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हरियाणा: पुलिस के हत्थे चढ़ा ऑनलाइन इंश्योरेंस के नाम पर ठगी करने वाला गिरोह

पुलिस हिरासत में आरोपियों से पुलिस पूछताछ में पता चला कि इस धोखाधड़ी के मामले का उक्त आरोपी अविनाश झा मुख्य साजिशकर्ता है,

हरियाणा: पुलिस के हत्थे चढ़ा ऑनलाइन इंश्योरेंस के नाम पर ठगी करने वाला गिरोह
पुलिस टीम ने तकनीकी का प्रयोग करते हुए उपरोक्त मामले में अजय एन्क्लेव सुभाष नगर, दिल्ली से दो लोगों को गिरफ्तार किया.

गुरुग्राम: हरियाणा के थाना साईबर अपराध, गुरुग्राम में नमिता सुखिजा ने एक लिखित शिकायत के माध्यम से बताया कि उनकी कंपनी IRDA की रेगुलेशन के अनुसार इंश्योरेंस वेब एग्रीगेटर का काम करती है. दिसम्बर 2018 में उनकी कंपनी के ग्राहकों ने कंपनी की Enquiry mail ID पर मेल के माध्यम से शिकायत भेजना शुरू किया कि उन्होंने कुछ समय पहले ऑनलाइन पॉलिसी Policy Bazaar के माध्यम से करवाई थी परंतु उन्हें अब तक कोई पॉलिसी की रिसीप्ट हार्ड कॉपी के रूप में नहीं मिली है. उसके बाद जब Policy Bazaar कंपनी ने अपना रिकॉर्ड चेक किया तो ज्ञात हुआ कि कंपनी ने कभी उन ग्राहकों की पॉलिसी की ही नहीं है और ना ही कंपनी द्वारा उन ग्राहकों से पैसे लिए गए.

उक्त शिकायत पर थाना साईबर अपराध, गुरुग्राम में अप्रैल 2019 में मामला दर्ज किया गया. साईबर अपराध की पुलिस टीम ने कार्यवाही करते हुए Policy Bazaar कंपनी के पास जिन 25-30 व्यक्तियों ने शिकायत करते हुए मेल भेजी थी, उनके अनुसार उनसे पेमेंट Paytm, UPI और Gateway के माध्यम से तथा कुछ बैंक खातों में भी पैसे डलवाने पाए गए. इसके अलावा काफी मोबाइल नंबरों से पीड़ितों के पास कॉलिंग की गई है. पीड़ितों से पैसे लेने के बाद फर्जी पॉलिसी की सॉफ्ट कॉपी Whats app व Mail ID के माध्यम से भेजी गई है. जांच में शिकायतकर्ता के माध्यम से प्राप्त की गई डिटेल के अनुसार बैंक रिकॉर्ड, कॉलिंग नंबर, Mail ID डिटेल आदि से संबन्धित तकनीकी रिकॉर्ड प्राप्त किया गया.

पुलिस टीम ने तकनीकी का प्रयोग करते हुए उपरोक्त मामले में अजय एन्क्लेव सुभाष नगर, दिल्ली से दो लोगों को गिरफ्तार किया. इनमें से एक अविनाश कुमार झा और महेंद्र सिंह राजपूत को गिरफ्तार किया गया. उक्त आरोपियों को अदालत के पेश करके 3 दिन के पुलिस हिरासत में लिया गया.

पुलिस हिरासत में आरोपियों से पुलिस पूछताछ में पता चला कि इस धोखाधड़ी के मामले का उक्त आरोपी अविनाश झा मुख्य साजिशकर्ता है, जिसने नेपाल से 10वीं, और राजस्थान में एक संस्थान से बीटेक की डिग्री की है. पढ़ाई पूरी करने के बाद वर्ष 2017 में इसने एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी की थी. इसी दौरान इसकी मुलाकात अन्य कई लड़कों से हुई जिनमें से एक के साथ मिलकर इसने इस प्रकार की ठगी करने की योजना बनाई. योजना के अनुसार गांव तिहाड़ दिल्ली में जगह किराए पर लेकर एक कॉल सेंटर स्थापित किया. अगस्त 2018 से इस फर्जीवाड़े की शुरुआत की गई. 

पुलिस ने आरोपियों के पास से ठगी की वारदातों के लिए प्रयोग किए गए मोबाईल फोन, लैपटॉप, कॉलिंग डाटा, अन्य दस्तावेज़ और लोगों से ठगी गई कुल नगदी बरामद की है. इस फर्जीवाड़े में शामिल अन्य आरोपियों व वारदातों के बारे में जानकारी लेने के लिए पुलिस टीम द्वारा सभी रिकॉर्ड व दस्तावेजों का गहनता से अध्ययन किया जा रहा है तथा इस मामले की पहलू से जांच की जा रही है. जिस प्रकार के तथ्य सामने आएंगे नियमानुसार आगामी पुलिस कार्यवाही की जाएगी.