60 साल में दूसरी बार सामान्य वर्ग की कोई महिला बनेगी जयपुर जिला प्रमुख 

60 वर्ष के इतिहास में जयपुर जिला परिषद में दूसरी बार 10वें जिला प्रमुख के रूप में सामान्य वर्ग की महिला जिला प्रमुख बनेगी. 

60 साल में दूसरी बार सामान्य वर्ग की कोई महिला बनेगी जयपुर जिला प्रमुख 
जयपुर जिला परिषद

दीपक गोयल, जयपुर: 60 वर्ष के इतिहास में जयपुर जिला परिषद में दूसरी बार 10वें जिला प्रमुख के रूप में सामान्य वर्ग की महिला जिला प्रमुख बनेगी. जयपुर जिला परिषद में जिला प्रमुख के लिए सामान्य महिला वर्ग की लॉटरी खुली है. प्रदेश में पंचायतीराज चुनाव को लेकर पंच, सरपंच और जिला प्रमुख पद की लाटरी निकल गई है, लेकिन जयपुर जिले में जिला परिषद सदस्य सहित प्रधान, पंचायत समिति सदस्य की लॉटरी स्थगित हो जाने से जिला प्रमुख की दावेदारी जताने वालों को अभी इंतजार करना पड़ेगा.

जिला प्रमुख के पद के लिए शनिवार को आरक्षण का जयपुर में निर्धारण होने के साथ ही पंचायतराज चुनाव की गतिविधियां तेज हो गई हैं. जयपुर में 60 साल बाद दूसरी बार सामान्य वर्ग की महिला जिला प्रमुख की सीट पर रहेगी. इससे कई दिनों से जिला प्रमुख बनने का सपना संजोये कई नेताओं के महिला सीट आने पर चेहरों पर मायूसी छा गई. 19 साल बाद एक बार फिर से जयपुर जिला परिषद की कमान महिला के हाथों में रहेगी. वर्ष 2000-2005 में मधु शर्मा जिला प्रमुख रही थी. इसके बाद से लगातार पुरूषों का दबदबा रहा है. 

जयपुर जिला परिषद में वर्ष 1959 से लेकर अब तक 9 जिला प्रमुख रह चुके हैं. आगामी चुनावों में अब सामान्य वर्ग की महिला को 10वें जिला प्रमुख के रूप में चुना जाएगा. लॉटरी निकलने से पहले कई नेता जिला प्रमुख बनने की दावेदारी जता रहे थे, लेकिन लॉटरी खुलने के बाद इनमें मायूसी छा गई. जिला परिषद में 51 मेंबर चुने जाएंगे. जिले में एक मेंबर का वार्ड 70 हजार से 85 हजार आबादी पर निर्धारित हुआ है. चुनावों के बाद चुनकर आए मेंबर बहुमत के आधार पर मिलकर जिला प्रमुख का चुनाव करेंगे. जिला परिषद के मेंबर का चुनाव राजनीतिक पार्टी के आधार पर होता है.

उधर सामान्य महिला की सीट होने के कारण नेता अब अपने पक्ष की महिला जनप्रतिनिधि को जिला प्रमुख की दौड़ के लिए तैयार करने में जुट जाएंगे ताकि उनकी राजनीति वर्चस्व बना रहे. कई लोगों ने तो पिछले काफी समय से क्षेत्र में धीरे-धीरे लोगों से जनसंपर्क तक बढ़ा लिया था, लेकिन लॉटरी में जिला प्रमुख की सीट सामान्य महिला के खाते में चले जाने से उम्मीद टूट गई. लॉटरी के बाद जिला प्रमुख पद की दावेदारी के लिए कांग्रेस एवं भाजपा पार्टी अपने-अपने नेताओं से रायशुमारी करने में लग गई है. मौजूदा सरकार कांग्रेस की होने के कारण जिला प्रमुख की सीट अपने कब्जे में लेने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी. वहीं दूसरी ओर भाजपा एक बार फिर से जिला प्रमुख सीट अपनी झोली में डालने के लिए पूरे दमखम लगाएगी. 

वर्तमान जिला प्रमुख मूलचंद मीणा भाजपा पार्टी से जिला प्रमुख बने थे, लेकिन विधानसभा चुनाव से पहले जिला प्रमुख मूलचंद मीणा ने भी भाजपा को छोड़कर कांग्रेस का हाथ थाम लिया था. मूलचंद मीणा कोटपूतली क्षेत्र से जिला परिषद की सीट से जीतकर जिला प्रमुख बने थे. मीणा से पहले कांग्रेस पार्टी से जिला प्रमुख बने हजारीलाल नागर भी विराटनगर विधानसभा क्षेत्र से आते थे.

अब तक के जिला प्रमुख 
1-नारायण चतुर्वेदी-(1959-1964)
2-सहदेव शर्मा- (1964- 1977)
3-सुरेश शर्मा- (1980-1983)
4-भगवान सहाय शर्मा (1984-1991)
5-रामचरण बोहरा (1995-2000)
6-मधु शर्मा (2000-2005)
7-रामगोपाल गार्ड (2005-2010)
8-हजारीलाल नागर (2010-2015)
9-मूलचंद मीणा (2015 से वर्तमान तक)

जयपुर जिला परिषद में वर्तमान में 51 वार्ड हैं. विभिन्न श्रेणियों में महिलाओं के लिए कुल 25 वार्ड आरक्षित हैं. ऐसे में दोनों पार्टियों को जिला प्रमुख का दावेदार इन्ही महिला पार्षदों में से चुनना होगा. सीट पर आरक्षण की घोषणा के साथ ही दोनों पार्टियों से जुड़ी महिला नेताओं में इस पद के लिए गुणा भाग शुरू हो गया है.