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कमलनाथ का दावा- कांग्रेस के 6 महीने के शासन में मध्य प्रदेश की हालत में हुआ बहुत सुधार

मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व वाली मध्य प्रदेश कांग्रेस सरकार ने सोमवार को छह माह पूरे किए.

कमलनाथ का दावा- कांग्रेस के 6 महीने के शासन में मध्य प्रदेश की हालत में हुआ बहुत सुधार
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ (फाइल फोटो)

भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोमवार को दावा किया कि प्रदेश में उनके छह माह के कार्यकाल में प्रदेश की स्थिति में बहुत सुधार हुआ है, जबकि पिछली भाजपा सरकार से उन्हें प्रदेश आर्थिक बदहाली की हालत में मिला था. मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व वाली मध्य प्रदेश कांग्रेस सरकार ने सोमवार को छह माह पूरे किए.

कमलनाथ ने अपने बयान में कहा,‘जब प्रदेश में नई सरकार ने जिम्मेदारी संभाली थी तब आर्थिक बदहाली का आलम यह था कि 8,000 करोड़ का राजस्व घाटा था. कर्मचारियों की तनख्वाह के लाले पड़ रहे थे. कई बार आरबीआई से उधार लेकर काम चलाया गया था. 1.87 लाख करोड़ रुपए का कर्ज मध्य प्रदेश पर हो गया था.’

'प्रदेश में निवेश औंधे मुंह गिर गया था' 
उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश औंधे मुंह गिर गया था. सुशासन और न्याय का तो नामोनिशान नहीं था. 46,000 बेटियां अपनी लाज नहीं बचा सकी थीं. 48 लाख बच्चे कुपोषण का शिकार हो गए थे. किसानों को फसलों के दाम मांगने पर गोलियां मारी जा रही थीं. बच्चों के भविष्य को व्यापमं के माध्यम से बेचा जा रहा था.

कमलनाथ ने कहा, ‘अब स्थिति बदली जा रही है. नागरिकों की प्यास बुझाने के लिए उन्हें पानी का अधिकार दिया जा रहा है. शहरी विकास की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं. नया निवेश आ रहा है और इसमें प्रदेश के युवाओं को 70 प्रतिशत रोजगार मिले यह सुनिश्चित किया गया है.

उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में बिजली की खपत 16 प्रतिशत से बढ़कर 48 प्रतिशत हो गई है और राज्य सरकार ने पिछड़ों (ओबीसी) को 27 प्रतिशत आरक्षण का लाभ देकर आगे लाया जा रहा है.

'प्रदेश एक प्रगतिशील राज्य बन कर आगे आ रहा है' 
इस बीच, प्रदेश कांग्रेस की मीडिया इकाई की अध्यक्ष शोभा ओझा ने पत्रकार वार्ता में दावा किया कि प्रदेश एक प्रगतिशील राज्य बन कर आगे आ रहा है. उन्होंने कहा, ‘छह माह पहले प्रदेश कांग्रेस सरकार को विपरीत परिस्थितियों में राज्य विरासत में मिला था तथा प्रदेश को भ्रष्टाचार, महिला अपराध जैसी गलत वजहों से जाना जाता था. मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार प्रदेश की सूरत और सीरत बदलेगी और मध्य प्रदेश एक प्रगतिशील प्रदेश बन कर आगे आ रहा है.’ 

उन्होंने कहा कि दरअसल प्रदेश की कांग्रेस सरकार के छह माह के कार्यकाल में लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के कारण वास्तव में तीन माह ही काम करने के लिए मिले हैं. इस दौरान चुनाव में पार्टी की ओर से किए गए प्रमुख वादों, किसान के फसल ऋण माफी योजना, के तहत लगभग 20 लाख किसानों के ऋण माफ किए गए हैं. शेष बचे किसानों के ऋण माफी का काम भी शीघ्र शुरू किया जाएगा.

ओझा ने बताया कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने विधानसभा चुनाव के अपने घोषणा पत्र के 100 वचनों को छह माह के कार्यकाल में ही पूरा कर दिया है. उन्होंने बताया कि युवा स्वाभिमान योजना के तहत युवाओं को 100 दिन के रोजगार की गारंटी और हर माह 4,000 रुपए स्टाइपेंड और कौशल विकास का प्रशिक्षण मिलना प्रारंभ हो गया है. इससे प्रदेश में 6.50 लाख युवा लाभान्वित हो रहे हैं.

भाजपा सरकार के कार्यकाल की तुलना में बिजली उपलब्धता के मामले में कांग्रेस सरकार की बेहतर स्थिति का दावा करते हुए ओझा ने कहा कि ऊर्जा के मामले में भाजपा कार्यकर्ता बिजली विभाग को बदनाम करने के लिए फॉल्ट करते रहे और झूठे एसएमएस करते रहे हैं, जबकि प्रदेश में पिछले वर्ष की तुलना में शटडाउन में 9 प्रतिशत की कमी आई है.