कारोबारी की आंखों में मिर्ची झोंक लूट लिये 34 लाख, मामला खुला तो चौंक गई पुलिस

पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार लूट की सूचना मिलते ही र्कीति नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़ित से पूछताछ करने लगी.

कारोबारी की आंखों में मिर्ची झोंक लूट लिये 34 लाख, मामला खुला तो चौंक गई पुलिस
फाइल फोटो

नई दिल्ली: पश्चिमी दिल्ली के कीर्ति नगर इलाके में बुधवार दिनदहाड़े बाइक सवार बदमाशों द्वारा कारोबारी की आंखों में मिर्च पाउडर डालकर 34 लाख रुपये लूटने के मामले में पुलिस ने नया खुलासा किया है. पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार रुपये के लालच के कारण कारोबारी ने झूठी लूट की कॉल की थी. फिलहाल पुलिस केस दर्ज कर आरोपित से पूछताछ कर रही है. पुलिस के अनुसार विनय परिवार के साथ ए-ब्लॉक, कीर्ति नगर में रहते हैं. इनका चमड़े और लकड़ी का कारोबार है. करोलबाग इलाके में इनका दफ्तर है. 

ऐसे बताई पूरी कहानी
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार बुधवार सुबह सवा 11 बजे पीड़ित विनय ने पुलिस को कॉल करके बताया कि रोजाना की तरह करीब 11 बजे के आसपास वह घर से दफ्तर के लिए अपने अंकल व्यास (81) के साथ निकल रहे थे. विनय के अंकल व्यास घर के बाहर खड़ी फॉरच्यूनर कार में जाकर बैठ गए. इसी दौरान विनय रुपयों से भरा बैग लेकर कार की ओर बढ़े. इसी दौरान उनके पास दो बाइक सवार युवक आकर एल-ब्लॉक स्थित बिजली दफ्तर का पता पूछा. विनय बिजली दफ्तर का रास्ता बता ही रहे थे कि इसी दौरान बाइक के पीछे बैठे युवक ने मिर्च पाउडर निकाला और विनय की आंखों में डाल दिया.

आंखों में तेज जलन होने पर विनय वहीं बैठ गए और शोर मचाने लगे. इससे पहले कोई कुछ समझ पाता आरोपित विनय से रुपयों का बैग छीनकर फरार हो गए. शोर-शराबा सुनकर विनय के परिजन व अंकल व्यास कार से बाहर आ गए. मामले की सूचना करीब 11.40 बजे कीर्ति नगर पुलिस को दी गई.

जांच के दौरान हुआ शक
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार लूट की सूचना मिलते ही र्कीति नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़ित से पूछताछ करने लगी. इधर जांच में पुलिस ने पाया कि जमीन पर कोई मिर्ची पाउडर नहीं गिरा हुआ. उसके बाद पुलिस ने आस-पास लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला तो उसमें भी पुलिस को कोई संदिग्ध नहीं दिखाई दिया. इधर पुलिस ने शक के आधार पर पीड़ित से पूछताछ की तो वह टूट गया. आरोपित ने बताया कि यह 34 लाख रुपये उसे मंगलवार को उसके दोस्त पंकज ने दिये थे. पंकज को यह रुपये बुधवार को किसी को देना था. रुपये के लालच में आकर उसने लूट की झूठी कहानी रची.