राजस्थान: किसानों को मिलेगा PM किसान सम्मान योजना का फायदा, ईमित्र पर शुरू हुआ रजिस्ट्रेशन

योजना का लाभ लेने के लिए किसान को नजदीकी ई-मित्र केन्द्र पर जाकर लघु सीमान्त कृषक सेवा पोर्टल पर अपने आधार संख्या के माध्यम से लोगिन करना होगा.

राजस्थान: किसानों को मिलेगा PM किसान सम्मान योजना का फायदा, ईमित्र पर शुरू हुआ रजिस्ट्रेशन
प्रतीकात्मक तस्वीर

जयपुर/ आशीष चौहान: राजस्थान में लघु एवं सीमान्त किसानों को प्रत्यक्ष संबंधी सहायता आय सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के क्रियान्वयन के लिए सहकारिता विभाग को नोडल विभाग और सहकारिता रजिस्ट्रार डॉ. नीरज के पवन को राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिया है.

डॉ. नीरज के. पवन ने वीसी के माध्यम से ग्राम सेवा सहकारी समितियों के व्यवस्थापकों को संबोधित करते हुए बताया कि प्रदेश में योजना को पारदर्शी एवं त्वरित ढंग से लागू करने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग द्वारा लघु सीमान्त कृषक सेवा पोर्टल बनाया गया है. इसे 16 फरवरी, 2019 से एक्टिेवेट कर दिया गया है. पात्र किसान परिवार को एक वर्ष की अवधि में 6 हजार रुपये की प्रत्यक्ष संबंधी सहायता दी जाएगी. यह सहायता राशि दो-दो हजार की तीन किश्तों में दी जाएगी. 

यह राशि आधार आधारित डेटाबेस के माध्यम से किसान के बैंक खाते में सीधे जमा होगी. योजना के लाभ से कोई भी पात्र लघु एवं सीमान्त किसान परिवार वंचित नहीं रहे और कोई भी अपात्र किसान इसका फायदा न ले सके इसको सुनिश्चित करने के लिए पात्र लाभार्थी से आधार नम्बर लिया जाना अनिवार्य किया गया है. यदि किसी किसान के पास आधार नम्बर नहीं है तो ऐसे किसान आधार के लिए नामांकन करा योजना का लाभ ले सकेंगे.

योजना का लाभ लेने के लिए किसान को नजदीकी ई-मित्र केन्द्र पर जाकर लघु सीमान्त कृषक सेवा पोर्टल पर अपने आधार संख्या के माध्यम से लोगिन करना होगा. स्वयं और भूमि स्वामित्व के बारे में आवश्यक जानकारियां अपलोड करनी होंगी. योजना का लाभ लेने के बारे में भी ई-साइन कर अपनी सहमति देगा. नोडल अधिकारी ने बताया कि किसान का आवेदन पत्र अपलोड होने पर स्वतः ही संबंधित पटवारी को ऑनलाइन ट्रांसफर होगा. पटवारी किसान के आवेदन पत्र में उल्लेखित सूचनाओं का भू-अभिलेख रजिस्टर से सत्यापित करते हुए तहसीलदार को फॉरवर्ड करेगा. किसान को उसके द्वारा योजना के तहत किये गये आवेदन पर प्रत्येक स्तर पर क्या कार्यवाही की जा रही है, के संबंध में एसएमएस के द्वारा सूचित किया जाएगा.

पटवारी द्वारा किसान के आवेदन की सूचनाओं को सत्यापित नहीं किया जाता है तो उसकी जानकारी भी किसान को एसएमएस द्वारा दी जाएगी. ऐसी स्थिति में किसान असंतुष्ट होने पर 7 दिवस में तहसीलदार के समक्ष अपील कर सकता है. डा. पवन ने बताया कि योजना के क्रियान्वयन में किसान की सहमति के आधार पर उनके आधार संख्या को भू-राजस्व रिकार्ड में भूमि के खाते के साथ लिंक किया जाएगा. उन्होंने बताया कि पोर्टल के माध्यम से किसान से उसके सहकारी समिति के सदस्य होने के स्टेटस तथा फसली ऋण प्राप्त करने की आवश्यकता के संबंध में भी ब्यौरा मांगा गया है ताकि भविष्य में किसानों को उनकी मांग के अनुसार सहकारिता के माध्यम से फसली ऋण की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके.