नए साल पर भारत और चीन की सेनाओं की नाथू ला में हुई बैठक

सेना की पूर्वी कमान ने एक ट्वीट में कहा कि भारतीय सेना और पीएलए के जवानों के बीच आपसी विश्वास और भरोसा बढ़ाने के लिए उन्होंने एक जनवरी को नाथू ला में संयुक्त रूप से नववर्ष मनाया. 

नए साल पर भारत और चीन की सेनाओं की नाथू ला में हुई बैठक
(फोटो साभार @easterncomd)

नई दिल्ली श्रीनगर, ईटानगर : भारत और चीन की सेनाओं ने मंगलवार को सिक्किम के नाथू ला में बैठक की और नववर्ष के मौके पर एक दूसरे को बधाई दी. सेना की पूर्वी कमान ने एक ट्वीट में कहा कि भारतीय सेना और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के जवानों के बीच आपसी विश्वास और भरोसा बढ़ाने के लिए उन्होंने एक जनवरी को नाथू ला में संयुक्त रूप से नववर्ष मनाया.

उन्होंने एक-दूसरे को बधाई और शुभकामनाएं दी. प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर्नल स्तर के अधिकारियों ने किया. नववर्ष के मौके पर ‘बॉर्डर पर्सनेल मीटिंग’ (बीपीएम) भी हुई. उल्लेखनीय है कि दोनों देशों की सेनाओं के बीच 2017 में डोकलाम में गतिरोध पैदा हुआ था.

एक रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि पीएलए के निमंत्रण पर, पूर्वी लद्दाख के दौलत बेग ओल्डी-टीडब्ल्यूडी और चुशूल-मोलदो में भी नववर्ष मनाने के लिए दोनों देशों की बीपीएम आयोजित की गई. उन्होंने कहा कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मेजर जनरल संजीव राय और कर्नल एस एस लांबा ने किया वहीं चीनी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सीनियर कर्नल लिउ हू जी और कर्नल सोंग झांग ली ने किया.

प्रवक्ता ने कहा कि दोनों प्रतिनिधिमंडलों ने स्वतंत्र और सौहार्दपूर्ण वातावरण में बातचीत की. प्रतिनिधिमंडलों ने मौजूदा सौहार्दपूर्ण संबंधों को बढ़ाने तथा सीमा पर शांति बनाए रखने की दिशा में प्रतिबद्धता और मित्रता की भावना के बीच बातचीत की. 

भारत और चीन के सैनिकों ने अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले के बुमला में भी संयुक्त रूप से नववर्ष मनाया. यह स्थान समुद्र तल से 15 हजार फुट ऊंचा है और पहाड़ बर्फ से ढके हुए हैं. यहां का तापमान शून्य से भी नीचे है.

एक रक्षा विज्ञप्ति के अनुसार दोनों पक्षों ने एक दूसरे को गर्मजोशी से बधाई दी. उन्होंने दोनों देशों के बीच विभिन्न समझौतों के अनुरूप वास्तविक नियंत्रण रेखा पर शांति बनाए रखने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जतायी.

समारोह का आयोजन पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) द्वारा और कर्नल हू तांग शेंग के नेतृत्व में बुमला के चीनी क्षेत्र में किया गया था. भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर्नल प्रसेनजित करंद ने किया. बुमला, तवांग से करीब 32 किलोमीटर दूर है. यह संवेदनशील सीमा की रक्षा करने वाले भारतीय और चीनी सैनिकों के लिए पांच बीपीएम स्थानों में से एक है.

विज्ञप्ति में कहा गया है कि पिछले 28 वर्षों में, बीपीएम स्थानीय मुद्दों को हल करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में विकसित हुआ है तथा क्षेत्र में शांति बढ़ाने के लिए आपसी विश्वास को बढ़ावा देता है. 

(इनपुट - भाषा)