शिवाजी स्मारक मामले में NGO की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का तत्काल सुनवाई से इनकार

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसके जरिए परियोजना को चुनौती देने वाली अपील पर तत्काल सुनवाई करने की मांग की गई थी.

शिवाजी स्मारक मामले में NGO की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का तत्काल सुनवाई से इनकार
(फाइल फोटो)

नई दिल्ली: मुंबई तट पर अरब सागर में प्रस्तावित छत्रपति शिवाजी महाराज के स्मारक के निर्माण पर रोक जारी रहेगी. दरअसल, उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को महाराष्ट्र सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसके जरिए परियोजना को चुनौती देने वाली अपील पर तत्काल सुनवाई करने की मांग की गई थी.

उच्चतम न्यायालय ने इससे पहले महाराष्ट्र सरकार के अधिकारियों से मौखिक रूप से कहा था कि वह निर्माण गतिविधि को आगे न बढायें . साथ ही न्यायालय ने एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) की याचिका पर राज्य सरकार और अन्य को नोटिस जारी किया था. 

गौरतलब है कि गैर सरकारी संगठन ने स्मारक के निर्माण पर बंबई उच्च न्यायालय के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें अदालत ने निर्माण पर रोक लगाने से इंकार कर दिया था.

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष महाराष्ट्र सरकार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने पीठ से आग्रह किया कि गैर सरकारी संगठन की याचिका पर जल्दी सुनवाई की जानी चाहिए कयोंकि स्मारक का निर्माण कार्य रूका हुआ है.

पीठ ने कहा, 'हम महाराष्ट्र को अपनी बारी से पहले आने की अनुमति नहीं दे सकते हैं.' पीठ के सदस्यों में न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव एवं न्यायमूर्ति संजीव खन्ना भी शामिल हैं.'

गैर सरकारी संगठन कंजरवेशन एक्शन ट्रस्ट की ओर से दायर याचिका पर इससे पहले शीर्ष अदालत ने केंद्र और महाराष्ट्र सरकार से जवाब मांगा था. पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 23 फरवरी 2015 को 3,600 करोड़ रुपये की इस परियोजना को मंजूरी दी थी.