Breaking News
  • कोलकाता से आज से घरेलू उड़ानें शुरू, एयरपोर्ट पर 10 उड़ानें आएंगी और इतनी ही जाएंगी

#MaaKaSandesh: 7 साल से सुनाई दे रही हैं बेटी की चीखें, सुनिए निर्भया की मां का संदेश

आज देश की हर लड़की ये पूछ रही है कि आखिर मैं क्यों मरूं, अपराधी क्यों नहीं मरे? 

#MaaKaSandesh: 7 साल से सुनाई दे रही हैं बेटी की चीखें, सुनिए निर्भया की मां का संदेश

नई दिल्ली: देश को दहला देने वाले निर्भया केस (Nirbhaya Case) में न्याय का इंतजार 7 साल से भी लंबा हो चुका है. उसकी मां 7 साल, 2 महीनों और 4 दिन से अपनी बेटी के लिए न्याय का इंतजार कर रही हैं. लेकिन अब उनके साथ देश के सब्र का पैमाना छलकने लगा है. लिहाजा उन्‍होंने अपने दर्द को आपके साथ DNA में साझा किया. निर्भया की मां आशा देवी ने ZEE NEWS के शो DNA में राष्ट्र के नाम अपना संदेश दिया (#MaaKaSandesh).

निर्भया की मां ने ZEE NEWS पर कहा, ''दोषियों के वकील ने जब सिस्टम के साथ मजाक करना शुरू किया तो मुझे लगा कि मुझे और संघर्ष करना है. मैं संघर्ष कर रही हूं और करती रहूंगी. मुझे इस मुहिम में कसूरवार भी ठहराया जाता है. मुझे कोसा जाता है. जो मुजरिम हैं उन्हें सजा जरूर मिलेगी. लेकिन उससे भी गुनहगार हमारा सिस्टम है. निर्भया के बाद से अब तक कितनी ही घटनाएं हो गई हैं लेकिन 2018 से जेल मैन्‍युअल बन रहा है. ये जेल मैन्‍युअल  क्लियर हो, वो क्लियर हो उसमें विक्टिमों को राइट हो. तीनों अदालतों में केस घूम रहा है. सब लोग अपने हाथ बांधकर खड़े हैं कि हम कानून से बंधे हैं. मैं पूछना चाहती हूं कि क्या इन चार दरिंदों ने कानून का पालन किया था. जब भी डेथ वारंट जारी होता है तो हमें यह सुनाया जाता है कि यह महात्मा गांधी का देश है, आंबेडकर का देश है. क्या हमारे बापू ने ऐसा कहा था कि आप महिलाओं के साथ अत्याचार करो और आपको बचाने के लिए कानून खड़ा है...''

क्या निर्भया के इंसाफ पर आपके सब्र का बांध टूट चुका है? Missed Call देकर ZEE NEWS की इस मुहिम का हिस्सा बनें

WATCH: DNA

निर्भया की मां ने कहा, ''...मैं सरकार से कहना चाहती हूं कि जो भी कानून में खामियां हैं, उसे सुधारिए. कल सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है. मैं कोर्ट से अनुरोध करना चाहती हूं कि देश के कानून पर विचार करे. निर्भया के दोषियों को 3 मार्च को फांसी हो और समाज में एक संदेश जाए. मैं सात साल से देख रही हूं, मैंने सुना था कि सुनवाई के तारीख मिलती है लेकिन मैंने कभी नहीं सुना था कि फांसी टालने के लिए भी तारीख पर तारीख मिलती है...''

DNA Analysis: देश की हर लड़की का सवाल आखिर मैं क्यों मरूं, अपराधी क्यों नहीं मरे?

''...फांसी तो अदालतों में सुना दी जाती है लेकिन फांसी होती नहीं है. आप लोग देख रहे हैं कि मैं निर्भया के दोषियों को फांसी दिलाने के लिए कितना संघर्ष कर रही हूं. आज भी मुझे मेरी बेटी की चीख सुनाई देती है. उसका कटा हुआ शरीर मुझे दिखाई देता है. मैं अपने देश की बेटियों से कहना चाहती हूं कि इंसाफ हमें मांगने से नहीं मिलेगा. हम इंसाफ छीन कर लेंगे...''

''...मैं आप सभी देशवासियों से अपील करती हूं कि जिस तरह से आपने निर्भया को इंसाफ दिलाने के लिए साथ दिया उसी तरह देश की सभी बेटियों को इंसाफ दिलाने की लड़ाई भी लड़नी होगी. अगर निर्भया के दोषियों को फांसी नहीं होती है तो देश में किसी बेटी को इंसाफ नहीं मिलेगा. मैं सरकार और कोर्ट से प्रार्थना करती हूं कि कल सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है. कोई नई गाइडलाइन ना आए और कोई ऐसा नियम ना आए जिससे निर्भया के दोषियों को सजा देने में और देरी हो...''