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राजस्थान: रामगढ़ उपचुनाव कांग्रेस के लिए होगी अग्निपरीक्षा, दिग्गज नेताओं ने की जनसभा

रामगढ़ में 28 जनवरी को होने वाले उपचुनाव के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, सचिन पायलट सहित कई कांग्रेसी नेताओं ने जनसभा की.

 राजस्थान: रामगढ़ उपचुनाव कांग्रेस के लिए होगी अग्निपरीक्षा, दिग्गज नेताओं ने की जनसभा
रामगढ़ की चुनावी सभा के दौरान मंच पर मौजूद कांग्रेस नेता.

जयपुर: लोकसभा चुनाव से पहले रामगढ़ उपचुनाव कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती है. शुक्रवार को इसी किले को फतह करने के मकसद से रामगढ़ में कांग्रेस की बड़ी चुनावी सभा आयोजित की गई. विधानसभा चुनाव में 99 सीटें जीतने वाली कांग्रेस रामगढ़ की सीट से ना केवल सौ का आंकड़ा पूरा करना चाहती है बल्कि पूर्ण बहुमत की सरकार भी बनाना चाहती है. 

कांग्रेसी कार्यकर्ताओं से खचाखच भरे अलवर जिले के रामगढ़ के खेल मैदान में आज कांग्रेस के दिग्गज नेता जुटे मकसद था. रामगढ़ के उप चुनाव की सीट पर कांग्रेस का परचम फहराना. 

चुनावी सभा को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, सचिन पायलट, प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे सहित कई मंत्री कई विधायकों ने संबोधित किया. सभा में बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की मौजूदगी से कांग्रेस के दिग्गज नेता बड़े खुश नजर आए. सभा में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य सरकार से लेकर केंद्र सरकार पर जमकर हमले किए. इस दौरान गहलोत ने रामगढ़ के लोगों से नफरत की राजनीति करने वालों को सबक सिखा कर सच्चाई की राह पर चलने वाली पार्टी को वोट देने की अपील की. 

सभा के दौरान उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा, ''रामगढ़ की जनता के पास मौका है कि वह कांग्रेस को पूर्ण बहुमत देने में अपना योगदान अदा करें. आप कांग्रेस प्रत्याशी साफिया जुबेर को चुनाव में जीत दिलाकर विधानसभा भेजें. राज्य सरकार रामगढ़ के विकास में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगी.''

कार्यक्रम में मौजूद कांग्रेस नेता प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे, चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा, मुख्य सचेतक महेश जोशी ने अपने संबोधन में रामगढ़ की जनता से भारी मतों से कांग्रेस के प्रत्याशी को जिताने की अपील की.  

रामगढ़ में सांप्रदायिक आधार पर होता है मतदान

रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के चुनाव इतिहास को अगर देखें तो यहां हमेशा सांप्रदायिक आधार पर मतदान को प्रभावित करने की परंपरा रही है. यहां आमतौर पर चुनावी मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच रहा है. इस बार के चुनाव में कांग्रेस ने 2 बार विधायक रह चुके जुबेर खान की पत्नी साफिया खान को चुनावी मैदान में उतारा है. वहीं भाजपा ने अपने फायर ब्रांड नेता ज्ञानदेव आहूजा का टिकट काटकर सरपंच सुखवंत को मौका दिया है. लेकिन इस चुनाव को त्रिकोणीय बनाने का प्रयास कर रहे हैं बसपा के उम्मीदवार जगत सिंह. 

जगत सिंह कभी कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे और विदेश मंत्री रहे नटवर सिंह के पुत्र हैं. वह भाजपा की टिकट पर कामा से विधायक का चुनाव जीक चुके हैं. लेकिन इस बार इस सीट से बसपा के टिकट पर अपना भाग्य आजमा रहे हैं. जगत के चुनावी मैदान में आने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है लेकिन सरकार बनने के बाद कुछ अपवाद को छोड़कर उपचुनाव के परिणाम सत्ता के साथ रहते हैं. ऐसे में कांग्रेस का पलड़ा इस सीट पर भारी नजर आ रहा है. 

लेकिन अब फैसला रामगढ़ की जनता को करना है. चुनाव परिणाम आने के बाद पता चलेगा की इस 1 सीट के जरिए कांग्रेस अपना सौ का आंकड़ा पाकर बहुमत हासिल कर पाती है या उसे सरकार चलाने के लिए बसपा और सहयोगी दल की जरूरत पड़ेगी.