ZEE जानकारी: पीएम मोदी ने वाराणसी लोकसभा सीट से किया नामांकन

वाराणसी में गुरुवार का दिन नरेंद्र मोदी के Road Show के नाम रहा. और शुक्रवार को बारी थी लोकसभा चुनाव के लिए उनके नामांकन की. 

ZEE जानकारी: पीएम मोदी ने वाराणसी लोकसभा सीट से किया नामांकन

DNA में आज सबसे पहले हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उन 60 मिनटों का विश्लेषण करेंगे, जिसमें Action भी है, Emotion भी है और उनके विरोधियों को बेचैन करने वाला राजनीतिक Torture भी है. वाराणसी में कल का दिन नरेंद्र मोदी के Road Show के नाम रहा. और आज बारी थी लोकसभा चुनाव के लिए उनके नामांकन की. 

आपने आज सुबह से ही नरेंद्र मोदी के नामांकन से जुड़ी ख़बरें, अलग-अलग News Channels पर देखी होंगी. लेकिन ख़बरों की तेज़ रफ्तार में कई बार महत्वपूर्ण तस्वीरें छूट जाती हैं. आज भी वैसा ही हुआ है. क्योंकि, नामांकन भरने से पहले और उसके बाद बहुत कुछ ऐसा हुआ, जो 2019 के राजनीतिक महाभारत में निर्णायक भूमिका निभा सकता है. आज देश ने वाराणसी में भारत की राजनीति के सबसे शक्तिशाली कमरे को देखा है. इस कमरे से राजनीतिक शक्ति की तरंगे पूरे देश में प्रवाहित हो रही थीं.

आज इन सभी तस्वीरों को देखने और उनके राजनीतिक मायने समझने का दिन है. इसलिए, सबसे पहले आपको Sequence में बताते हैं, कि लोकसभा चुनाव के सबसे बड़े नामांकन की शुरुआत कैसे हुई और उसका अंत कैसे हुआ ?

नरेंद्र मोदी ने वाराणसी से नामांकन भरने से पहले काल भैरव मंदिर में पूजा-अर्चना की. काल-भैरव को वाराणसी का चौकीदार माना जाता है. इस दौरान नरेंद्र मोदी, वाराणसी की गलियों में भी घूमे. और वहां उन्हें कुछ स्कूली बच्चे मिल गये. अब आप ये देखिये कि नरेंद्र मोदी और बच्चों के बीच वहां किस तरह का संवाद हुआ

प्रधानमंत्री मोदी ने इसके अलावा आज सुबह बूथ अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों को भी संबोधित किया. उन्होंने लोगों से मतदान करने की अपील की. ये सबकुछ तो खुले में हो रहा था. 

लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असली शक्ति प्रदर्शन के लिए बंद कमरे को चुना. आप ये भी कह सकते हैं, कि ये बंद कमरा आज भारत की राजनीति का सबसे शक्तिशाली कमरा था. जिसमें दक्षिण भारत से लेकर पूर्वोत्तर भारत तक के कई बड़े नेता मौजूद थे. 

नरेंद्र मोदी के नामांकन के लिए इन बड़े नेताओं का आना कोई इत्तेफाक नहीं है. इस तस्वीर के ज़रिये मोदी ने अपने विरोधियों का परिचय, NDA की महाशक्ति से करवाया है. हम इन सभी नेताओं से आपका परिचय कराएंगे. लेकिन उससे पहले ये देखिए, कि कमरे में प्रवेश करते ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने, शिरोमणि अकाली दल के नेता प्रकाश सिंह बादल से कैसे जीत का आशीर्वाद लिया.

नामांकन से पहले 91 वर्ष के प्रकाश सिंह बादल के पैर छूकर नरेंद्र मोदी ने बड़े-बुज़ुर्गों के प्रति सम्मान दिखाया है. वैसे भी, भारत की सभ्यता और संस्कृति में कहा गया है, कि कोई भी शुभ काम करने से पहले बड़ों का आशीर्वाद लेना चाहिए. लेकिन बात सिर्फ आशीर्वाद तक सीमित नहीं थी. अभी असली शक्ति प्रदर्शन बाकी था. प्रधानमंत्री मोदी ने इस बार नामांकन से एक दिन पहले Road Show करके, अपने जन-समर्थन का प्रदर्शन किया. और नामांकन वाले दिन अपने विरोधियों को NDA की शक्ति दिखाई. अब ये देखिए, कि नरेंद्र मोदी की राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन वाली इस फिल्म के मुख्य सितारे कौन थे. 

आज वाराणसी में बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाईटेड के प्रमुख नीतीश कुमार, नरेंद्र मोदी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े थे. इसके अलावा, शिवसेना के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे, अकाली दल के नेता प्रकाश सिंह बादल, AIADMK के नेता - ओ पन्नीरसेल्वम और एम थम्बीदुरई, LJP के प्रमुख रामविलास पासवान, अपना दल की नेता अनुप्रिया पटेल और नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो मौजूद थे. इन सभी के अलावा, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, गृह मंत्री राजनाथ सिंह और सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भी NDA की ताकत को बढ़ाने का काम किया.

भारत की राजनीति के बारे में अक्सर कहा जाता है, कि यहां पर गठबंधन वाली सरकारों के नेताओं के बीच वैचारिक मतभेद और दूरियां बनी रहती हैं. लेकिन आज की तस्वीर का सार ये है, कि NDA में All Is Well दिखाई दे रहा है. नामांकन दाखिल करने से पहले प्रधानमंत्री मोदी पूरे 21 मिनट तक NDA के नेताओं से बात करते रहे. इस दौरान कमरे में कुर्सियों की व्यवस्था में नज़दीकियां थीं, ताकि किसी को कोई ग़लत संदेश ना जाए. सारी कुर्सियां एक दूसरे से चिपकी हुई थीं और NDA के सभी नेता आपस में बात कर रहे थे.

NDA के नेताओं के साथ 21 मिनट गुज़ारने के बाद नरेंद्र मोदी, अपना नामांकन भरने के लिए District Magistrate के ऑफिस पहुंचे. और कमरे के अंदर खड़े होकर अपने प्रस्तावकों के आने का इंतज़ार करने लगे. और फिर जैसे ही उनके प्रस्तावकों में से एक... शिक्षाविद अन्नपूर्णा शुक्ला ने कमरे में प्रवेश किया, तो नरेंद्र मोदी ने उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया.

वैसे 2014 के मुक़ाबले 2019 में एक चीज़ अलग हुई है. 5 साल पहले, जब मोदी वाराणसी पहुंचे थे, तो उन्होंने नामांकन भरने के बाद दो लोगों के पैर छूकर आशीर्वाद लिया था. जिनमें एक थे, बनारस घराने के शास्त्रीय गायक छन्नू लाल मिश्रा और दूसरे थे जस्टिस गिरधर मालवीय. लेकिन इस बार नरेंद्र मोदी ने नामांकन भरने से पहले आशीर्वाद लिया. यहां पर नरेंद्र मोदी के नामांकन में शामिल हुए प्रस्तावकों के बारे में भी आपको पता होना चाहिए. 

पिछली बार की ही तरह इस बार भी नरेंद्र मोदी के नामांकन में चार प्रस्तावकों को शामिल किया गया. और ये सभी चार अलग-अलग वर्गों से आते हैं. 91 वर्ष की अन्नपूर्णा शुक्ला, एक शिक्षाविद् हैं. और वो BHU के महिला कॉलेज की पूर्व प्रधानाचार्य हैं. 

काशी के डोमराजा परिवार के सदस्य जगदीश चौधरी भी नरेंद्र मोदी के प्रस्तावक बने. डोम समाज दुनिया के सबसे पुराने शहर वाराणसी का एक पिछड़ा समाज है. डोमराजा का परिवार कई पीढ़ियों से मणिकर्णिका घाट पर शवों के दाह संस्कार का काम करता है. ऐसे में डोमराज को अपना प्रस्तावक बनाकर, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के पिछड़े वर्ग को सम्मान दिया है. इसके अलावा दो अन्य प्रस्तावकों में सामाजिक कार्यकर्ता सुभाष गुप्ता, और कृषि वैज्ञानिक राम शंकर पटेल शामिल थे. इन चारों प्रस्तावकों की मदद से मोदी ने वाराणसी में वोटों का समीकरण भी बना लिया.

जिस वक्त नामांकन की प्रक्रिया चल रही थी, उस वक्त प्रधानमंत्री मोदी शुरुआती लम्हों में हल्के-फुल्के अंदाज़ में अंदर बैठे लोगों से कुछ बात कर रहे थे. और इस दौरान वो बार-बार दीवार की तरफ देखकर, कुछ टिप्पणी भी कर रहे थे. और ये सिलसिला लगातार 32 मिनट तक चलता रहा. और फिर जैसे ही नामांकन की प्रक्रिया ख़त्म हुई, प्रधानमंत्री मोदी ने कमरे के भीतर मौजूद अधिकारियों से वो प्रश्न पूछ दिया, जिसका इंतज़ार वो 32 मिनट से कर रहे थे. और इस दौरान उन्होंने 5 साल पहले हुई घटना का भी ज़िक्र किया 

कुल मिलाकर नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में अपनी जीत का टाइमर सेट कर दिया है. लेकिन तस्वीरों में जो समीकरण दिख रहे हैं उन्हें देखकर कहा जा सकता है कि नरेंद्र मोदी के आत्मविश्वास की तरंगें.. वाराणसी से बाहर निकलकर पूरे देश पर अपना प्रभाव छोड़ेंगी.

आज आपको ये जानने में भी दिलचस्पी होगी कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास कितनी संपत्ति है. आज वाराणसी में अपना नामांकन करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने हलफ़नामे में अपनी संपत्ति का ब्यौरा चुनाव आयोग को दिया है .

इस एफिडेविट के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी के पास क़रीब ढाई करोड़ रुपये की संपत्ति है.
प्रधानमंत्री के पास 38 हज़ार 750 रुपये कैश हैं.
प्रधानमंत्री के fixed deposit और बैंकों में जमा रक़म को मिलाकर उनके पास क़रीब एक करोड़ 28 लाख रुपये हैं.
जीवन बीमा और अन्य निवेश को मिलाकर क़रीब 9 लाख 71 हज़ार रुपये है.
उनके पास एक लाख 14 हज़ार रुपये के ज़ेवर हैं. इनमें सोने की चार अंगूठियां हैं.

उनका घर, गांधी नगर में है... लेकिन इसमें उनका मालिकाना हक़, सिर्फ एक चौथाई है... इसकी मौजूदा क़ीमत क़रीब एक करोड़ दस लाख रुपये है. इस तरह कुल मिलाकर प्रधानमंत्री के पास करीब ढाई करोड़ रुपये की संपत्ति है. प्रधानमंत्री मोदी के पास अपनी कोई कार नहीं है.