राजस्थान: सहकारिया विभाग ने लिया निर्णय, ईमानदार किसानों को मिलेगा कर्ज

आपको बता दें कि, पिछली सरकार के समय की गई ऋणमाफी में कई तरह की गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आई थी. 

राजस्थान: सहकारिया विभाग ने लिया निर्णय, ईमानदार किसानों को मिलेगा कर्ज
सहकारिता विभाग ने ऋणमाफी की प्रक्रिया बदली है. (फाइल फोटो)

जयपुर: राजस्थान के 10 लाख नए और सच्चे ईमानदार किसानों को कर्ज मिलेगा. वहीं, राज्य के लाखों डिफाल्टर्स किसानों को अब कभी ऋण नहीं मिल पाएगा. सहकारिता विभाग इसके लिए इनकी जगह नए किसानों को प्राथमिकता देने जा रही है. 

सहकारिता विभाग के सूत्रों के अनुसार, उन किसानों को फसली ऋण मुहैया करवाया जाएगा, जो कई सालों से सहकारिता से जुड़े हुए हैं. लेकिन जिन्हें फसली ऋण का लाभ नहीं मिल पाता था.  इस संबंध में राज्य सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार नीरज के.पवन ने एक सर्कुलर जारी किया है. इस सर्कुलर के मुताबिक सहकारी बैंकों को दिशा निर्देश दिए गए हैं कि वो विलफुल डिफॉल्टर यानि आदतन अवधिपार ऐसे किसानों को फिर से फसली ऋण नहीं दें जो कि जानबूझकर ऋण का भूगतान नहीं करते हैं. इन किसानों की जगह नए सहकारी सदस्य किसानों को ऋण उपलब्ध करवाया जाए. 

जारी सर्कुलर में बैंकों को किसानों को 1 अप्रैल से खरीफ सीजन के लिए अल्पकालीन फसली ऋण देने की बात कही गई है. ऐसे में केन्द्रीय सहकारी बैंक अपने उपलब्ध वित्तीय संसाधनों के आधार पर ऋण वितरण के आवंटन निर्धारित करें. बैंकों से कहा गया है कि वो फिलहाल अपने वित्तीय स्त्रोतों से ही ऋण वितरण की व्यवस्था करें.
    
विभागीय सूत्रों के अनुसार, ऋणमाफी में सामने आई गड़बड़ियों पर लगाम लगाने के लिए भी सहकारिता विभाग ने ऋणमाफी की प्रक्रिया को डीएमआर के जरिए आधार आधारित अभिप्रमाणन से जोड़ते हुए ही ऋण दिए जाने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही इस पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन करने के लिए भी कहा गया है.

आपको बता दें कि, पिछली सरकार के समय की गई ऋणमाफी में कई तरह की गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आई थी. इसलिए सरकारी सदस्यों के साथ ही अपात्र और गलत तरीके से भी ऋणमाफी का लाभ लेने के मामले सामने आने के बाद सहकारिता विभाग ने अब इससे बचने के लिए संपूर्ण प्रक्रिया को आधार से जोड़ने के निर्देश दिए हैं.