तेलंगाना में हुआ दुनिया की सबसे बड़ी लिफ्ट सिंचाई परियोजना 'कालेश्‍वरम' का लोकार्पण
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तेलंगाना में हुआ दुनिया की सबसे बड़ी लिफ्ट सिंचाई परियोजना 'कालेश्‍वरम' का लोकार्पण

करीब 80 हजार करोड़ के इस प्रोजेक्‍ट के उद्घाटन से पहले तेलंगाना के सीएम के. चंद्रशेखर राव एवं उनकी पत्‍नी ने गोदावरी माता की विधिवत पूजा भी की

तेलंगाना में विश्‍व के सबसे बड़े लिफ्ट सिंचाई परियोजना 'कालेश्‍वरम' का लोकार्पण किया गया

नई दिल्ली: तेलंगाना के जयशंकर भुपलपल्‍ली जिले के मेडीगड्डा में विश्‍व के सबसे बड़े लिफ्ट सिंचाई परियोजना 'कालेश्‍वरम' का लोकार्पण किया गया. इस आयोजन के मौके पर तीन राज्यों के मुखिया कार्यक्रम स्थल पर मौजूद थे. 21 जून को तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव आंध्रप्रदेश के सीएम जगनमोहन रेड्डी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस कालेश्वरम परियोजना के उद्घाटन कार्यक्रम में शरीक हुए. इसके अलावा तेलंगाना वं आंध्र प्रदेश के राज्‍यपाल श्री ई.एस.एल. नरसिम्‍हन भी कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहे. आपको बता दें कि करीब 80 हजार करोड़ के इस प्रोजेक्‍ट के उद्घाटन से पहले तेलंगाना के सीएम के. चंद्रशेखर राव एवं उनकी पत्‍नी ने गोदावरी माता की विधिवत पूजा भी की. आपको बता दें कि यह परियोजना कई मामलों में अनोखी है.

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इस वजह से बनी यह लिफ्ट सिंचाई परियोजना
लगभग 82000 करोड़ रुपयों के लागत वाली यह परियोजना मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MEIL) और भेल (BHEL) के (60%-40%) सहयोग से  महज तीन साल में तैयार हुई है. एमईआईएल के निदेशक श्रीनिवास रेड्डी के मुताबिक तेलंगाना की भौगोलिक स्थिति की वजह से गोदावरी सहित कई नदियों के होने के बावजूद इसके पानी का फायदा राज्य के लोगों को नहीं मिला पाता था. दरअसल, गोदावरी नदी समुद्र तल से सौ मीटर ऊपर बहती है तो तेलंगाना गोदावरी से करीब 650 मीटर ऊपर स्थित है. इसी वजह से तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर ने गोदावरी नदी के पानी को लिफ्ट कराने की योजना बनाई.

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बारिश के पानी को किया जाएगा संचयित
इस परियोजना में बारिश के दिनों का पानी जमीन के नीचे बने 20 जलाशयों में सुरक्षित किया जाएगा. जिसके बाद जरूरत पड़ने पर पंप हाउसों के जरिए जमीन पर लाया जाएगा और उसे सिंचाई एवं अन्य जरूरी कामों के लिए नहरों के जरिए जरूरतमंदों तक पहुंचाया जाएगा. यही बात इस परियोजना को अनोखा बनाता है क्योंकि जो पानी (फ्लड वाटर) आम तौर पर पहले यूं ही बह जाया करता था अब उसे जरूरत के वक्त के लिए संरक्षित किया जा सकेगा. यही नहीं इतनी बड़ी परियोजना की एक खास बात यह भी है कि कई जिलों को कवर कर रही इस परियोजना में भूमि-अधिग्रहण भी नाम मात्र का ही किया गया है क्योंकि परियोजना का अधिकतर भाग अंडरग्राउंड है.

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तेलंगाना के साथ-साथ महाराष्ट्र और आंध्रप्रदेश को भी होगा फायदा
इस परियोजना में 19 पंप हाउसों में कुल 88 पंप और 20 लिफ्ट लगाई गई हैं. परियोजना में पंप हाउसों की मदद से एक दिन में 3 टीएमसी पानी जमीन के नीचे स्थित जलाशयों से जमीन पर लिफ्ट करने की योजना है. जानकारी के मुताबिक इससे तेलंगाना के 13 जिलों के 18 लाख एकड़ जमीन की सिंचाई के अलावा राज्य का पेयजल संकट दूर हो जाएगा. जबकि महाराष्ट्र और आंध्रप्रदेश के कई जिलों में जल आपूर्ति भी की जाएगी.

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