संविधान के साथ हुआ खिलवाड़ क्योकि मोदी है तो सब मुमकिन है-गहलोत का बीजेपी पर हमला

नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए अशोक गहलोत ने कहा कि देश में पिछले दिनों संविधान के साथ खिलवाड़ करने की कई घटनाएं हुई. गहलोत ने चुटकी लेते हुए कहा कि मोदी है तो यह सब मुमकिन है.

संविधान के साथ हुआ खिलवाड़ क्योकि मोदी है तो सब मुमकिन है-गहलोत का बीजेपी पर हमला
गहलोत का मोदी पर हमला

शशि मोहन,जयपुर: विधानसभा में संविधान पर चर्चा के लिए बुलाए गए विशेष सत्र के दूसरे दिन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी अपनी बात रखी इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए अशोक गहलोत ने कहा कि देश में पिछले दिनों संविधान के साथ खिलवाड़ करने की कई घटनाएं हुई. गहलोत ने चुटकी लेते हुए कहा कि मोदी है तो यह सब मुमकिन है.
संविधान दिवस के मौके पर संविधान की चर्चा हुई और इस चर्चा के लिए राजस्थान विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया. सत्र के दूसरे और आखिरी दिन सबसे आखिर में सदन के नेता के नाते मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का संबोधन हुआ अशोक गहलोत ने अपनी संवेदना संबोधन में संविधान निर्माण में योगदान देने वाले नेताओं को श्रद्धांजलि देकर जारी की. और बीजेपी और नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया पर सवाल भी उठाए. गहलोत ने कहा कि संविधान दिवस पर बोलते हुए भले ही गुलाब चंद कटारिया ने एनडीए सरकार की उपलब्धियों का बखान कर दिया हो लेकिन उन्हें यह भी देखना चाहिए कि यह उपलब्धियां किस आधार पर हासिल हो सकीं ? गहलोत ने कहा कि आज अगर देश इस स्थिति में आया है तो उसमें देश के संविधान का योगदान है और 70 सालों की कठिन तपस्या की भूमिका रही है. गहलोत ने कहा की पंडित नेहरू सरदार पटेल और दूसरे कई लोगों ने संविधान में योगदान दिया लेकिन उस योगदान की उपेक्षा करके बीजेपी देश के लोगों को पाकिस्तान का डर दिखाती है. गहलोत ने कहा कि हिंदुस्तान और पाकिस्तान की तुलना नहीं की जा सकती क्योंकि इस देश में लोकतंत्र है और पाकिस्तान में कई बार सैन्य शासन लग चुका है गहलोत ने कहा कि अगर भारत में लोकतंत्र की रक्षा हुई है तो उसका श्रेय भी देश के संविधान को ही जाता है.
गहलोत ने अपनी बात में महाराष्ट्र के घटनाक्रम का भी जिक्र किया उन्होंने कहा कि ऐसा क्या हो गया था जो राज्यपाल ने आधी रात को राष्ट्रपति शासन हटाए जाने को लेकर केंद्र से चर्चा की? उन्होंने पूछा कि प्रधानमंत्री ने इसके लिए कब तो कैबिनेट की बैठक बुलाई ? कब राष्ट्रपति के पास दस्तखत के लिए दस्तावेज भेजे गए और इतना क्या संकट हो गया था जो सुबह 5:47 पर राष्ट्रपति के दस्तखत के बाद राष्ट्रपति शासन हटाने के आदेश जारी हुए ?
गहलोत ने कहा कि आज प्रधानमंत्री विदेश में जाकर बोलते हैं अमेरिका में उनका स्वागत होता है और उनको मान-सम्मान मिलता है तो यह भी देखना चाहिए कि इसके पीछे कारण क्या रहा ? उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को मिलने वाले इस सम्मान के पीछे भी दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और उसका संविधान ही सबसे बड़ा कारण रहा है.
अपने संबोधन में गहलोत ने केंद्र सरकार पर चुटकी लेते हुए कहा कि मोदी के खिलाफ जाने की हिम्मत बीजेपी में कोई नहीं दिखा रहा. गहलोत ने कटाक्ष करते हुए कहा कि 'राजा बोला रात है, रानी बोली रात है, सन्तरी बोला रात है, मंत्री बोला रात है और यह सुबह-सुबह की बात है.गहलोत ने इस दौरान महात्मा गांधी के हत्यारे को देशभक्त बताने वाली सांसद प्रज्ञा ठाकुर को भी आड़े हाथ लिया उन्होंने कहा कि बीजेपी को यह तय करना है कि वह गांधी को मानती है या गोडसे को, मुख्यमंत्री यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि कांग्रेस 100 साल तक भी खत्म नहीं होगी बल्कि कांग्रेस मुक्त की बात करने वाले खुद मुक्त हो जाएंगे. 
गहलोत ने इस दौरान देश के नीति-नियन्ताओं की नीयत पर सन्देह भी जताया। उन्होंने कहा कि देश में संविधान कब तक सुरक्षित है. इस बात को सोचकर वे कई बार घबराते हैं.उन्होंने कहा कि देश में 50 साल तक लगातार राज करने की बातें हो रही हैं और ऐसा लगता है जैसे चीन की तरह एक पार्टी का शासन लाने की सोची जा रही हो उन्होंने कहा कि चुनाव जीतकर कोई सत्ता में आए तो ऐतराज नहीं लेकिन लोकतन्त्र की हत्या नहीं होनी चाहिए। 
गहलोत ने बीजेपी की तरफ़ इशारा करते हुए कहा कि आप खुश हो, लेकिन मैं चिन्तित हूं क्योंकि मोदी है तो मुमकिन है हालांकि गहलोत के भाषण के बाद बीजेपी की तरफ़ से प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी विधायक अशोक लाहोटी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में चालीस बार से ज्यादा प्रधानमन्त्री मोदी का नाम लिया