कोटा: जेके लोन अस्पताल बना नेताओं का पर्यटक केंद्र, मजबूरी में डॉक्टर कर रहे स्वागत

कांग्रेस नेताओं को बीजेपी के नेताओं का जेके लोन अस्पताल आना रास नहीं आ रहा है. इसलिए वो भी अस्पताल में निरीक्षण करने आने वाले बीजेपी के नेताओं का विरोध कर रहे हैं.

कोटा: जेके लोन अस्पताल बना नेताओं का पर्यटक केंद्र, मजबूरी में डॉक्टर कर रहे स्वागत
अस्पताल में निरीक्षण करने की होड़ से लग गई.

कोटा: राजस्थान के कोटा के जेके लोन अस्पताल (JK Lon Hospital) में दो दिन में 10 बच्चों की मौत हुई तो जैसे भूचाल आ गया. जयपुर से दिल्ली तक सरकारें हरकत में आ गईं. हर कोई बच्चों मौत के कारणों का पता लगाने अस्पताल पहुंचने लगा. अस्पताल में निरीक्षण करने की होड़ से लग गई.

इन सबके बीच, जेके लोन अस्पताल, मानो पर्यटक केंद्र बन गया हो. डॉक्टर भी इलाज के साथ-साथ वीआईपी के स्वागत में खड़े रह रहे हैं. मामले को लेकर सियासत शुरू हुई तो बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने हो गई है. 'तुम्हारी सरकार' में बच्चों की मौत बनाम 'हमारी सरकार' में बच्चों की मौत पर बहस शुरू हो गई है.

जेके लोन अस्पताल बना राजनीति का अखाड़ा
शर्म की बात तो ये है कि बच्चों की मौत के कारण जानने के बजाय मौत के आंकड़ों पर जंग छिड़ी हुई है. जी हां, जेके लोन अस्पताल में दो दिन में 10 बच्चों की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. स्थिति यह हो गई कि जेके लोन अस्पताल राजनीति का अखाड़ा बन गया है. नेताओं के निरीक्षण के चलते अस्पताल छावनी सा बन गया है.

कांग्रेस नेताओं को बीजेपी के नेताओं का जेके लोन अस्पताल आना रास नहीं आ रहा है. इसलिए वो भी अस्पताल में निरीक्षण करने आने वाले बीजेपी के नेताओं का विरोध कर रहे हैं. कांग्रेस कार्यकर्ता भी मैदान में कूद गए. कांग्रेस नेता, बीजेपी नेताओं से उनके शासनकाल में कोटा में डेंगू से हुई 60 मौत का कारण पूछ रहे हैं. साथ ही बीजेपी सरकार की तुलना में कांग्रेस राज में बच्चों की मौत के आंकड़े को कम बता रहे. 

अस्पताल छावनी में तब्दील हो गया
सोमवार को बीजेपी के नेता (दो पूर्व चिकित्सा मंत्री) जेके लोन अस्पताल पहुंचे  तो कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया. अस्पताल छावनी में तब्दील हो गया. अस्पताल में तीन थानों के सीआई, एक डिप्टी और आरएसी के जवान तैनात रहे. साइलेन्स जोन में (अस्पताल में) हंगामा और नारेबाजी हुई. ऐसा लग रहा है जैसे जेके लोन अस्पताल, सियासत का अखाड़ा बन गया.

बच्चों की मौत पर सियासत होगी, किसी ने सोचा नहीं था. अब मोतो के आंकड़े गिनाए जा रहे हैं. किसकी सरकार में ज्यादा मौत हुई, इस बहस हो रही है. इधर नेताओं-अधिकारियों के दौरे से मेडिकल कॉलेज प्रशासन के साथ-साथ अस्पताल प्रबंधन भी पशोपेश है. डॉक्टर्स भी स्वागत सत्कार में गुलदस्ता लेकर गेट के बाहर खड़े होने को मजबूर हैं.