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'ऑपरेशन गुड़िया' के बाद वेश्यावृति की दुनिया से निकली मासूम ने कहा...

अपनी पुरानी जिन्दगी को याद करती हुई मासूम ने बताया कि उसके गांव का नाम मुरलीडांगी है. लेकिन उसे नहीं पता कि यह गांव किस राज्य के किस जिले में है.

'ऑपरेशन गुड़िया' के बाद वेश्यावृति की दुनिया से निकली मासूम ने कहा...
अभी इस मासूम के और उसकी बहनों के सौदागर गिरफ्तार किए जा चुके हैं.

अजमेर: ऑपरेशन गुड़िया ने एक ओर जहां बेटियों के सौदागरों को जिस तरीके से सलाखों के पीछे धकेल दिया दूसरी ओर उसने छह मासूम बेटियों को एक नया जीवन भी दिया. सभी छह बेटिया ऐसी है जिन्हें मां के आंचल से छीन कर दरिंदो ने वैश्यवृत्ति के अड्डों पर पहुंचा दिया था, लेकिन ऑपरेशन गुड़िया के बाद पुलिस ने इन्हें बरामद कर अजमेर के शेल्टर होम में पहुंचाया ताकि वह इस हादसे की भयावह यादों से बाहर निकल पाएं. 

खबर के मुताबिक वेश्यावृति की दुनिया से निकाल कर लाई गई बेटिया अब अपनी नई जिन्दगी में बेहद खुश हैं. हालांकि, इन बेटियों के सीने में पुराने जख्म आज भी ज़िंदा है और शायद यही वजह है कि यह बेटिया अब अपने गुनहगारों को सलाखों के पीछे देखना चाहती है. इन्हीं 6 लड़ियों में से जब जी मीडियी ने बात की तो पता चला की वह मात्र तेरह साल की जब उसका अपहरण किया गया. 

अपनी पुरानी जिन्दगी को याद करती हुई मासूम ने बताया कि उसके गांव का नाम मुरलीडांगी है. लेकिन उसे नहीं पता कि यह गांव किस राज्य के किस जिले में है. अपने ही गांव में एक दिन माता पिता के बीच हुए झगड़े के बाद मां तो किसी के साथ मोटर साइकिल पर बैठ कर रवाना हो गई लेकिन बाद में एक मोटर साइकिल पर आए महिला और पुरुष ने उस सहित उसकी दोनों बहनों को मां से मिलवाने के नाम पर अपनी मोटर साइकिल पर बैठाया और एक झोपड़ी में ले गए.

हालांकि अभी उसका और उसकी उसकी बहनों के सौदागर गिरफ्तार किए जा चुके हैं. जिनेस पूछताछ में यह बात साने आई कि आरोपी लक्ष्मण ने चालीस हजार रूपये हर बच्ची को बेच दिया था. वहीं इस मासूम बेटी ने इस बात का भी खुलासा किया कि बच्चियों को अगवा करने और बाद में वेश्यावृति के धंधे में उतारने वाले इस गिरोह के पास अभी भी दर्जनों बच्चियां मौजूद हैं, जिन्हें अगवा कर राजस्थान लाया गया है. 

इस पूरे मामले में जो तथ्य जी मीडिया के सामने आए हैं वो इस बात का खुलासा करते है कि इस पूरे मामले में पुलिस को अभी भी बड़े स्तर पर काम करने की जरूरत है. जरूरत इस बात की भी है कि जो आरोपी पुलिस कार्यवाही से बच्चे के लिए फरार हो चुके है उनकी जल्द से जल्द गिरफ्तारियां हो. वहीं जो मासूम बच्चियां अभी आरोपी सनी और राहुल के पास है उन्हें भी जल्दी उनके चंगुल से बचा कर लाया जाए.