close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

इस स्‍पेशल प्रोजेक्‍ट पर दिन-रात मेहनत कर रहा ISRO, बना रहा ये 6 खास सैटेलाइट, जानें क्‍यों

इसरो के चेयरमैन के. सिवान ने इस लॉन्‍च के बाद कहा, "मैं यह घोषणा करते हुए बहुत खुश हूं कि पीएसएलवी-सी46 ने आरआईएसएटी-2बी को कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया है."

इस स्‍पेशल प्रोजेक्‍ट पर दिन-रात मेहनत कर रहा ISRO, बना रहा ये 6 खास सैटेलाइट, जानें क्‍यों
(फाइल फोटो)

श्रीहरिकोटा: भारत का रडार इमेजिंग अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट आरआईएसएटी-2बी बुधवार को सफलतापूर्वक अपनी कक्षा में स्थापित हो गया. इसके साथ ही इसरो के एक अधिकारी ने यह भी खुलासा किया कि "सामरिक क्षेत्रों के लिए उपग्रहों की मांग बढ़ गई है. लिहाजा हमारी योजना लगभग छह उपग्रहों को बनाने की है."

इसरो के चेयरमैन के. सिवान ने इस लॉन्‍च के बाद कहा, "मैं यह घोषणा करते हुए बहुत खुश हूं कि पीएसएलवी-सी46 ने आरआईएसएटी-2बी को कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया है."

देश की अंतरिक्ष एजेंसी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने इस लॉन्‍च के कहा कि भारत का नया निगरानी उपग्रह अच्छी व स्पष्ट तस्वीरें भेजेगा जिनका उपयोग कृषि, वन विभाग और आपदा प्रबंधन में सहयोग में किया जा सकेगा. उपग्रह से ली गई तस्वीरों का उपयोग खुफिया निगरानी के लिए भी किया जाएगा, हालांकि इसरो इस मुद्दे पर शांत है.

आरआईएसएटी-2बी के साथ बुधवार को प्रक्षेपित 44.4 मीटर लंबा पीएसएलवी स्ट्रैप-ऑन मोटरों के बिना वाला अकेला वेरिएंट है. भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी के पास पीएसएलवी के दो और चार स्ट्रैप-ऑन मोटर्स और बड़े पीएसएलवी-एक्सएल हैं.