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राजस्थानः हिन्दी ग्रंथ अकादमी स्वर्ण जयंती पर 200 से अधिक लेखकों को करेगी सम्मानित

राजस्थान हिन्दी ग्रंथ अकादमी अगले माह अपनी स्थापना की स्वर्ण जयन्ती पर आयोजित समारोह में 200 लेखकों को सम्मानित करेगी. 

राजस्थानः हिन्दी ग्रंथ अकादमी स्वर्ण जयंती पर 200 से अधिक लेखकों को करेगी सम्मानित
राजस्थान हिन्दी ग्रंथ अकादमी अगले माह अपनी स्थापना की स्वर्ण जयन्ती पर आयोजित समारोह में 200 लेखकों को सम्मानित करेगी. (फाइल फोटो)

जयपुरः राजस्थान हिन्दी ग्रंथ अकादमी अगले माह अपनी स्थापना की स्वर्ण जयन्ती पर आयोजित समारोह में 200 लेखकों को सम्मानित करेगी. स्थापना की 50वीं वर्षगांठ पर अकादमी तीन ऐसे लेखकों को प्रज्ञा पुरस्कार से भी सम्मानित करेगी, जिनकी रचनाओं के 15 से ज्यादा संस्करण आ चुके हैं 

अकादमी के निदेशक डा बी एल सैनी ने भाषा को बताया कि स्वर्ण जयंती समारोह में पुस्तक राजस्थान का भूगोल के लेखक हरी मोहन सक्सेना, सौन्दर्य शास्त्र की लेखक ममता चतुर्वेदी, भारतीय चित्रकला और मूर्ति कला का इतिहास की लेखिका रीता प्रताप को प्रज्ञा पुरस्कार से सम्मानित किया जायेगा. प्रज्ञा पुरस्कार के तहत 51-51 हजार रुपये की धनराशि प्रदान की जाएगी. 

सैनी ने बताया कि राजस्थान हिन्दी ग्रन्थ अकादमी द्वारा 1969 से अब तक कुल 660 पुस्तकों का प्रकाशन किया जा चुका है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2018-19 में अकादमी ने तीन करोड 71 लाख रुपये की पुस्तकों की बिक्री का कीर्तिमान स्थापित किया है. इसमें से करीब 60 लाख रूपये लेखकों को रायल्टी के रूप में दिए गए हैं. पारदर्शिता बनाये रखने के लिए रायल्टी का भुगतान आनलाइन किया जा रहा है. इसका ब्योरा अकादमी की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है. 

उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा बिकने वाली पुस्तकों में राजस्थान का भूगोल (20 हजार पुस्तक), राजस्थान का इतिहास कला संस्कृति (आठ हजार पुस्तक) और राजस्थान की सांस्कृतिक पंरपरा (पांच हजार पुस्तक) शामिल हैं. 

सैनी ने बताया कि अकादमी पुस्तकों के मानकीकरण का कार्य भी करेगी. जिन पुस्तकों की लोकप्रियता में लगातार वृद्वि हो रही है उनका मानकीकरण किया जायेगा. इसके लिये केन्द्र सरकार से भी सहयोग मांगा जायेगा.

डॉ सैनी ने बताया कि अकादमी कई महत्वपूर्ण कार्यो को अंजाम देने जा रही है. अकादमी ने राजस्थान स्थापना स्वर्ण जयन्ती के अवसर पर प्रदेश के 61 स्वतंत्रता सेनानियों पर मोनोग्राफ अमर पुरोधा प्रकाशित किए थे. अकादमी की 50 वीं वर्षगांठ पर इस श्रृंखला को आगे बढाते हुए 140 स्वतंत्रता सेनानियों के कृतित्व पर मोनोग्राफ के प्रकाशन का संकल्प लिया है. यह कार्य राजस्थान के स्वाधीनता संग्राम के इतिहास पर शोध की दृष्टि से उल्लेखनीय होगा. उन्होंने बताया कि अकादमी ने इस वर्ष से बीज ग्रन्थों के प्रकाशन पर भी कार्य प्रारम्भ कर दिया है.

(इनपुटः भाषा)