लोकसभा में विपक्ष पर बरसे PM नरेंद्र मोदी, जानिए भाषण की 10 खास बातें
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लोकसभा में विपक्ष पर बरसे PM नरेंद्र मोदी, जानिए भाषण की 10 खास बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देते हुए विपक्ष के कई सवालों का एक साथ जवाब दिया. इस दौरान पीएम ने एक मशहूर भोजपुरी कहावत का जिक्र करते हुए विपक्षी दलों पर तंज कसा.

लोकसभा में विपक्ष पर बरसे PM नरेंद्र मोदी, जानिए भाषण की 10 खास बातें

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देते हुए विपक्ष के कई सवालों का एक साथ जवाब दिया. पीएम मोदी ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि 'न खेलेंगे, न खेलने देंगे, बस खेल बिगाड़ेंगे'. पीएम ने अपने भाषण में कोरोना महामारी को लेकर भी अपनी बात रखी और कांग्रेस पार्टी के नेता मनीष तिवारी (Manish Tiwari) के सवाल का जवाब भी दिया. पीएम ने ये भी कहा कि 130 करोड़ देशवासियों के अनुशासन और समर्पण ने हमें बचाकर रखा है. दरअसल मनीष तिवारी के भाषण का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, उन्होंने कहा कि भगवान की कृपा है कि कोरोना में बच गए. मैं इस पर जरूर अपनी बात रखूंगा.

'भगवान ने बचाया'

पीएम ने कहा कि ये भगवान की ही कृपा है कि दुनिया हिल गई और हम बच गए. पीएम मोदी ने कहा कि हां हमें भगवान ने ही बचाया, लेकिन वे डॉक्टर, नर्स, एंबुलेंस ड्राइवर, सफाई कर्मचारी आदि के रूप में आए थे. वे अपने छोटे-छोटे बच्चों को कहकर निकलते थे कि शाम को लौटकर आऊंगा, लेकिन 15-20 दिन आ नहीं पाते थे.' पीएम ने कहा, 'हम कोरोना से जीत गए क्योंकि ये सफाई कर्मचारी, मरीजों के पास जाकर साफ-सफाई करते थे. भगवान का रूप ये सफाई कामगारों के रूप में आया था. कोई एंबुलेंस चलाने वाला ड्राइवर, वो जानता था कि मैं जिसे ले जा रहा हूं वह कोरोना का मरीज है, तो वह ड्राइवर भी भगवान का रूप था. 

'अफवाहों का शिकार हुए किसान भाई'

पीएम ने कहा कि कृषि कानूनों के कंटेंट पर चर्चा करने की बजाय हमारी विपक्षी पार्टियों ने कृषि कानूनों के रंग पर चर्चा किया. उन्होंने कहा कि अगर विपक्षी पार्टियां कृषि कानूनों के कंटेंट पर चर्चा करतीं तो हमारे किसान भाई-बहनों के मन में गलतफहमी न होती. पीएम ने कहा कि हमारे देश के किसान भाई अफवाहों का शिकार हुए.

'किसानों के फायदे के लिए लाए कानून'

पीएम ने कहा ये सदन और ये सरकार सभी किसान साथियों की भावनाओं का आदर करती है और करती रहेगी. लगातार बातचीत होती रही है. बातचीत में किसानों की शंकाओं को ढ़ूढ़ने का भी प्रयास किया गया. कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने इस पर विस्तार से बताया भी है. किसानों के फायदे के लिए ये कानून बनाए गए हैं. कानून लागू होने के बाद न देश में कोई मंडी बंद हुई है, न एमएसपी बंद हुआ है.

'आंदोलन अपवित्र किया गया' : PM

टोल प्लाजा (Toll Plaza) तो सभी राज्यों की सरकारों की ओर से स्वीकार की गई व्यवस्था है. उस टोल प्लाजा पर कब्जा कर लेना, वहां तोड़फोड़ करना क्या आंदोलन को अपवित्र करने जैसा नहीं है. 

'अर्थव्यवस्था के सुधार चलते रहे'

कोरोना कालखंड में जनधन खाते, आधार, ये सभी गरीब के काम आए। लेकिन कभी-कभी सोचते हैं कि आधार को रोकने के लिए कौन लोग सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे में गए थे? इस कालखंड में भी हमने रिफॉर्म का सिलसिला जारी रखा है. हम इस इरादे से बढ़ चुके हैं कि भारत की अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए हमें नए कदम उठाते रहेंगे.  

'आत्मनिर्भर भारत का जिक्र'

पीएम ने ये भी कहा, 'कोरोना महामारी के बीच भारत ने जिस तरह खुद को संभाला और दुनिया को भी संभलने में मदद की ये एक तरह का टर्निंग प्वाइंट है. कोरोना काल खंड में भारत ने 'सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामया' की भावना को आगे बढ़ाया है. भारत ने एक 'आत्मनिर्भर भारत' के रूप में कई फैसले लिए.

जनधन-आधार-मोबाइल ट्रिनिटी से बदलाव: PM

पीएम नरेंद्र मोदी ने आगे ये भी कहा कि जनधन-आधार-मोबाइल ट्रिनिटी ने लोगों की जिंदगियों में सकारात्मक बदलाव लाया है. इसने गरीबों और पिछड़ों की मदद की है. दुर्भाग्य से लोग आधार के खिलाफ कोर्ट चले गए थे.

‘न खेलब, न खेले देइब, खेलिए बिगाड़ब'

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जवाब के दौरान उन्होंने किसान आंदोलन को लेकर विपक्ष पर जोरदार तंज कसा. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ' कांग्रेस जो देश की सबसे पुरानी पार्टी थी, जिसने करीब 6 दशक राज किया, उसकी बुरी दशा हो गई है. हम तो प्रोग्रेसिव पॉलिटिक्स में विश्वास करते हैं लेकिन कुछ लोग ऐसे हैं जो किसानों को गुमराह करने का काम कर रहे हैं. भोजपुरी में एक कहावत है- ‘न खेलब, न खेले देइब, खेलिए बिगाड़ब. और आज इसी तर्ज पर काम किया जा रहा है.

'आंदलोनजीवियों' पर निशाना 

पीएम मोदी ने आज लोकसभा में एक बार फिर से 'आंदलोनजीवियों' पर निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा- किसानों का आंदोलन पवित्र है, मैं इस बात को मानता हूं, लेकिन ये आंदोलनजीवी किसानों के पवित्र आंदोलन को अपवित्र कर रहे हैं। मैं पूछना चाहता हूं कि आंदोलन में आतंकियों और नक्सलियों के रिहाई की मांग क्यों?

'दूसरे विश्वयुद्ध के हालात से तुलना'

पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा कि संकट काल में देश ने अपना रास्ता खुद बनाया. उन्होंने कहा, 'द्वितीय विश्व युद्ध के बाद दुनियाभर में शांति की बातें हुईं लेकिन इस एक नया ऑर्डर देखने को मिला. छोटे से छोटे और बड़े से बड़े देशों ने अपनी सैन्य शक्ति की बढ़ाना शुरू किया. कोरोना के बाद भी एक नया वर्ल्ड ऑर्डर नजर आ रहा है. ऐसी स्थिति में भारत विश्व से कटकर नहीं रह सकता है. हमें भी मजबूत प्लेयर के रूप में उभरना होगा.'

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