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राफेल डील: केंद्र का SC में नया हलफनामा, 'बिना मंजूरी के दस्तावेजों की फोटोकॉपी की गई'

केंद्र ने कहा, "इन दस्तावेजों की अनाधिकृत फोटोकॉपी के जरिये की गई चोरी ने देश की सुरक्षा, संप्रभुता को बुरी तरह प्रभावित किया है."    

राफेल डील: केंद्र का SC में नया हलफनामा, 'बिना मंजूरी के दस्तावेजों की फोटोकॉपी की गई'
राफेल डील मामले में केंद्र सरकार ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में नया हलफनामा दाखिल किया..(फाइल फोटो)

नई दिल्ली: राफेल डील मामले में केंद्र सरकार ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में नया हलफनामा दाखिल कर कहा है कि केंद्र सरकार की बिना मंजूरी के संवेदनशील दस्तावेजों की फोटोकॉपी की गई. इन दस्तावेजों की अनाधिकृत फोटोकॉपी के जरिये की गई चोरी ने देश की सुरक्षा, सम्प्रभुता और दूसरे देशों के साथ दोस्ताना सम्बधों को बुरी तरह प्रभावित किया है.^केंद्र ने कहा, "पुनर्विचार याचिका के साथ सलग्न दस्तावेज एयरक्राफ्ट की युद्ध क्षमता से जुड़े हैं. याचिकाकर्ताओं ने बेहद गोपीनाय जानकारी को लीक किया है." 

रक्षा मंत्रालय ने आगे हलफनामे में कहा है कि राफेल मामले में दायर पुर्नविचार याचिका सार्वजनिक रूप से सबको उपलब्ध है, हमारे प्रतिद्वंद्वी या दुश्मनों की भी इस तक पहुंच है. ये राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालना वाला है. दरअसल, केंद्र सरकार की ओर से बुधवार को चीफ जस्टिस की बेंच से हलफनामा दाखिल करने की अनुमति मांगी गई थी, जिस पर कोर्ट ने हलफनामा दाखिल करने की अनुमति दे दी. गुरुवार (14 मार्च) इस मामले में दोपहर 3 बजे सुनवाई होनी है.

आपको बता दें कि इस वक्त सुप्रीम कोर्ट राफेल डील के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है.पिछली सुनवाई में याचिकाकर्ता प्रशांत भूषण ने सौदे के बारे मे रक्षा मंत्रालय की उस फ़ाइल नोटिंग को पेश किया जिसे हिन्दू अख़बार ने छापा था,लेकिन अटार्नी जनरल ने इस पर आपत्ति जताई और कहा था कि ये चोरी किया हुआ है जांच चल रही है मुक़दमा किया जाएगा. अटार्नी जनरल ने रक्षा मंत्रालय के नोट को संज्ञान मे लेने का विरोध किया था और कहा था कि यह गोपनीय दस्तावेज है.

 

राफेल डील मामले में आप नेता संजय सिंह की पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इंकार किया था और कहा था कि न्यायपालिका के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के चलते संजय सिंह की पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई नहीं की जाएगी.कोर्ट ने संजय सिंह से पूछा क्यों न आपके खिलाफ़ अवमानना की कार्रवाई चलाई जाए? कोर्ट ने संजय सिंह से जवाब मांगा था. उधर, अर्टनी जनरल केके वेणुगोपाल ने कोर्ट बाताया था कि गोपनीय दस्तावेज लीक करने के मसले पर दो अखबारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे.

सुप्रीम कोर्ट ने आप नेता संजय सिंह के वकील संजय हेगड़े से पूछा था कि आप किस पार्टी के हैं? हेगड़े ने कहा था कि आम आदमी पार्टी. CJI ने कहा था कि हम आपकी याचिका नहीं सुनेंगे, आपने हमारे फैसले पर अवांछित टिप्पणी की थी. हम निश्चित रूप से इस बारे में कोई कार्रवाई करेंगे.अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा था कि जिन दस्तावेजों पर 'द हिंदू' ने खबर छापी, उन पर साफ तौर पर 'गोपनीय' लिखा था. इन्हें सार्वजनिक नहीं किया जा सकता.इसकी उपेक्षा कर खबर लिखी गई. ये ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट के खिलाफ है, इन्हीं दस्तावेजों को कोर्ट में भी पेश कर दिया गया.