पीएम मोदी की ग्वालियर को सौगात, खुलेगा बड़ा खेल संस्थान, प्रतिभाओं को मिलेगा प्लेटफॉर्म

PEFI के सचिव ने कहा कि लोगों को फिटनेस और योग के प्रति जागरूक होना चाहिए. जिस तरह नई एजुकेशन पॉलिसी में पांचवीं तक स्वदेशी भाषा जरूरी है, उसी तरह नए प्रस्ताव में पांचवीं कक्षा तक स्वदेशी खेलों को भी प्रोत्साहित कर जरूरी किया जाए.

पीएम मोदी की ग्वालियर को सौगात, खुलेगा बड़ा खेल संस्थान, प्रतिभाओं को मिलेगा प्लेटफॉर्म
ग्वालियर में PEFI के राष्ट्रीय सचिव ने प्रेस कॉन्फ्रेस की

ग्वालियरः राज्य में खेलों को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार ग्वालियर शहर को नई सौगात देने वाली है. खेल युवा कल्याण मंत्रालय ने राज्य में पेफी (Physical Education Foundation of India) को राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन संस्था का दर्जा प्रदान किया है. पेफी (PEFI) के राष्ट्रीय सचिव डॉ पीयूष जैन ग्वालियर में अपने निवास स्थान पहुंचे थे. यहां उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, "पेफी का प्रदेश स्तरीय संस्थान जल्द ही ग्वालियर में खुलेगा." 

 "संस्थान के खुलने से प्रदेशभर के साथ ही ग्वालियर में मौजूद खेल प्रतिभाओं को खोजने और उन्हें सही प्लेटफॉर्म तक पहुंचाने में मदद मिलेगी." स्वदेशी खेलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करने के लिए उन्होंने खेल मंत्रालय को प्रस्ताव भी भेजा है. 

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पांचवीं कक्षा तक स्वदेशी खेलों को बढ़ावा मिले 
पेफी के सचिव ने कहा कि लोगों को फिटनेस और योग के प्रति जागरूक होना चाहिए. जिस तरह नई एजुकेशन पॉलिसी में पांचवीं तक स्वदेशी भाषा जरूरी है, उसी तरह नए प्रस्ताव में पांचवीं कक्षा तक स्वदेशी खेलों को भी प्रोत्साहित कर जरूरी किया जाए. कम उम्र में स्वदेशी खेलों से शारीरिक और मानसिक विकास तीव्र गति से होगा. पेफी का प्रदेश स्तरीय संस्थान खुलने से बच्चों की खेल प्रतिभाओं का टेस्ट होगा. साथ ही खेलों के प्रति उनकी चाहत और रूचि को जानकर सही मार्गदर्शन और प्लेटफॉर्म भी प्रदान किया जाएगा. 

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हॉकी में ग्वालियर फिर होगा आगे 
सचिव बोले एक टीम बनाकर लोकल गेम को खोजने का प्रयास भी किया जाएगा. क्योंकि स्वदेशी खेल हमारी पहचान रहे हैं, जो कि अब लुप्त होते जा रहे हैं. ग्वालियर का नाम देश में हॉकी के कारण ही प्रसिद्ध होना शुरू हुआ था. आज ग्वालियर की हॉकी प्रतिभाओं में भारी कमी आई है. ऐसे में जिले के अंदर खेल प्रतिभाओं को खोजना और उन्हें तैयार करना संस्था की प्राथमिकता रहेगी. उन्हें उम्मीद है कि हॉकी में ग्वालियर का डंका एक बार फिर पूरे देश में गूंजेगा. 

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