अगर करतारपुर गलियारे पर फैसला रद्द होता है तो आतंकवादियों का हौसला बढ़ेगा: सिद्धू

नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा, 'सिखों का करतारपुर गलियारा रुक नहीं सकता है. क्या आप चाहते हैं कि दो प्रधानमंत्रियों द्वारा लिया गया फैसला रद्द हो?

अगर करतारपुर गलियारे पर फैसला रद्द होता है तो आतंकवादियों का हौसला बढ़ेगा: सिद्धू
पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू (फाइल फोटो)

लुधियाना: पुलवामा आतंकवादी हमले पर अपनी टिप्पणी को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने शनिवार को कहा कि अगर करतारपुर गलियारे पर फैसला रद्द हो जाता है तो इससे आतंकवादी प्रोत्साहित होंगे.

सिद्धू ने पत्रकारों से कहा, 'सिखों का करतारपुर गलियारा रुक नहीं सकता है. क्या आप चाहते हैं कि दो प्रधानमंत्रियों द्वारा लिया गया फैसला रद्द हो? तो आप उन्हें (आतंकवादियों) प्रोत्साहित करेंगे... कोई भी देश को आतंकवाद के आगे झुका नहीं सकता है और यह बहुत साफ है.' 

पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों के लिए समुचित सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम नहीं किए जाने संबंधी सवाल करते हुए नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि जवानों के मारे जाने की घटनाओं को रोकने के लिए एक स्थायी हल की जरूरत है. 

सिद्दू को दिखाए गए काले झंडे 
मंत्री के शनिवार को यहां पहुंचने पर भाजपा की युवा इकाई भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने उन्हें काले झंडे दिखाए. वे उनकी टिप्पणी का विरोध कर रहे थे.

पुलवामा में गुरुवार को सीआरपीएफ के काफिले पर हमले की पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद द्वारा जिम्मेदारी लेने के बाद शुक्रवार को सिद्धू ने कहा था कि कुछ लोगों के कृत्य के लिए क्या पूरे देश को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है.

शिरोमणि अकाली दल ने शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से सिद्धू को निष्कासित करने की मांग की.

'जो पहले कहा था उस पर कायम हूं' 
नृशंस हमले में शामिल लोगों को सजा दिए जाने की मांग करते हुए नवजोत सिंह सिद्धू ने शनिवार को कहा कि उन्होंने जो पहले कहा था, वह उस पर कायम है. उन्होंने कहा, 'दो प्रधानमंत्रियों द्वारा लिए गए फैसले पर क्या कोई प्रश्नवाचक चिह्र हो सकता है.' नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि कुछ आतंकवादियों के कारण देश की तरक्की को रोका नहीं जा सकता है.

मंत्री ने कहा,'जब एक सियासतदान दौरे पर होता है तो पूरे शहर को बंद कर दिया जाता है, लेकिन जब तीन हजार जवान जा रहे थे तो उचित सुरक्षा इंतजामों का ख्याल क्यों नहीं रखा गया?'  सिद्धू ने कहा, 'इसका स्थायी हल होना चाहिए. क्यों हमारे जवान हमेशा अपनी जान गंवाते हैं? इसके लिए कुछ उपाय किये जाने चाहिए ताकि यह दोबारा नहीं हों.' 

'मैं आमंत्रित था और एक दोस्त के तौर पर वहां गया था' 
उन्होंने आश्चर्य जताया कि क्या करतारपुर मुद्दे पर सवाल किया जा सकता है. सिद्धू से पूछा गया कि क्या उन्हें पाकिस्तान जाने का पछतावा है तो मंत्री ने कहा कि उन्होंने बार-बार कहा है कि उन्हें इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया गया था. उन्होंने कहा, 'मैं आमंत्रित था और एक दोस्त के तौर पर वहां गया था.' उन्होंने कहा कि उन्हें पाकिस्तान जाने का कोई पछतावा नहीं है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए सिद्धू ने कहा कि वह बिना निमंत्रण के पाकिस्तान गए और उन्होंने (तत्कालीन प्रधानमंत्री) को उसी तरह से गले लगाया था जैसे (सिद्धू ने अपनी यात्रा के दौरान किया था).

उन्होंने कहा, 'जब वह (मोदी) पाकिस्तान से लौटे तो पठानकोट आतंकवादी हमला हुआ. जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी वहां गए तो करगिल हुआ. जब मैं वहां से लौटा तो उन्होंने करतारपुर का समर्थन किया. उस वक्त लोग मुझ पर हंसे और यही लोग वहां गए थे.' सिद्धू ने कहा, ' मेरे बयान को तोड़ा-मरोड़ा गया. सिर्फ एक लाइन दिखाई गई. यह (बयान) पूरा नहीं दिखाया गया क्योंकि बहुत सारे लोग डरते हैं.' 

(इनपुट - भाषा)