रामलीला मैदान में PM मोदी की रैली, दिल्ली पुलिस ने किए सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम

रामलीला मैदान जाने वाले सभी मार्गों पर सीसीटीवी से निगरानी रखी जा रही है. रामलीला मैदान के आसपास की इमारतों पर भी सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है. 

रामलीला मैदान में PM मोदी की रैली, दिल्ली पुलिस ने किए सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम

नई दिल्ली: पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की रैली आज सुबह 11 बजे दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान (Ramlila Maidan)  में होने जा रही है. दिल्ली पुलिस (Delhi Police) से इसको सुरक्षा के अभूतपूर्व इतंजाम किए हैं. रामलीला मैदान और इसके आस-पास का इलाका छावनी में तब्दील कर दिया गया है. 

रामलीला मैदान जाने वाले सभी मार्गों पर सीसीटीवी से निगरानी रखी जा रही है. रामलीला मैदान के आसपास की इमारतों पर भी सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है.   रैली में डेढ़ लाख की भीड़ जुटने की संभावना है. शनिवार को अवकाश होने के बाद भी दिल्ली पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक अपने लाव-लश्कर के साथ एक के बाद बैठकों में मशरुफ रहे. 

देश के खुफिया विभाग के एक उच्च पदस्थ सूत्र ने बताया, "प्रधानमंत्री मोदी की इस बेहद संवेदनशील जनसभा में करीब एक लाख लोगों की भीड़ जुटने की संभावना है। नियमानुसार प्रधानमंत्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी भले ही एसपीजी की होगी. जनसभा चूंकि दिल्ली पुलिस के सीमा-क्षेत्र में हो रही है. वह भी उस बेहद बिगड़े हुए माहौल में जिसमें, जनसभा से चंद घटे पहले ही इसी इलाके के डीसीपी दफ्तर (मध्य दिल्ली जिला के दरियागंज थाने के सामने) के बाहर तमाम वाहनों को उपद्रवियों ने आग में झोंक दिया हो तब सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं." 

बता दें  बीजेपी (BJP) ने राष्ट्रीय राजधानी की 1734 अवैध कॉलोनियों को नियमित करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देने के लिए रामलीला मैदान (Ramlila Maidan) में सुबह 11 बजे यह रैली आयोजित की है. धन्यवाद मोदी रैली में प्रधानमंत्री मोदी दिल्ली विधानसभा चुनाव (Delhi Assembly Elections 2020) के लिए पार्टी के अभियान का बिगुल फूंकेंगे.

दिल्ली में अवैध कॉलोनियों को नियमित करने से करीब 40 लाख लोगों को मालिकाना हक मिलने का रास्ता साफ हुआ है. गौरतलब है कि पिछले माह मोदी सरकार ने संसद में अप्राधिकृत कॉलोनी निवासी संपत्ति अधिकार मान्यता विधेयक, 2019 पारित कराया. इससे दिल्ली की 1731 अवैध कॉलोनियों में रहने वाले करीब 40 लाख लोगों को उनकी संपत्ति का मालिकाना हक मिलने का रास्ता साफ हो गया था.