राजस्थान की रेतीली धरती पर जमी बर्फ, सर्दी के सितम से जन-जीवन बेहाल

पिछले कई दिनों से इलाके का तापमान जमाव बिंदु के नजदीक पहुंच गया था, जो गुरुवार को माइनस 3 डिग्री पहुंच गया. 

राजस्थान की रेतीली धरती पर जमी बर्फ, सर्दी के सितम से जन-जीवन बेहाल
राजस्थान में शीतलहर और कड़ाके की सर्दी से आमजन प्रवाहित है.

अशोक सिंह/शेखावटी: रेतीले धोरों में इन दिनों कड़ाके की सर्दी ने कश्मीर का सा नजारा बना दिया है. कड़ाके की सर्दी ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. पिछले 1 सप्ताह में मौसम के लगातार बदलाव के चलते जनजीवन खासा प्रभावित है. कभी कोहरा-शीतलहर तो कभी ओलावृष्टि ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया था. वहीं, अब माइनस में तापमान पहुंचने से खेतों में फसलों पर बर्फ जम गई है, जिससे किसानों के चेहरे पर चिंता सताने लगी है.

वहीं, शेखावाटी में लगातार बदलते मौसम ने जन-जीवन को खासा प्रभावित कर दिया है. दो दिनों से तापमान में भारी गिरावट और माइनस में पहुचने से बर्फ जम गई है. पिछले 15 दिनों  में लगातार मौसम के बदलाव के चलते अल सुबह कोहरा तो सहित लहर ने लोगों की दिनचर्या प्रभावित कर दी है. कड़ाके की हाड़ कंपाने वाली सर्दी ने सभी का हाल बेहाल कर दिया है. पन्द्रह दिन पहले सीकर के कई इलाकों में ओलावृष्टि हुई, जिससे सर्दी का आलम बढ़ गया और साथ ही फसल भी खराब हो गई. 

सर्दी के कारण हालात ऐसे हैं कि गांव, कस्बे, शहर, रोज सुबह कोहरे की चादर में लिपटे नजर आ रहे हैं. वाहन चालकों को दिन में भी लाइट जलाकर वाहन चलाने पड़ रहे हैं. जगह-जगह लोग अलाव जलाकर सर्दी से बचने के जतन करते देखे जा सकते. पिछले कई दिनों से इलाके का तापमान जमाव बिंदु के नजदीक पहुंच गया था, जो गुरुवार को माइनस 3 डिग्री पहुंच गया. तापमान माइनस 3 डिग्री पहुंचने से सर्दी बढ़ी तो बर्फ जम गई जिससे जनजीवन खासा प्रभावित हो गया है. 

राजस्थान में शीतलहर और कड़ाके की सर्दी से आमजन प्रवाहित है. वहीं, सबसे ज्यादा बर्फ जमने से किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें बढ़ गई है. फसलों में बर्फ जमने से किसानों को फसल खराबे की चिंता सताने लगी है. 15 दिन पहले हुई ओलावृष्टि से जहां किसानों की फसल खराब हो गई थी. अब मौसम में फिर से आए बदलाव के चलते बर्फ जमने से किसानों को सरसों गेहूं जो चना की फसल खराब होन की चिंता सताने लगी है. किसानों का कहना है किसी तरह घर पर जमीन पर फसल पूरी तरह नष्ट हो जाएगी. 

उधर, मौसम के जानकारों का कहना है कि उत्तरी हवाओं के चलते अभी सर्दी का असर यूं ही बरकरार रहेगा. वही किसान जिनकी ओलावृष्टि से फसल खराब हो गई थी. जिसको लेकर किसानों को अभी तक मुआवजा नहीं मिला है. वहीं, अब मौसम की मार का डर किसानों को फिर से सताने लगा है.