राजस्थान सरकार राजस्व विभाग में अटके जमीन आवंटन के प्रकरण करेगी समाप्त

मंत्री हरीश चौधरी ने ऐसे प्रकरणों को निस्तारित करने के निर्देश राजस्व विभाग प्रमुख सचिव संजय मल्होत्रा को दिए हैं

राजस्थान सरकार राजस्व विभाग में अटके जमीन आवंटन के प्रकरण करेगी समाप्त
अधिकारियों से लंबित प्रकरणों के निस्तारण के लिए 26 फरवरी को एक बैठक बुलाई गई है

भरत राज/जयपुर: राजस्व विभाग में सालों से अटके जमीन आवंटन के प्रकरण अब समाप्त हो जाएंगे. लंबे समय से जमीन के लंबित प्रकरणों को निस्तारित करने के लिए सरकार ने कदम बढ़ा दिए हैं. राजस्व विभाग ने इसको लेकर जिला कलक्टरों से सूची भी मांगी थी, ताकि प्रदेश में ऐसे लंबित प्रकरणों का आंकड़ा देख उनको निस्तारित करने के काम में तेजी लाई जा सके. 

मिली जानकारी के मुताबिक सरकार के पास जमीन आवंटन से जुड़े हुए आंकड़े आए तो सरकार ने इनके निस्तारण की तैयारी कर ली. मंत्री हरीश चौधरी ने ऐसे प्रकरणों को निस्तारित करने के निर्देश राजस्व विभाग प्रमुख सचिव संजय मल्होत्रा को दिए हैं. 

आंकड़ों के मुताबिक भूमि आवंटन के कुल लंबित प्रकरण -76, राज्य सरकार के स्तर पर लंबित प्रकरण - 2, जिला स्तर पर लंबित प्रकरण- 74, जबकि प्रदेश में आबंटन नियम 1959 के तहत औधोगिक इकाईयों को लेकर लंबित 18 प्रकरण हैं. जिसमें से जिला स्तर पर 17 और राज्य सरकार स्तर पर 1 मामला लंबित है. वहीं अजमेर जिले में भूमि आबंटन का प्रकरण भीलवाड़ा, बीकानेर, चूरू, जैसलमेर, जोधपुर, नागौर, प्रतापगढ़, सीकर का एक-एक प्रकरण लंबित है. जबकि राजसमंद के 5, कोटा के 3 प्रकरण भी जिला स्तर पर लंबित बै.

आवंटन नियम 1963 के तहत लंबित प्रकरण ऐसे प्रकरण जो स्कूल, कॉलेज, धर्मशाला, सामुदायिक केंद्र के आवंटन से जुड़े हैं. जिसमें जोधपुर का एक प्रकरण जिला स्तर पर लंबित है. वहीं संपरिवर्तन नियम 2007 के तहत लंबित प्रकरण के तहत जिनमें खातेदारी भूमि का रूपांतरण होने के चलते आवंटन नहीं हुआ है, प्रदेश में ऐसे 6 प्रकरण हैं. जिसमें से जयपुर का प्रकरण, जोधपुर, प्रतापगढ़, राजसमंद, चित्तौड़गढ़ का प्रकरण जिला स्तर पर लंबित हैं.

अन्य विचाराधीन प्रकरण
ऐसे प्रकरण जो आबादी विस्तार और कब्रिस्तान और श्माशान भूमि आंवटन से जुड़े हुए हैं वह 51 प्रकरण हैं, जो जिला स्तर पर लंबित हैं. जिसमें जयपुर के 8, हनुमानगढ़ के 3, जालौर-1, झुंझुनूं-3, जोधपुर-4, कोटा-1, सवाईमाधोपुर-1, सिरोही-2, श्रीगंगानगर-3, टोंक-3, उदयपुर-2, अजमेर-4, बाड़मेर- 3, भरतपुर-3, भीलवाड़ा-5, बीकानेर-1, बूंदी-1, चित्तौड़गढ़-2, धोलपुर का 1 प्रकरण लंबित हैं.

मंत्री के निर्देश के बाद सभी अधिकारियों से लंबित प्रकरणों के निस्तारण के लिए 26 फरवरी को एक बैठक बुलाई गई है. जिसमें एडीएम, भू प्रबंध अधिकारी मीटिंग में मौजूद रहेंगे. इसके साथ ही अन्य अधिकारी वीसी के जरिए कनेक्ट रहेंगे.