनरल के जे एस ढिल्‍लन ने बताया कि पुलवामा में हुए एनकाउंटर में घायल हुए ब्रिगेडियर हरदीप सिंह छुट्टी पर थे. उन्होंने कहा कि जैसे ही ब्रिगेडियर को आतंकियों के खिलाफ चल रहे ऑपेरशन के बारे में जानकारी मिली, वो तुरंत छुट्टी से लौटे और ऑपरेशन का नेतृत्व किया. 

साझा प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में लेफ्टिनेंट जनरल के जे एस ढिल्‍लन, जीओसी, 15वीं कोर ने आतंकियों और उनके सरपरस्‍तों को कड़ी चेतावनी दे डाली साथ ही भारतीय सुरक्षाबलों के कड़े इरादों को भी जाहिर किया. उन्‍होंने कहा कि न जाने कितने गाजी आए, कितने चले गए. उन्‍होंने आगे कहा कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्‍मद पाकिस्‍तानी सेना का ही बच्‍चा है. इसमें किसी को कोई शक नहीं.

 

लेफ्टिनेंट जनरल के जे एस ढिल्‍लन ने आतंकियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि सीमा पार से जो भी कश्‍मीर में घुसेगा, मारा जाएगा. उन्होंने कहा कि आतंकी वारदातों में शामिल लोगों पर अब सेना कोई रहमदिली नहीं दिखाएंगी. उन्होंने कड़े सहजे में कहा कि कश्मीर में जो बंदूक उठाएगा, मारा जाएगा. उन्होंने कहा कि पुलवामा हमले में सौ फीसदी आईएसआई और पाकिस्‍तानी सेना का ही हाथ है. जैश-ए-मोहम्‍मद को पाकिस्‍तानी सेना और आईएसआई ही कंट्रोल करती है.

जम्मू-कश्मीर के आईजी पुलिस एसपी पाणी ने कहा कि आतंकियों की भर्ती में उल्लेखनीय कमी आई है. पिछले तीन महीनों में आतंकियों की कोई भर्ती नहीं हुई है. इसमें कश्मीर के परिवार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. उन्होंने कहा हमारा परिवारों से आग्रह है कि वे आतंकियों की भर्ती को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं. 

 

सीआरपीएफ के आईजी ऑपरेशन जुल्फीकार हसन ने कहा कि हमारी हेल्पलाइन 14411 इस आतंकी हमले के संबंध में देशभर में कश्मीरियों की मदद कर रही है. कई कश्मीरी छात्रों ने देशभर से इस संबंध में हमसे मदद मांगी है. कश्मीर से बाहर पढ़ रहे छात्रों की सुरक्षा का खास ध्यान रखा जा रहा है.