पानी की क्वालिटी के मामले में बाकी राज्यों से पिछड़ा दिल्ली, नीति आयोग की रिपोर्ट में खुलासा

नीति आयोग ने देश के विभिन्न राज्यों में 17 लक्ष्यों पर आधारित इंडेक्स 2019-20 का डैशबोर्ड जारी किया है.

पानी की क्वालिटी के मामले में बाकी राज्यों से पिछड़ा दिल्ली, नीति आयोग की रिपोर्ट में खुलासा
दिल्ली में पानी की क्वालिटी बेहद खराब

नई दिल्ली: नीति आयोग ने देश के विभिन्न राज्यों में 17 लक्ष्यों पर आधारित इंडेक्स 2019-20 का डैशबोर्ड जारी किया है. ये लक्ष्य यूनाइटेड नेशन द्वारा दिए गए हैं जिन्हें 2030 तक पूरी तरह हासिल किया जाना है. ये लक्ष्य हैं गरीबी हटाना, भुखमरी हटाना, अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं देना, बेहतर शिक्षा देना, लिंग भेद समाप्त करना, साफ पानी और स्वच्छता देना, सबको सस्ती और क्लीन एनर्जी देना, डीसेंट वर्क और इकोनामिक ग्रोथ, इंडस्ट्री इन्नोवेशन इंफ्रास्ट्रक्चर ,वर्ग भेदभाव खत्म करना, लंबे समय तक चलने वाले शहरों का निर्माण करना सस्टेनेबल कंजम्प्शन एंड प्रोडक्शन ,क्लाइमेट एक्शन, जमीन के ऊपर और जल के अंदर का अच्छा करना, शांति, न्याय बनाए रखना और संस्थाओं को मजबूत करना और सबकी भागीदारी जुटाना है.  

सारे लक्ष्यों में अच्छा प्रदर्शन करने वालों में सबसे टॉप मोस्ट रैंकिंग केरल को मिली है दूसरे नंबर हिमाचल प्रदेश तीसरे आंध्र प्रदेश चौथी तमिलनाडु पांचवी तेलंगाना को मिली है. देश की राजधानी दिल्ली किसी भी 17 लक्ष्य में नंबर वन तक नहीं पहुंच पाई है बल्कि पानी की क्वालिटी बाकी से पिछड़ी ज़रुर है. 

जबकि ओवरऑल एक भी राज्य ऐसा नहीं है जिसको खराब रैंकिंग मिली हो यानी उसे एस्पिरेंट श्रेणी में डाला गया हो ऐसा कोई नहीं है. गरीबी हटाने की दिशा में सबसे अच्छा प्रदर्शन तमिलनाडु, त्रिपुरा, आंध्र प्रदेश, मेघालय, मिजोरम सिक्किम कर रहे हैं. वहीं इस मामले में सबसे तुलनात्मक कम परफॉरर्मेंस वाले राज्यों में दादर नगर हवेली, चंडीगढ़, अंडमान और निकोबार, झारखंड, बिहार, अरुणाचल प्रदेश रहे हैं.

भुखमरी हटाने में टॉप पर गोवा, मिजोरम, केरल, नागालैंड, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश हैं, यहां अच्छा काम हुआ है. वहीं भुखमरी हटाने में दमन और दीव, अंडमान निकोबार, झारखंड, मध्य प्रदेश, बिहार और छत्तीसगढ़ का प्रर्दशन बाकी की तुलना में कमज़ोर है. स्वास्थ्य के मामले में अच्छा कर रहे राज्य केरल, आंध्र, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक, पंजाब, बंगाल, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना और हरियाणा है. वहीं इस मामले में नागालैंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, असम पिछड़े हैं. 

दिलचस्प बात यह है कि क्वालिटी एजुकेशन देने में अच्छा प्रदर्शन करने वालों में टॉप टेन में भी दिल्ली का नंबर ही नहीं है. इसमें सबसे टॉप स्कोर 81 हिमाचल की है जबकि दिल्ली का प्रदर्शन टॉप टेन से बाहर 64 स्कोर वाला है. जेंडर इक्वालिटी में हिमाचल केरल जम्मू कश्मीर लद्दाख को छोड़कर बाकी सारे राज्य पिछड़े हुए हैं और सबसे निचले तरफ पायदान के परफॉर्मेंस वाले राज्यों में तेलंगाना और दिल्ली है. 

जिन राज्यों में पानी की क्वालिटी अच्छी बनाने के लिए काम किया है उनमें पूरे देश भर में 61 स्कोर के साथ दिल्ली केवल परफॉर्मर है बाकी फ्रंट रनर हैं. जबकि आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश पानी की क्वालिटी सुधारने में टॉप वन और टू परफॉमर हैं, जबकि चंडीगढ़ टारगेट को 100% हासिल कर चुका है. इंडस्ट्री इनोवेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर में गुजरात 88 स्कोर के साथ टॉप है और मिजोरम 8 स्कोर के साथ निचले पायदान पर है.

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शांति न्याय और मजबूत संस्थानों में आंध्रप्रदेश 86 रैंकिंग के साथ टॉप पर है, दूसरे पर गुजरात, तीसरे पर उत्तराखंड, चौथे पर हिमाचल, पांचवे पर नागालैंड है जबकि शांति न्याय और मजबूत संस्थाओं में उड़ीसा, असम, मेघालय, मिजोरम, मध्य प्रदेश, दिल्ली, बिहार सबसे निचले पायदान वाले परफार्मेंस करने वालों में हैं.