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उद्योग मंत्री का ऐलान, रिसर्जेंट राजस्थान के 90 फीसदी एमओयू होंगे निरस्त

उद्योग मंत्री ने कहा कि जो कंपनियां अभी तक एमओयू पर काम नहीं कर पाई है उनके साथ करार निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है 

उद्योग मंत्री का ऐलान, रिसर्जेंट राजस्थान के 90 फीसदी एमओयू होंगे निरस्त
उद्योग एवं झुंझुनूं के प्रभारी मंत्री परसादीलाल मीणा सोमवार को झुंझुनूं के दौरे पर थे

संदीप केडिया/झुंझुनूं: प्रदेश के उद्योग एवं झुंझुनूं के प्रभारी मंत्री परसादीलाल मीणा सोमवार को झुंझुनूं के दौरे पर थे. उन्होंने इस मौके पर कहा कि पूर्ववर्ती सरकार द्वारा आयोजित किए गए रिसर्जेंट राजस्थान में केवल पैसों की फिजूलखर्ची की गई है. इस आयोजन में हुए एमओयू के 10 फीसदी करार भी अभी तक धरातल पर नहीं उतरे है. उन्होंने कहा कि जो कंपनियां अभी तक एमओयू पर काम नहीं कर पाई है उनके साथ करार निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

इसके साथ ही उन्होने कहा कि नई उद्योग नीति बनाने पर भी राज्य सरकार ने काम शुरू कर दिया है. परसादीलाल मीणा यहां पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की नौ जनवरी को प्रस्तावित सभा की तैयारियों के सिलसिले में आए थे और उन्होंने कहा कि इसी सभा से कांग्रेस लोकसभा चुनावों का आगाज करेगी. इससे पहले झुंझुनूं पहुंचने पर उद्योग मंत्री परसादीलाल मीणा झुंझुनूं के प्रभारी मंत्री बनने के बाद पहली बार झुंझुनूं पहुंचे. जहां पर कांग्रेस नेता दिनेश सुंडा, प्रवक्ता मुरारी सैनी और एमडी चोपदार के नेतृत्व में जोरदार स्वागत किया गया.

इस मौके पर मीणा ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की नौ जनवरी को जयपुर में प्रस्तावित सभा को लेकर कार्यकर्ताओं की बैठक ली और उन्होंने कहा कि सरकार ने 72 घंटे के अंदर किसानों के कर्ज माफ किए है इसलिए यह धन्यवाद सभा है. साथ ही लोकसभा चुनावों का आगाज भी कांग्रेस जयपुर से कर रही है इसलिए हमारी जिम्मेदारी बढ़ती है. उन्होंने कहा कि हर विधानसभा से दो हजार 500 से अधिक किसान व कार्यकर्ता सभा में पहुंचेंगे.

इधर, चुनावों के बाद कांग्रेस की पहली बैठक में ही हंगामा हो गया. दरअसल मंडावा विधानसभा के नेताओं के भाषणों में एक-दूसरे के बीच तल्खी के कारण मामला बिगड़ गया और आखिरकार मंत्री को यह कहना पड़ा कि यह बैठक केवल और केवल नौ जनवरी के कार्यक्रम के लिए बुलाई गई है. इसलिए नौ जनवरी के कार्यक्रम के अलावा कोई बात ना हो. तब जाकर कहीं मामला शांत हुआ. वहीं इस हंगामे पर मीणा ने कहा कि पहली बैठक है इसलिए कुछ गरमागरमी हो गई. लेकिन कांग्रेस एकजुट है और आगामी बैठकों में ऐसा कुछ देखने को नहीं मिलेगा.

पहले ही दौरे में प्रभारी मंत्री सख्त भी दिखे तो नरम भी दिखे. कुल मिलाकर लोकसभा चुनावों तक हर कार्यकर्ताओं को सपोर्ट और पिछली सरकार पर हमला बोलने में कोई भी मंत्री कसर नहीं छोडऩा चाह रहा. वहीं झुंझुनूं में कार्यकर्ताओं के गुस्से पर जिस तरह प्रभारी मंत्री परसादी मीणा ने ठंडा पानी डाला तो वहीं रिसर्जेंट राजस्थान के नाम पर आग में घी डालने का काम किया है.