पुलवामा: हमले के बाद शवों को पहचानना था मुश्किल, ऐसे हुई शहीदों की पहचान

अधिकारियों ने बताया कि भीषण विस्फोट से जवानों की शिनाख्त करना मुश्किल काम था. 

पुलवामा: हमले के बाद शवों को पहचानना था मुश्किल, ऐसे हुई शहीदों की पहचान

नई दिल्ली: जम्मू कश्मीर के पुलवामा में गुरुवार को हुए आतंकवादी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के सभी 40 जवानों की पहचान उनके आधार कार्ड, आईडी कार्ड तथा कुछ अन्य सामानों के जरिए ही हो पाई. अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि भीषण विस्फोट से जवानों से शव बुरी तरह से क्षत-विक्षत हो गए थे इसलिए उनकी शिनाख्त करना मुश्किल काम था.

इन शहीदों की पहचान आधार कार्ड, बल के आईडी कार्ड, पैन कार्ड अथवा उनकी जेबों या बैगों में रखे छुट्टी के आवेदनों से की जा सकी. वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि कुछ शवों की शिनाख्त कलाइयों में बंधी घड़ियों अथवा उनके पर्स से हुई. ये सामान उनके सहयोगी ने पहचाने थे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीआरपीएफ के शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की
वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पुलवामा आतंकवादी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवानों को शुक्रवार की देर शाम पालम टेक्नीकल एरिया में पुष्पचक्र चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित की. इन शहीद जवानों के पार्थिव शरीर को लेकर वायुसेना का एक विशेष विमान शाम को पालम वायुसेना क्षेत्र पहुंचा.

इस मौके पर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह मौजूद थे. मोदी ने शहीदों के पार्थिव शरीरों के ताबूतों के सामने बनाये गये एक मंच पर पुष्पचक्र चढ़ाया. अधिकारियों ने बताया कि शहीदों के पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटे थे. सीआरपीएफ के अधिकारियों ने पुष्पचक्र चढ़ाकर एक एक कर श्रद्धांजलि दी.

अधिकारियों के अनुसार राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकर अजीत डोभाल, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, सशस्त्र बलों की तीनों सेवाओं -- सेना, वायुसेना और नौसेना के प्रमुखों, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण समेत मंत्रिमंडल के वरिष्ठ मंत्रियों, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की.

जम्मू कश्मीर में बृहस्पतिवार को हुए आतंकवादी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गये थे और पांच अन्य घायल हुए थे. जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती हमलावर ने पुलवामा जिले में 100 किलोग्राम से अधिक विस्फोटकों से भरे एक वाहन को सुरक्षाबलों की बस से टकरा दिया था.