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स्‍पेशल 26 देखकर आया आइडिया, आर्मी में भर्ती कराने के नाम पर करने लगा धोखाधड़ी

इस रैकेट का मास्टरमाइंड आंध्रप्रदेश का रहने वाला श्रीनिवासराव है, जिसको आर्मी में भर्ती कराने के इस रैकेट का आइडिया फ़िल्म स्पेशल 26 को देखकर आया.

स्‍पेशल 26 देखकर आया आइडिया, आर्मी में भर्ती कराने के नाम पर करने लगा धोखाधड़ी

नई दिल्‍ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने आर्मी में नौकरी दिलवाने वाले एक फ़र्ज़ी भर्ती घोटाले रैकेट का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने इस रैकेट से जुड़े तीन लोगों को भी गिरफ्तार किया है. इस रैकेट का मास्टरमाइंड आंध्रप्रदेश का रहने वाला श्रीनिवासराव है, जिसको आर्मी में भर्ती कराने के इस रैकेट का आइडिया फ़िल्म स्पेशल 26 को देखकर आया. उसने आर्मी में भर्ती कराने के नाम पर भोले-भाले बेरोजगार युवाओं को ठगना शुरू कर दिया.

असल में श्रीनिवासराव 10 से ज्यादा बार आर्मी में भर्ती करने की कोशिश की, लेकिन वो कामयाब नहीं हो पाया. इसके बाद इसने अपने साथियो के साथ मिलकर ये फर्जीवाड़ा करना शुरू कर दिया. इस गैंग के बारे में तब पता चला जब 13 अप्रैल को क्राइम ब्रांच के पास एक शख्स ने शिकायत दी कि कुछ लोगों ने उन्हें आर्मी में भर्ती कराने के नाम पर पैसे लिए हैं. अब उनसे बात तक नहीं कर रहे है. बात आर्मी से जुड़ी थी लिहाजा क्राइम ब्रांच ने एक एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की.

जांच में पता चला कि एक गैंग है जो बेरोजगार युवाओं को टारगेट कर रहे है, क्राइम ब्रांच को खबर मिली कि तीन आरोपी महिपालपुर में किसी कस्टमर को फेक आर्मी का एडमिट कार्ड देने आ रहे थे. तभी इन्हें पकड़ा गया और इनके पास से 15 फेक आर्मी के एडमिट कार्ड बरामद किए. अभी तक की पूछताछ में इन्होंने बताया कि ये करीब 100 से ज्यादा युवाओं को आर्मी में भर्ती कराने के नाम पर ठग चुके हैं और एक शख्स से एक से दो लाख रुपए लिया करते थे.

क्राइम ब्रांच ने जिन तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है इनके नाम है बालकृष्णन जो महेंद्रगढ़ हरियाणा का रहने वाला है. श्रीनिवासराव, आंधप्रदेश और एक और आरोपी कुटेप्ली वेंकेटरा राव ये भी आन्द्रप्रदेश का रहने वाला है. बालकृष्णन महेंद्र गढ़ में इंदिरा गांधी कोचिंग इंस्टिट्यूट में कोचिंग देता था और वहा स्टूडेंट्स को आर्मी में भर्ती कराने का वादा कर उनसे पैसे ऐंठा करता था और आगे इसके बाकि दो साथियो का काम शुरू होता था. बालकृष्णन लड़को को भुवनेश्वर, उड़ीसा में भेजा करता था और श्रीनिवासराव इनका दूसरा साथी जो खुद को आर्मी अफसर बताता था वो इन लड़को का मेडिकल फिजिकल टेस्ट कराता था और खुद को आर्मी का अफसर दिखाने के लिए आर्मी का ट्रैक सूट पहनकर उड़ीसा में ग्राउंड में टेस्ट लेता था, तो वही इनका तीसरा साथी खुद को आर्मी का डॉक्टर बताता था और कलर ब्लाइंड नेस का टेस्ट करके लड़को का भरोसा जीतते थे.

जांच में पता चला है कि अभी तक दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान के लड़को को टारगेट किया करते थे और 100 से ज्यादा लड़को को ठगी का शिकार बना चुके थे, इनके पास से कई मोबाईल फोन बरामद किए है, जिनका इस्तेमाल ये लड़को को उड़ीसा बुलाने के लिए करते थे. इन तीनो आरोपियों से पूछताछ की जा रही है जिसके बाद इस मामले में और भी गिरफ्तारियां की जा सकती है.