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टीकाराम जूली ने की घोषणा- 'श्रम विभाग में खाली पड़े पदों पर जल्द होगी भर्ती'

श्रम कल्याण अधिकारी, श्रम निरीक्षकों एवं जिला प्रबंधकों की दो दिवसीय आमुखीकरण कार्यशाला के उद्घाटन के दौरान मंत्री ने यह घोषणा की है. 

टीकाराम जूली ने की घोषणा- 'श्रम विभाग में खाली पड़े पदों पर जल्द होगी भर्ती'
उन्होंने कहा, राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए उद्योग और श्रमिक दोनों ही बहुत जरूरी है.

आशीष चौहान, जयपुर: इंदिरा गांधी पंचायती राज संस्थान में श्रम विभाग की कार्यशाला का आयोजन शुक्रवार को हुआ. राज्य के श्रम कल्याण अधिकारी, श्रम निरीक्षकों एवं जिला प्रबंधकों की दो दिवसीय आमुखीकरण कार्यशाला का उद्घाटन श्रम मंत्री टीकाराम जूली ने किया है. इस दौरान मंत्री ने श्रम विभाग में खाली पडे पदों को भरने का निर्देश दिया है. 

उन्होंने कहा कि हाल ही में हुई नई श्रम निरीक्षकों की नियुक्ति से विभाग में युवाओं में जोश बढ़ा है, इससे हम जिस सकारात्मक दिशा में विभाग को ले जाना चाहते हैं, उसमें कामयाबी मिलेगी. मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश भी दिया है कि जिलों में विभाग से जुड़े लंबित मामलों को शीघ्र निस्तारित कर पेंडेंसी शून्य की जाए.

श्रम मंत्री टीकाराम जूली ने कहा, " अधिक से अधिक सेस इकट्ठा किया जाए. साथ ही उद्योगपतियों, श्रमिकों के मध्य औद्योगिक विवादों का समय पर निपटारा कर औद्योगिक शांति बनाई जाए. क्योंकि राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए उद्योग और श्रमिक दोनों ही बहुत जरूरी है.'' 

उन्होंने कहा, ''बाल श्रम अपराध है, इस पर ध्यान देकर राज्य में बालश्रम की जांच की जाए. राजकीय सेवा मानव सेवा का माध्यम है, ऐसी सोच रखते हुए विभागीय अधिकारियों को काम करना चाहिए." 

इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद श्रम सचिव राजेश यादव ने कहा, "नई पीढ़ी के साथ संवाद जरूरी है. इस आमुखीकरण कार्यशाला के माध्यम से वरिष्ठ अधिकारी अपने अनुभव साझा कर नए विभागीय अधिकारियों को विभाग की कार्य संरचना समझने में मदद करेंगे.उन्होंने कहा कि विभाग का कार्य अर्ध न्यायिक है जिसे नए युवाओं को सीखना जरूरी है. साथ ही नए युवाओं को अपने जिले में सक्रिय होकर नेतृत्व क्षमता दिखानी होगी."

वहीं, कार्यक्रम के दौरान श्रम आयुक्त नवीन जैन ने कहा, ''कार्यशाला में आरटीटीपी कानून, बंधुआ श्रम, श्रम अधिकारियों, श्रम निरीक्षकों की बीओसीडब्ल्यू कानून, योजनाएं, उनके क्रियान्वयन में भूमिका,अधिकारियों की सेस एक्ट में भूमिका सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई. इनसे विभागीय अधिकारी विभागीय संरचना, कार्य को बेहतर तरीके से संपादित कर सकेंगे.

कार्यशाला में कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम, उपादान संदाय अधिनियम, वेतन भुगतान अधिनियम, श्रम अधिकारियों एवं श्रम निरीक्षकों की समझौता अधिकारी के रूप में औद्योगिक विवाद अधिनियम के तहत भूमिका सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई. इससे पहले कार्यशाला की शुरूआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ की गई.

वैसे कार्यशाला में शनिवार को श्रम अधिकारियों एव श्रम निरीक्षकों की श्रमिक संघ अधिनियम, बोनस भुगतान अधिनियम, समान वेतन अधिनियम, बाल एवं बंधुआ श्रम, सूचना का अधिकार सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की जाएगी.