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कोटा: एमबीएस अस्पताल में बकाया भुगतान को लेकर ठेका श्रमिको ने किया कार्य बहिष्कार

सुबह 11 बजे सभी ठेका श्रमिक काम छोड़कर पुराने आउटडोर के पास एकत्रित हो गए और नारेबाजी करते हुए अधीक्षक कक्ष में पहुंच गए. 

कोटा: एमबीएस अस्पताल में बकाया भुगतान को लेकर ठेका श्रमिको ने किया कार्य बहिष्कार
ठेका श्रमिको ने बताया कि एमबीएस में ठेका श्रमिक चार कैटगरी में काम करते है.

कोटा: एमबीएस अस्पताल में बकाया भुगतान सहित विभिन्न मांगो को लेकर ठेका श्रमिको ने कार्य बहिष्कार कर दिया. सुबह 11 बजे सभी ठेका श्रमिक काम छोड़कर पुराने आउटडोर के पास एकत्रित हो गए और नारेबाजी करते हुए अधीक्षक कक्ष में पहुंच गए. 

खबर के मुताबिक अधीक्षक कक्ष में ठेका श्रमिको ने संवेदक के खिलाफ जमकर खरी खोटी सुनाई. मामला बढ़ता देख नयापुरा पुलिस भी मौके पर पहुंची. करीब डेढ़ घण्टे तक ठेका श्रमिक अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे. अधीक्षक ने सीनियर अकाउंटेंट, संवेदक व बाबुओं को मौके पर बुलवाया और समस्या समाधान का प्रयास किया. बाद में अधीक्षक के आश्वासन के बाद ठेका श्रमिक वापस काम पर लोटे. 

वहीं ठेका श्रमिको ने बताया कि एमबीएस में ठेका श्रमिक चार कैटगरी में काम करते है. कुछ समय पहले गहलोत सरकार ने अर्द्धकुशल श्रमिक के 12 रुपये प्रतिदिन की बढ़ोतरी की थी. उस हिसाब से एमबीएस में कार्यरत अर्द्धकुशल श्रमिक को मई माह में 270 रुपये बढ़कर सेलरी मिली थी. ट्रेजरी में लिखित आदेश नही जाने के कारण जून माह में संवेदक द्वारा अर्द्धकुशल श्रमिक के भुगतान मे वापस 270 रुपये प्रति माह की कटौती कर दी गई. जब इस बात का पता ठेका श्रमिको को चला तो अधीक्षक से वार्ता का निर्णय लिया गया. 

ठेका श्रमिको ने बताया कि अधीक्षक से वार्ता में बड़े गबन का खुलासा हुआ है. पिछले डेढ़ साल से संवेदक द्वारा ठेका श्रमिको का शोषण किया जा रहा है. संवेदक द्वारा ठेका श्रमिको के 331 रुपये प्रति कार्मिक काटे जा रहे है. यानी चारो कैटगरी में प्रति माह 5 लाख रुपये का गबन पिछले डेढ़ साल से किया जा रहा है. अधीक्षक ने गबन की राशि एरियर के रूप में ठेका कार्मिक को देने का आश्वासन दिया है. 

वहीं, ठेका श्रमिको के दो घण्टे कार्य बहिष्कार से अस्पताल की व्यवस्था चरमरा गई. पर्ची काउंटर, रसीद काउंटर,दवा काउंटर, ओपीडी,भामाशाह काउंटर सहित वार्डो में मरीजो को परेशानियों का सामना करना पड़ा. ओपीडी में मरीजो को लंबी लंबी कतारें लग गई. इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड में कार्मिक नही होने के कारण ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं पहुंच सके. आनन फानन में अस्पताल प्रशासन वैकल्पिक इंतजाम कर वार्ड में सिलेंडर पहुंचाए.