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नासिक: प्याज के दाम गिरने से दुखी किसान ने जहर पीकर किया सुसाइड

उपज के दाम बढ़ने के बाद उसे बेचने वाला था, लेकिन खेत में रखे प्याज के अंकुर फूटे देख वह निराश हो गया और उसने स्टॉक में रखे प्याज के ढेर पर बैठ जहर पीकर आत्महत्या कर ली.

कई कारणों से मंडी में प्याज की कीमतें कम हो गई हैं, जिस वजह से किसानों को प्याज काफी कम कीमत में बेचनी पड़ रही है.
कई कारणों से मंडी में प्याज की कीमतें कम हो गई हैं, जिस वजह से किसानों को प्याज काफी कम कीमत में बेचनी पड़ रही है.

निलेश वाघ, नाशिक: महाराष्ट्र के नासिक जिले में प्याज के ढेर पर जहर पीकर किसान ने आत्महत्या कर ली. जिले के मालेगांव तहसील के कंधाणे गांव के किसान ने आत्महत्या कर ली है. 35 वर्षीय किसान ज्ञानेश्वर शिवणकर प्याज के दाम गिरने से परेशान था. प्याज के दाम बढ़ेंगे इस उम्मीद में उसने प्याज का भंडारण करके रखा था. उपज के दाम बढ़ने के बाद उसे बेचने वाला था, लेकिन खेत में रखे प्याज के अंकुर फूटे देख वह निराश हो गया और उसने स्टॉक में रखे प्याज के ढेर पर बैठ जहर पीकर आत्महत्या कर ली. किसान ज्ञानेश्वर शिवणकर के माता-पिता के नाम डेढ़ लाख का कर्जा था.

प्याज बिक्री से मिला पैसा PMO को भेजा
इससे पहले महाराष्ट्र के एक किसान ने भारी घाटे में बिकी प्याज से मिली रकम को विरोध के एक अनोखे अंदाज के तहत प्रधानमंत्री राहत कोष में दान कर दिया. संजय साठे पिछले सप्ताह ट्रैक्टर से 750 किग्रा प्याज बेचने निफाड कृषि उत्पाद समिति के थोक बाजार पहुंचे और 7.5 कुंटल प्याज के लिए उन्हें सिर्फ 1064 रुपये मिले. उन्हें प्याज 1.41 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचनी पड़ी. कई कारणों से मंडी में प्याज की कीमतें कम हो गई हैं, जिस वजह से किसानों को प्याज काफी कम कीमत में बेचनी पड़ रही है.

अपनी फसल की अप्रत्याशित कम कीमत से चिढ़े साठे ने अपनी शिकायत दर्ज कराने का अनोखा तरीका ढूंढ़ा और फसल बेचकर कमाई राशि को पीएमआरएफ में दान करने का निर्णय लिया, जिसके लिए उसे राशि हस्तांतरण शुल्क के रूप में अतिरिक्त 54 रुपये चुकाने पड़े.

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एक खराब प्रतिक्रिया की उम्मीद के साथ उन्होंने अपने ट्रैक्टर पर एक एक तख्ती लगाई, जिसपर लिखा था कि उनका कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं है, बल्कि वह प्याज किसानों की दुर्दशा के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जानकारी देने के लिए प्याज बिक्री से मिली पूरी धनराशि पीएमआरएफ को देना चाहते हैं.

नाम उजागर न करने की शर्त पर कृषि विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि पीएमओ ने प्याज बाजार संकट की पूरी जानकारी मांगी है. प्याज की कीमतों में बीते कुछ सप्ताहों में भारी कमी आई है, जिससे जिले के किसान काफी परेशान हैं.

सितंबर में प्याज 500-900 रुपये प्रति कुंटल की दर से बिक रहा था, जो अब घटकर 100/150 रुपये प्रति कुंटल हो गया है और कुछ क्षेत्रों में तो प्याज की गुणवत्ता के हिसाब से कीमतों में और कमी देखी गई है.

नासिक और आस-पास के विभिन्न इलाकों में किसानों ने बीते कुछ सप्ताह में प्याज की कम कीमतों के विरोध में प्रदर्शन किए हैं.

 

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