ZEE News से बोले पीयूष गोयल, चुनावों के बाद हमारे लिए बजट में और संभावनाएं खुलेंगीं

पीयूष गोयल ने अंतरिम बजट पेश करने के बाद जी न्‍यूज के एड‍िटर इन चीफ सुधीर चौधरी से बातचीत में कहा, हमने कभी भी चुनाव देखकर कदम नहीं उठाए. हमने महि‍लाओं के बारे में सोचा. कांग्रेस तो ये सोच भी नहीं पाई.

ZEE News से बोले पीयूष गोयल, चुनावों के बाद हमारे लिए बजट में और संभावनाएं खुलेंगीं

नई दिल्ली: वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने बजट पेश करने के बाद जी न्‍यूज के साथ खास बातचीत में कहा, कांग्रेस ने सबसे खराब हालत में अर्थव्‍यवस्‍था छोड़ी थी, हम उसे सही रास्‍ते पर लेकर आए. पीयूष गोयल ने अंतरिम बजट पेश करने के बाद जी न्‍यूज के एड‍िटर इन चीफ सुधीर चौधरी से बातचीत में कहा, कांग्रेस 1 लाख 60 हजार करोड़ का बोझ हम पर छोड़ कर गई थी. हमने व‍ित्‍तीय स्‍थ‍ित‍ि को ब‍िगड़ने नहीं दिया. गोयल ने कहा, हमने कभी भी चुनाव देखकर कदम नहीं उठाए. हमने महि‍लाओं के बारे में सोचा. कांग्रेस तो ये सोच भी नहीं पाई.

पीयूष गोयल ने कहा, पीएम मोदी ने करदाताओं के पैसे का सही इस्‍तेमाल क‍िया है. देश की आ‍र्थ‍िक स्‍थि‍त‍ि सुधर रही है. हमारी कोश‍िश थी, बजट का लाभ सभी तक पहुंचे. उन्होंने उम्मीद जताई है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अगली सरकार मुख्य बजट में अन्य कर प्रस्तावों पर विचार करेगी. उन्होंने कहा, "चुनाव के चलते मेरे पास अंतरिम बजट पेश करने की मजबूरी थी. हालांकि, कई ऐसी चीजें थी, जिनके लिए हम अंतिम बजट का इंतजार नहीं कर सकते थे, खासकर छोटे करदाताओं को राहत देने के मामले में. बाकी चीजों पर जुलाई 2019 में वित्त मंत्री निर्णय लेंगे."

पीयूष गोयल ने कहा, हमारी कोशि‍श है क‍ि गांव की आत्‍मा ज‍िंदा रहे. इसलिए हम चाहते हैं  कि गांव में भी शहरों वाली सुव‍िधाएं पहुंचें. हमने हर व्‍यक्‍त‍ि के जीवन का स्‍तर ऊपर उठाने की कोशि‍श की है.

गोयल ने 5 लाख रुपये तक की आय वालों को कर राहत देने पर कहा, "नव-मध्यम वर्ग को अपने भविष्य की कर देनदारियों और रिफंड प्रक्रिया से होने वाली बचत को लेकर स्पष्टता की जरूरत है. इसलिए हमनें इस श्रेणी के लोगों को लाभ दिया है." वित्त मंत्री ने कहा कि इस श्रेणी में आने वाले लोग कर दायरे से बाहर होंगे. गोयल ने कहा कि कर संग्रह में सुधार के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं.

उन्होंने कहा, "आयकर विभाग अब ऑनलाइन काम कर रहा है. रिटर्न, आकलन, रिफंड और समस्याओं सारे काम ऑनलाइन किए जाते हैं. पिछले साल दाखिल किए गए कुल रिटर्न में से 99.54 प्रतिशत आयकर रिटर्न स्वीकृत हो गए थे." गोयल ने कहा कि सरकार ने अब आयकर विभाग को ज्यादा अनुकूल बनाने के लिए प्रौद्योगिकी आधारित परियोजना को मूंजरी दी है. उन्होंने कहा कि इसके बाद सभी रिटर्न 24 घंटे में प्रसंस्कृत होंगे और रिफंड भी इसके साथ ही जारी होगा.